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Sunday, March 22, 2020

ज्योतिरादित्य सिंधिया का अगला प्लान है 'मिशन मई', खुले मंच से करेंगे ऐलान

भोपाल. मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिर गई है। संख्याबल के हिसाब से मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार बनना तय है। कांग्रेस के जिन 22 बागी विधायकों के कारण कमलनाथ की सरकार गिरी है वो सभी नेता शनिवार को नई दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए। ज्योतिरादित्य सिंधिया के मौजूदगी में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। सदस्यता दिलाने के बाद मीडिया से बात करे हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पार्टी सभी 22 पूर्व विधायकों को उपचुनाव में टिकट देगी।
क्या है सिंधिया का अगला प्लान:-
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक नेताओं ने कांग्रेस से बगावत की और सिंधिया के प्रति वफादर रहे। ज्योतिरादित्य सिंधिया अब अपने वफादरों का कर्ज उतारने के लिए एक नया प्लान बना रहा हैं। इस प्लान में उनके साथ मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत पार्टी के कई सीनियर नेता भी शामिल होंगे। माना जा रहा है मध्यप्रदेश की 24 सीटों में मई में उपचुनाव हो सकते हैं। जिसके देखते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी तैयारियों शुरू कर दी हैं क्योंकि कांग्रेस के बागी पूर्व विधायकों को जीत दिलाने की जिम्मेदारी अब ज्योतिरादित्य सिंधिया की होगी।
कई नेताओं को मिलेगा मंत्रालय:-
सिंधिया समर्थक विधायकों को 6 से 7 नेताओं को नई सरकार में मंत्रालय भी मिल सकता है। ऐसे में ज्योतिरादित्य सिंधिया ही सबसे बड़ा चेहरा होंगे जो इन्हें जीत दिला सकते हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने 18 समर्थक पूर्व विधायकों के लिए जमकर प्रचार किया था। अब उपचुनाव में इन नेताओं को जीत दिलाने में ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक बार फिर से मध्यप्रदेश में सक्रिय होना पड़ेगा। इस बार ज्योतिरादित्य सिंधिया खुले मंच से कांग्रेस पर हमला बोलेंगे और उनके निशाने पर होंगे मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और दिग्विजय सिंह।
ग्वालियर-चंबल से ज्यादा सीटें खाली:-
कांग्रेस के बगावत करने वाले नेताओं में ज्यादातर ग्वालियर-चंबल के हैं। सिंधिया समर्थक 18 विधायकों में से 13 विधायक ग्वालियर-चंबल संभाग के हैं और यहां ज्योतिरादित्य सिंधिया सबसे लोकप्रिय चेहरा हैं। सिंधिया के साथ इस बार नरेन्द्र सिंह तोमर, शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा भी होंगे। नरेन्द्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा ग्वालियर-चंबल से आते हैं जबकि शिवराज सिंह चौहान का भी इस क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है। सिंधिया का 'मिशन मई' अपने समर्थकों को जीत दिलाकर भाजपा की सरकार को स्थिर करना है।
क्या स्थिति है मौजूदा समय में:-
मध्यप्रदेश में विधानसभा की 230 सीटें हैं 24 सीटें खाली हैं और भाजपा के पास 106 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के पास केवल 92 विधायक ही है। भाजपा को मध्यप्रदेश में पूर्ण बहुमत के लिए 10 सीटों की जरूरत है। ऐसे में 24 सीटों में होने वाले उपचुनाव में भाजपा 10 से ज्यादा सीटें जीतकर अपनी सरकार को स्थिर करने की कोशिश में होगी।