भोपाल. 17 राज्यों की 55 राज्यसभा सीटों के लिए 26 मार्च को वोटिंग होनी है। मध्यप्रदेश की तीन सीटें खाली हो रही हैं। इन तीन सीटों में कांग्रेस के खाते में दो सीटें जा सकती हैं जबकि भाजपा के खाते में एक सीट जा सकती है। कांग्रेस की तरफ से एक के बाद एक कई दावेदार सामने आ रहे हैं। कभी भाजपा के खास रहे दो दिग्गज नेताओं ने भी राज्यसभा के लिए दावेदारी पेश की है। कांग्रेस नेता रामकृष्ण कुसमारिया ने जहां राज्यसभा जाने की मांग की है वहीं, सरताज सिंह ने कहा है कि कांग्रेस जहां चाहे मेरा उपयोग कर सकती है।
भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे रामकृष्ण कुसमारिया:-
रामकृष्ण कुसमारिया ने भी टिकट के लिए दावेदारी की है। विधानसभा चुनाव में भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर रामकृष्ण कुसमारिया ने पार्टी छोड़ दी थी और निर्दलीय चुनाव लड़े थे। लेकिन रामकृष्ण कुसमारिया को हार का सामना करना पड़ा था। उसके बाद रामकृष्ण कुसमारिया ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। रामकृष्ण कुसमारिया भाजपा से सांसद और शिवराज सरकार में मंत्री भी रह चुके थे। रामकृष्ण कुसमरिया ने कांग्रेस को राज्य में सत्ता दिलाने का इनाम मांगा है। उन्होंने कहा है कि उनके कारण ही बुंदेलखंड में कांग्रेस ने 11 सीटें जीती हैं। इस कारण उन्हें राज्यसभा भेजा जाना चाहिए।
वहीं, 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल होने वाले पार्टी के सीनियर लीडिर सरताज सिंह ने कहा है कि पार्टी उनका इस्तेमाल जहां चाहे कर सकती है। उन्होंने खुले तौर पर राज्यसभा की टिकट की मांग नहीं की है लेकिन जानकारों का कहना है कि उन्होंने अपना दावा पेश कर दिया है।
दिल्ली दौरे पर सीएम कमलनाथ:-
वहीं, दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ आज दिल्ली दौरे पर हैं। वो यहां पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। बताया जा रहा है कि इस मीटिंग में सीएम कमलनाथ राज्यसभा को लेकर चर्चा कर सकते हैं। प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के साथ भी 3 मार्च को सीएम कमलनाथ की मीटिंग प्रस्तावित है।
कौन सी सीटें हो रही हैं खाली:-
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की 11 सीटें हैं। 3 सीटों का कार्यकाल 2020 में पूरा हो रहा है। जिन सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें कांग्रेस के दिग्विजय सिंह, भाजपा के प्रभात झा और पूर्व मंत्री सत्य नारायण जाटिया का है।
कांग्रेस में कई दावेदार:-
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के कई दावेदार हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह इस रेस में सबसे आगे हैं। इसके अलावा, अरुण यादव, अजय सिंह का नाम भी दावेदारों की सूची में शामिल है।
