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Monday, March 2, 2020

प्रदेश अध्यक्ष के साथ शिवराज की सीक्रेट मीटिंग, राज्यसभा चुनाव में बड़ा दांव खेल सकती है भाजपा

भोपाल. मध्यप्रदेश की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस बड़ा दांव खेल सकती है। राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा नई राणनीति पर काम कर रही है। भाजपा ने राज्यसभा चुनाव की तैयारियों शुरू कर दी हैं। शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ प्रदेश भाजपा कार्यालय में अलग-अलग मंत्रणा की। दोपहर में शिवराज भाजपा कार्यालय पहुंचे। शिवराज और वीडी शर्मा के बीच लगभग आधे घंटे तक अकेले में चर्चा हुई। इसके बाद देर शाम गोपाल भार्गव ने प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंच कर शर्मा के साथ चर्चा की।

प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत भी शनिवार देर शाम प्रवास से वापस लौट आए हैं। वीडी शर्मा और भगत भी रविवार को बैठक करेंगे। सूत्रों के मुताबिक पार्टी के बड़े नेता एक बार राज्यसभा के पैनल के लिए नाम फाइनल करने के बाद प्रदेश चुनाव समिति की बैठक बुलाएंगे। प्रदेश चुनाव समिति में औपचारिक सहमति के बाद पैनल राष्ट्रीय संगठन को भेजा जाएगा। राज्यसभा के लिए अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।

एससी-एसटी को भेज सकती है पार्टी:-
विधानसभा में विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा को सीधे-सीधे एक सीट मिलती नजर आ रही है, लेकिन भाजपा दो उम्मीदवार मैदान में उतार कर वोटिंग की नौबत लाने की तैयारी में है। भाजपा की ओर से राज्यसभा में जाने के लिए मौजूदा सदस्य और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा के साथ ही एक राष्ट्रीय महासचिव दावेदारी कर रहे हैं। भाजपा इस चुनाव में अनुसूचित जाति या जनजाति के उम्मीदवार को भी मैदान में उतार सकती है। शिवराज सरकार के दो पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य और रंजना बघेल इस कोटे से दावेदारी कर रहे हैं।

भाजपा को एक सीट का नुकसान:-
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटें खाली हो रही हैं। इन तीन सीटों में से दो सीटें भाजपा की हैं। इस बार मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार होने के कारण भाजपा के खाते में एक सीट जा रही है। भाजपा को एक सीट का नुकसान होता दिखाई दे रहा है। वहीं, माना जा रहा है कि कांग्रेस भी एससी-एसटी कोटे से सीट देना चाहती है। वहीं, दावेदारों के नाम पर देखें तो राज्यसभा के लिए भाजपा-कांग्रेस के कई दावेदार सामने आ रहे हैं।