भोपाल/आगर। मध्यप्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। इन उपचुनाव में अगर कांग्रेस को जीत मिलती है तो पार्टी अपने दम पर विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल कर सकती है। सूत्रों का कहना है कि जौरा विधानसभा सीट की जिम्मेदारी ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिल सकती है वहीं, आगर विधानसभा सीट की जिम्मेदारी नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्धन सिंह को मिल सकती है।
झाबुआ की तर्ज पर चुनाव लड़ेगी कांग्रेस:-
सूत्रों का कहना है कि आगर और जौरा विधानसभा सीट पर कांग्रेस झाबुआ की तर्ज पर चुनाव लड़ सकती है। कांग्रेस और भाजपा ने उपचुनाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। ये दोनों सीटें कांग्रेस को पूर्ण बहुमत तक लेजा सकती हैं, इसलिए चुनाव की कमान खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ संभाल सकते हैं। झाबुआ चुनाव की तरह इन दोनों सीटों में भी कांग्रेस नाराज नेताओं को एक मंच पर लाने की योजना बना रही है। वहीं, सीएम कमलनाथ दोनों सीटों को फोकस करते हुए अपना दौरा तैयार कर रहे हैं। कांग्रेस यहां भी झाबुआ की तरह बूथ मैनेजमेंट पर फोकस करेगी। इसके लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
स्थानीय नेताओं को तवज्जो देगी भाजपा:-
झाबुआ की हार से सबक लेते हुए भाजपा इन दोनों सीटों पर बड़े नेताओं की भीड़ की जगह स्थानीय नेताओं को तवज्जों देने की योजना बना रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों सीटों के उपचुनाव हैं। वीडी शर्मा ने कहा- प्रदेश की कांग्रेस सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। जनता सरकार से नाराज है और भाजपा का साथ देने वाली है। हम दोनों विधानसभा उपचुनाव में जीत हासिल करेंगे।
अगले सप्ताह शुरू होगी प्रक्रिया:-
कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा- कांग्रेस दोनों उपचुनाव की तैयारी कर रही है। सरकार के काम और कार्यकर्ताओं की मेहनत से हम जीत हासिल करेंगे। उम्मीदवार तलाशने की प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होगी।
क्यों हो रहे हैं उपचुनाव:-
जौरा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बनवारी लाल शर्मा और आगर विधानसभा सीट से भाजपा के मनोहर ऊंटवाल के निधन के बाद दोनों सीटें खाली हुई हैं।
