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Tuesday, June 2, 2020

6/02/2020 06:24:00 AM

यहां एक और BJP विधायक कोरोना की चपेट में, अभी तक 3 हो चुके हैं संक्रमित

गुजरात में कोरोना का संक्रमण कम नहीं हो रहा है। आम आदमी से लेकर नेता -विधायक भी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। अहमदाबाद में भाजपा के निकोल के विधायक जगदीश पंचाल के बाद अब एक और विधायक कोरोना से संक्रमित पाये गये हैं। नरोड़ा विधानसभा से भाजपा के विधायक बलराम थवानी की सोमवार को कोरोना रिपोर्ट पोजिटिव आयी है उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है।
अहमदाबाद नरोड़ा के विधायक बलराम थवाणी द्वारा लोगों को राशन कीट वितरित करते समय कोरोना का संक्रमण लगने की संभावना है। हालाकि बलराम थवाणी को कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। इसके बाद भी उनकी रिपोर्ट कोरोना पोजिटिव आयी है। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती काराया गया है। बीती रात अहमदाबाद के हाटकेश्वर-भाईपुरा वोर्ड के भापजा के नगर सेवक गया प्रसाद कनोजिया को भी अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी। इसके बाद उन्हें सरदार वल्लभभाई पटेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें भी कोरोना होने का बताया जा रहा है।
अहमदाबाद में अभी तक सात नगर सेवक और तीन विधायक कोरोना संक्रमित पाये गये है। कांग्रेस के सीनियर लीड़र व बेहरामपुरा के नगर सेवक ग्यासुद्दीन शेख की इस बीमारी से मौत भी हो चुकी है। इससे पहले कांग्रेस के विधायक इमरान खेड़ावाला और भाजपा के विधायक जगदीश पंचाल कोरोना पोजिटिव पाये गये थे।
इमरान खेड़ावाला उपचार के बाद ठीक हो चुके हैं। महानगर पालिका में विपक्ष के नेता दिनेश शर्मा और उनकी पुत्र अर्पण शर्मा भी कोरोना पोजिटिव है। उनका एसवीपी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गुजरात में अभी तक कोरोना संक्रमण के कुल 16,794 मामले सामने आ चुके हैं। अकेले अहमदाबाद में 11 हजार से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हैं। अहमदाबाद में कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा भी अधिक है।

Saturday, May 16, 2020

5/16/2020 06:20:00 AM

सब्‍जी, किराना बेचने वाले 12 हजार व्‍यापारियों की स्‍क्रीनिंग, 700 निकले कोरोना पॉजिटिव

अहमदाबाद (गुजरात)। शहर में शुक्रवार से सब्जी एवं किराना की बिक्री शुरू की गई है। इससे पूर्व सुपर स्प्रेडर कहे जानेवाले इन व्यापारियों की स्क्रीनिंग की गई। इसमें से 700 की रिपोर्ट कोरोना पोजीटिव आयी है। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से कहा है कि वे खरीदी से पूर्व व्यापारी के हेल्थकार्ड की जाँच करें। जिनके पास हेल्थकार्ड है उन्ही के पास से खऱीदी करें।
राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव गुप्ता ने कहा है कि अहमदाबाद शहर में तकरीबन 33 हजार सुपर स्प्रेडर की स्क्रीनिंग की गयी। इनमें से 12000 सुपर स्प्रेडर्स का कोरोना टेस्ट किया गया। इनमें से 700 लोगों का कोरोना पोजीटिव आया है। इनके सिवा सभी को हेल्थकार्ड दिया गया है। प्रधानमंत्री ने दो गज दूरी का नारा दिया है। लोग इसका पालन करें। इसके अतिरिक्त वे मास्क और ग्लोव्ज भी पहने।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने कहा कि अहमदाबाद में सब्जी, फल, दवाई, किराना की बिक्री की शुरूआत हुई है। हालात को सामान्य बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। विशाल व्यवस्था का संचालन किया गया है। माल सामान की आपूर्ति भी की जा रही है। शहर में 17 विक्रेताओं की स्क्रीनिंग जारी है। आज शुक्रवार सुबह आठ से तीन बजे तक बिक्री जारी रहेगी।
उन्होंने अहमदाबाद के नागरिकों से अपील की है कि सुबह आठ से 11 बजे तक केवल महिलाएं और बच्चे ही खरीदी के लिए निकलें। पुख्त आयु के लोग 11 बजे के बाद खरीदी के लिए जाये। इससे खरीदी स्थलों पर भीड़ नहीं होगी। सोशियल डिस्टेसिंग का पालन होगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक खरीदी न करें। खरीदी करते समय दो गज की दूरी बनाय रहें। मास्क पहनना भी आवश्यक है। खरीदी के बाद घर आने पर कपडा बदल डाले। उन्होंने हाथ धोने और नहाने की सलाह भी दी है।

Monday, April 27, 2020

4/27/2020 04:25:00 PM

कोरोना के चलते गुजरात में इतनी मौतें क्यों.? जानें क्या है इसका वुहान (चीन) कनेक्शन

अहमदाबाद। गुजरात में कोविड-19 के कारण ज्यादा मृत्यु दर की वजह इस वायरस के एल-टाइप स्ट्रेन की बहुलता बताई जा रही है। कोरोना वायरस के कई रूप यानी स्ट्रेन हैं जिनमें से उसके एल-स्ट्रेन वाले रूप को काफी घातक माना जाता है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के मामलों में महाराष्ट्र के बाद गुजरात दूसरे नंबर पर है। यहां 3301 लोगों कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वहीं 313 लोगों की मौत हो चुकी है तो 151 मरीज ठीक होने के बाद डिसचार्ज किए जा चुके हैं।
एल रूप वाला वायरस ही चीन के वुहान में भी बहुलता पाई गई थी। एल-स्ट्रेन वाला वायरस एस-स्ट्रेन वाले वायरस की अपेक्षा ज्यादा घातक होता है। गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर के एक वैज्ञानिक ने भी गुजरात में एल-स्ट्रेन वाले वायरस की पुष्टि की है। इस सेंटर के सीजी जोशी ने यह भी बताया कि एल-स्ट्रेन वाले वायरस के ज्यादा खतरनाक होने के कारण ही वुहान में तबाही मचाई थी। 
एल टाइप स्ट्रेन नाम का ये स्ट्रेन काफी घातक है और गुजरात में मौत की दर ज्यादा होने के पीछे ये एक बड़ी वजह हो सकता है। वहीं केरल में इसका S टाइप स्ट्रेन मिल रहा है, जो अपेक्षाकृत कमजोर है और वहां पर मौत की दर कम होने के पीछे ये भी वजह हो सकती है। वहीं कई जानकारों का मानना है कि एल स्ट्रेन वायरस के दूसरे प्रकार एस टाइप स्ट्रेन से काफी घातक होता है। दुनिया में जहां भी मौतों की दर ज्यादा है, वहां वायरस का यही स्ट्रेन मिला है।
कोविड: गुजरात में हालात इटली-फ्रांस से बेहतर होने का दावा:-
गुजरात के स्वास्थ्य विभाग की एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि गुजरात की आबादी इटली, फ्रांस और स्पेन के लगभग बराबर है, लेकिन पहला मामला सामने आने के 35 दिन बाद प्रदेश में इन तीनों यूरोपीय देशों के मुकाबले कोरोना वायरस के कम मामले हैं।
राज्य की प्रधान स्वास्थ्य सचिव जयंती रवि ने कहा कि यह मुख्यत: लॉकडाउन और नियंत्रण संबंधी रणनीति जैसे कदमों की वजह से है। उन्होंने बताया कि गुजरात में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के 35 दिन बाद संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3,071 तक पहुंच गई है, जबकि इटली में इतने ही दिनों में 80,536, फ्रांस में 56,972 और स्पेन में 94,410 मामले सामने आए थे।
अधिकारी ने कहा कि इटली की आबादी 6.04 करोड़, फ्रांस की 6.5 करोड़, स्पेन की 4.7 करोड़ और गुजरात की 6.25 करोड़ है। उन्होंने कहा-इससे पता चलता है कि लॉकडाउन और विदेशों से लौट रहे लोगों को तत्काल पृथक करने की रणनीति जैसे विभिन्न कारकों ने बीमारी के प्रसार को रोकने में मदद की है। अधिकारी ने कहा कि बीसीजी टीके के इस्तेमाल और इन तीनों यूरोपीय देशों के मुकाबले गुजरात में गर्म जलवायु जैसे कारकों ने भी वायरस के प्रसार को रोकने में भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा-यह तुलना सिर्फ हमारी सूचना के लिए है, देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में महाराष्ट्र के बाद गुजरात दूसरे नंबर पर है। गुजरात में बीमारी से निपटने के लिए 61 अस्पतालों में 10,500 बिस्तर और लक्षणमुक्त रोगियों की देखभाल के लिए 150 केंद्रों में 22,385 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। राज्य में जांच क्षमता भी बढ़ाकर 3,770 नमूने प्रतिदिन कर दी गई है।  
4/27/2020 04:23:00 PM

ऑनलाइन लूडो में 3 बार पत्नी ने हराया, गुस्साए पति ने तोड़ दी रीढ़ की हड्डी

वडोदरा। कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू है। इस दौरान लोग ऑनलाइन गेम्स खेलकर अपना समय बिता रहे हैं। हालांकि, घर में रहने की वजह से घरेलू हिंसा के मामले भी 95 फीसदी तक बढ़ गए हैं। ताजा घटना गुजरात के वडोदरा में सामने आई है, जहां पर लूडो को लेकर पति और पत्नी के बीच झगड़ा हो गया। इसके बाद पति ने पत्नी की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, वडोदरा की रहने वाली 24 वर्षीय महिला ने अपने पति को लूडो में लगातार तीन से चार बार हरा दिया। 181 अभयम हेल्पलाइन के काउंसलर ने बताया कि महिला परिवार चलाने के लिए अपने घर में ट्यूशन पढ़ाती है। उसने पति से लॉकडाउन के दौरान घर में रहने और समय बिताने के लिए ऑनलाइन लूडो खेलने के लिए कहा।
लूडो में लगातार हारने के बाद पति और पत्नी के बीच झगड़ा होने लगा। इसके बाद पति ने उसकी पिटाई शुरू कर दी। काउंसलर ने कहा, 'हो सकता है कि पत्नी से हारने के बाद पति का ईगो हर्ट हो गया हो।' महिला का पति एक प्राइवेट इलेक्ट्रॉनिक कंपनी में काम करता है। वहीं, महिला ने खुद ब्यूटीशियन का कोर्स किया हुआ है और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है। मारपीट की इस घटना के बाद पति ने पत्नी से माफी मांग ली, जिसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से इंकार कर दिया।
लॉकडाउन में बढ़े घरेलू हिंसा के मामले:-
वहीं, लॉकडाउन के दौरान देशभर में घरेलू हिंसा के मामले 95 फीसदी तक बढ़ गए हैं। पिछले दिनों राष्ट्रीय महिला आयोग ने देशव्यापी बंद से पहले और बाद के 25 दिनों में विभिन्न शहरों से मिली शिकायतों के आधार पर यह दावा किया। आयोग की मानें तो महिलाओं से घरेलू हिंसा के मामले लगभग दोगुने बढ़ गए हैं। आयोग ने इस साल 27 फरवरी से 22 मार्च के बीच और लॉकडाउन के दौरान 23 मार्च से 16 अप्रैल के बीच मिली शिकायतों की तुलना के बाद आंकड़े जारी किए हैं। इसके मुताबिक, बंद से पहले आयोग को घरेलू हिंसा की 123 शिकायतें मिली थीं जबकि लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन व अन्य माध्यम से घरेलू उत्पीड़न के 239 मामले दर्ज कराए गए। 

Friday, April 24, 2020

4/24/2020 06:10:00 AM

ऐसा दानवीर- जरूरतमंद 500 लोगों को बांटा 1-1 किलो आटा, फिर उन पैकेटों से निकले 15-15 हजार रुपए नगद

गुजरात। लॉकडाउन के बीच गरीबों एवं अन्य वंचित तबके के लिए कई सामाजिक संस्थाएं और संपन्न सेठ खाने-पीने की मदद दे रहे हैं। यहां सूरत में गोराट स्थित कॉजवे रोड इलाके के कुछ लोगों ने मदद का अनोखा तरीका अपनाया है। उन्होंने गरीबों-भिखारियों को 1-1 किलो आटा देने की घोषणा की। जरूरतमंद लोग उन पैकेट्स को लेकर रवाना हो गए। उसके बाद जैस ही उन्होंने आटे के पैकेट खोले तो आटे के साथ ही 15-15 हजार रुपए निकले। यह देख वे दंग रह गए और खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
इस तरह की नेकदिली का एक वीडियो सामने आया है। इसमें आप देख सकते हैं कि, कैसे आटे ​के साथ रुपए निकले। संवाददाता ने बताया कि, यह वाकया रांदेर क्षेत्र में देर रात का है, जब एक ट्रक इलाके से गुजरा। ट्रक में बैठे शख्स ने 1-1 किलो आटा देने की घोषणा करते हुए जरूरतमंदों को बुलाया गया। कुछ लोग आकर 1-1 किलो आटे का पैकेट ले गए। लेकिन इस पैकेट को खोलने पर उसमें से आटे के साथ 15 हजार रुपये देखकर वे दंग रह गए और ऐसी मदद करने वाले को दिल से दुआएं देने लगे।
कई लोगों ने कहा कि, कोरोना के कारण हॉट स्पॉट्स घोषित किए जा चुके गोराट इलाके में 3 दिनों पहले भी एक ट्रक आया था। उस ट्रक में बैठा व्यक्ति 1-1 किलो आटा वाले पैकेट बांट रहा था। सिर्फ एक किलो आटे के लिए कई लोगों ने तो उठने की कोशिश ही नहीं की, लेकिन सही मायनों में जरूरतमंद लोग आटे का पैकेट ले गए।
ट्रक कुछ-कुछ दूरी पर रुकती रहा और उससे तकरीबन 500 से ज्यादा आटे के पैकेट बांटे गए। इन पैकेट को खोलने पर आटे के साथ-साथ ही 15 हजार रुपये नकद निकलने पर इसे लेने नहीं गए लोग खुद को कोसने लगे। हालांकि यह ट्रक किसका था, या किसने भेजा इसका किसी को पता नहीं लगा। कुछ लोगों ने कहा कि, मजीद पठान नामक व्यक्ति ने लोगों की मदद के लिए यह अनूठा तरीका अपनाया।
खुद की पहचान भी नहीं बताई:-
इस मामले में खास बात यह भी है कि, अमूमन मदद करने वाला व्यक्ति अपनी प्रसिद्ध के लिए फोटो-वीडियो बनाता है, लेकिन ऐसी मदद देने वाले व्यक्ति ने जानबूझकर किसी को अपना नाम तक नहीं बताया। उसने 500 से भी ज्यादा लोगों को 15 हजार बांट दिए। उसकी इस दिलेरी की चर्चा पूरे राज्य में होने लगी है। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर वीडियो चल रहे हैं। लोग उसे दाद दे रहे हैं।

Friday, March 13, 2020

3/13/2020 11:26:00 AM

MP की तर्ज पर गुजरात यहां 35 कांग्रेस विधायकों ने दी इस्तीफे की धमकी

अहमदाबाद। मध्यप्रदेश की तरह गुजरात कांग्रेस में भी बगावत के सुर सुनाई पड़ने लगे हैं। राज्यसभा चुनाव से पहले विधायकों का रवैया कांग्रेस के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। ताजा घटनाक्रम में राज्य के 35 विधायकों ने इस्तीफे की धमकी दी है।
दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम को राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक गुजरात कांग्रेस की तरफ से राज्यसभा के लिए भारतसिंह सोलंकी और अर्जुन मोढवाडिया का नाम आगे किया गया था, जिसे हाईकमान ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया और अपनी तरफ से शक्ति सिंह गोहिल और राजीव शुक्ला का नाम आगे बढ़ा दिया।
बताया जा रहा है कि हाईकमान के इसी रुख को लेकर गुजरात कांग्रेस में काफी नाराजी है और यहां कुछ विधायकों ने बागी तेवर अपना लिए हैं। इतना ही नहीं 35 विधायकों ने इस्तीफे की धमकी भी दे दी है।
विधायकों का मानना है कि राज्यसभा उम्मीदवार स्थानीय तथा विधायकों की पसंद का होना चाहिए। हालांकि विधायकों की धमकी के बाद हाईकमान के लोग भी सक्रिय हो गए हैं। माना जा रहा है कि पार्टी नामों पर पुनर्विचार कर सकती है।

Wednesday, March 11, 2020

3/11/2020 10:33:00 AM

ससुराल में हुई थी चार महीने पहले प्लानिंग, पढ़िए ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे की इनसाइड स्टोरी

गुजरात। ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर एक साल के कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। हालांकि तमाम कयासों को वह वक्त के साथ खुद ही खारिज करते रहे हैं। मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार बनने के चौदह महीने बाद आखिर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तमाम कयासों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही कांग्रेस ने भी इस्तीफा मंजूर कर लिया है।
सिंधिया के इस्तीफे के बाद उनके समर्थकों ने भी इस्तीफा देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के नेता अब उन्हें गद्दार बता रहे हैं। लेकिन सबके मन में एक सवाल है कि आखिर सिंधिया के इस्तीफे की कहानी क्या है। कैसे पीएम मोदी और अमित शाह से इनकी डील हुई है। इस्तीफे की पूरी पटकथा चार महीने पहले सिंधिया के ससुराल में लिखी गई थी। अब उसे अमलीजामा पहनाया गया है।
पीएम मोदी से की मुलाकात:-
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पीएम मोदी से दिल्ली में मुलाकात के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दिया है। जानकारी के अनुसार इसकी प्लानिंग एक बड़ौदा में एक फैमिली पार्टी के दौरान हुई थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया का ससुराल बड़ौदा राजघराने में हैं। बड़ौदा महाराज से पीएम मोदी के अच्छे संबंध हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपने सोशल प्रोफाइल से कांग्रेस का नाम हटा दिया था।
गुजरात में है ससुराल:- 
ज्योतिरादित्य सिंधिया का ससुराल बड़ौदा में है। उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया बड़ौदा के गायकवाड़ मराठा राजरिवार से हैं। सिंधिया का इस वजह से गुजरात अक्सर आना जाना होता है। जबकि सिंधिया की सास नेपाल राजघराने से ताल्लुक रखती हैं। प्रियदर्शनी से ज्योतिरादित्य सिंधिया का विवाह 12 दिसंबर 1994 को हुआ है। बताया जाता है कि बड़ौदा महाराज से प्रधानमंत्री मोदी से अच्छे रिश्ते हैं। यहीं वजह है कि पीएम मोदी ने पहली बार लोकसभा चुनाव भी बड़ौदा से ही लड़े थे।
नवंबर में सिंधिया गए थे बड़ौदा:- 
जानकारों के अनुसार ज्योतिरादित्य सिंधिया नवंबर में बड़ौदा गए हुए थे। बड़ौदा महाराज के यहां कोई पारिवारिक फंक्शन था। जिसमें परिवार के सभी लोग एकत्रित हुए थे। बताया जा रहा है कि किसी सदस्य का शादी समारोह था। यहां सियासी जगत के भी कई लोग पहुंचे थे। सियासी हलकों में यह चर्चा है कि यहीं पर बड़ौदा महाराज के साथ सिंधिया ने अपनी वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चा की।
यहीं हुई प्लानिंग:-
चर्चा है कि इस समारोह में सिंधिया के राजनीतिक भविष्य को लेकर बात हुई। क्योंकि कांग्रेस में सिंधिया बिल्कुल ही अलग-थलग पड़ गए थे। पार्टी न तो उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देने को तैयार थी और न ही राज्यसभा भेजने को। ऐसे में सिंधिया के पास कोई रास्ता नहीं बचता था। बड़ौदा महाराज से नरेंद्र मोदी के रिश्ते जगजाहिर हैं। इसी फैमिली पार्टी में सिंधिया के आगे की सियासी सफर पर चर्चा हुई। उसके बाद सिंधिया आगे की तैयारी में जुट गए थे। आखिरकार उन्होंने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस ने कभी सिंधिया को दी थी बड़ौदा की जिम्मेदारी:-
ज्योतिरादित्य सिंधिया का ससुराल बड़ौदा राजघराने में है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने भी गुजरात चुनाव के दौरान उन्हें बड़ौदा क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी थी। बड़ौदा के आसपास की जो सीटें उसे जीताने की जिम्मेदारी सिंधिया को सौंपी गई थी। सिंधिया ने इस दौरान जाकर वहां प्रचार भी किया था।

Thursday, March 5, 2020

3/05/2020 06:15:00 AM

स्टेच्यू आफ यूनिटी देखने गया पूरा परिवार गायब, दो दिन बाद भी नहीं मिला सुराग

अहमदाबाद। विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू आफ यूनिटी का दिदार करने के लिए देश-विदेश से हजारों संख्या में यात्री आते है। यहां छुट्टियों के दिनों में तो स्टेच्यू आफ यूनिटी परिसर खचाखच भरा रहता है। लेकिन बीते रविवार को वड़ोदरा का एक परिवार स्टेच्यू आफ यूनिटी देखने के लिए गया पर अभी तक वापस अपने घर नहीं लौटा है। पूरे परिवार का संपर्क भी नहीं हो पाया है। जिसके कारण परिजनों ने इस संबंध में केवडिया पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवायी है।
जानकारी के मुताबिक नवापुरा-मेहबुबपुरा क्षेत्र के वणकरवास में रहते कल्पेश चंदुभाई परमार (35), पत्नी तृप्ति परमार (30) , माता उषा चंदुभाई परमार (55) और उनका 4 साल पुत्र अथर्व कल्पेश परमार और 7 साल की पुत्री नियति परमार के साथ अपनी सफेद रंग की अल्टों कार में केवडिया कोलोनी स्टेच्यू आफ यूनिटी देखने के लिए आये थे। इसके बाद वे सभी देर शाम स्टेच्यू आफ यूनिटी देखने के बाद वड़ोदरा जाने के लिए निकले थे। इसके बाद से इस परिवार को कोई अता-पता नहीं है।
केवड़िया पुलिस ने बताया कि एक मार्च को सुबह से लेकर शाम तक के सीसीटीवी फूटेज चैक किये गये है। इसमें कल्पेश भाई अपने पूरे परिवार के साथ सुबह स्टेच्यू आफ यूनिटी परिसर में दिखाई दिये थे। पूरे दिन स्टेच्यू आफ यूनिटी व आसपास के क्षेत्र में घुमने के बाद शाम 7.30 बजे वे अपने परिवार के साथ व वापस जाते हुए भी सीसीटीवी में दिखाई दे रहे हैं। लेकिन इसके बाद यह परिवार कहां गया कुछ पता नहीं है। पुलिस ने बताया कि कल्पेश भाई सी. परमार प्रिन्टिंग प्रेस का व्यवसाय करते थे।
उनके मित्रों और परिचितों से भी संपर्क किया गया है। लेकिन कहीं से भी इस परिवार के बारे में कोई सुराग नहीं मिल रहा है। पुलिस ने बताया कि मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच की जा रही है। इसके अलावा पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा भी छानबीन की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही पूरे परिवार का पता मिल जायेगा।

Wednesday, March 4, 2020

3/04/2020 02:22:00 PM

TikTok स्टार कीर्ति ने युवक पर किया जानलेवा हमला, मामला दर्ज, यह थी विवाद की वजह

सूरत (गुजरात)। टिक-टोक स्टार कीर्ति पटेल हमेशा विवादों में रहती हैं। इस बार वे फिर गलत कारण से चर्चा में हैं। कीर्ति ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। यह विवाद TikTok Video बनाने को लेकर हुआ था। पुलिस ने इस मामले में कीर्ति को गिरफ्तार कर लिया है। टिक-टोक वीडियो बनाने को लेकर हुए विवाद व मारपीट के आरोप में पूणागाम पुलिस ने मंगलवार को उसकी गिरफ्तारी की है। इससे पहले भी प्रतिबंधित जानवरों के साथ TikTok मामले में वन विभाग की ओर से उस पर कार्रवाई की चुकी है।
हनुमान जी की अदालत:- पुलिस व कोर्ट में जाने से पहले मंदिर में सुलझते हैं विवाद लिंक क्लिक करे
यह है विवाद की वजह:-
कीर्ति पटेल पर आरोप है कि कुछ दिनों पहले उसने घोड़े पर सवार होकर शादी करने का वीडियो बनाकर चैलेंज दिया था तो रघु भरवाड़ नामक युवक ने भी हाथी पर सवार होकर शादी करने का चैलेंज दिया था। इसे लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। बीते दिन कीर्ति पटेल युवक राघु भरवाड़ से मिलने गयी थी। इस दौरान किर्ती पटेल के साथ उसका दोस्त हनु भरवाड भी था।
पूणागाम पुलिस ने बताया कि उसने इस विवाद के चलते रघु भरवाड़ पर खूनी हमला कर दिया। उसने हनु भरवाड़ नामक शख्स के साथ मिलकर यह हमला किया था। इस हमले में रघु भरवाड़ घायल हो गया। उसने इस संबंध में सूरत के पूणागाम पुलिस थाने में कीर्ति पटेल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद कीर्ति पटेल खिलाफ जान से मारने की कोशिश धारा 307 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। पूणा पुलिस ने बताया कि कीर्ति पटेल ने पूणागाम व आसापास के इलाकों में सबको डराती-धमकी है। लोग उसके डर से पुलिस थाने में शिकायत दर्ज नहीं करवाते हैंं।
उल्‍लू को लेकर बनाया था विवादित वीडियो:-
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही वन विभाग की टीम ने कीर्ति पटेल को घुवड़ यानी उल्‍लू को लेकर वीडियो बनाने वाल दंड किया था। घुवड गुजरात सरकार द्वारा सरंक्षित प्राणियों की श्रेणी में आता है। इसके साथ का वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग ने उसे 15 हजार रुपये का दंड किया था। वीडियो बनाने वाले युवक को 10 हजार रुपये का दंड किया था।

Monday, March 2, 2020

3/02/2020 03:45:00 PM

अजब प्रेम की गजब कहानी, बच्चों की शादी से पहले दूसरी बार भागे समधी और समधिन, बेटा-बहू परेशान

सूरत (गुजरात)। के सूरत शहर में 'दूसरी नजर में प्‍यार' होने के बाद अपने बेटे की होने वाली सास के साथ फरार हुआ पिता एक बार फिर से चर्चा में है। करीब 17 दिनों तक हनीमून मनाने के बाद घर लौटा यह प्रेमी जोड़ा अब एक बार फिर से फरार हो गया है। बताया जा रहा है कि शनिवार को परिवार को बिना बताए यह कपल अपने-अपने घरों से फरार हो गया।
अपने माता-पिता की इस हरकत के बाद युवती और युवक ने शादी नहीं करने का फैसला किया था। सूत्रों ने बताया कि 45 वर्षीय बिजनसमैन के ससुराल वालों ने कई बार बैठक कर उन्‍हें यह समझाने का प्रयास किया कि 'दूसरी' महिला को भूल जाएं। एक सूत्र ने कहा, 'परिवार को यह पता चला कि वह अभी भी महिला के साथ संपर्क में हैं। इसके बाद उन्‍होंने उन्‍हें समझाना शुरू किया।'
सूत्रों ने बताया कि बिजनसमैन को समझाने का प्रयास जारी था कि इसी बीच शनिवार रात को अपने घर नहीं लौटा। इसके बाद परिवार के सदस्‍यों ने उनकी तलाश शुरू की। समुदाय के एक नेता ने बताया कि परिवार को संदेह था कि बिजनसमैन दूसरी महिला से मिलने गया होगा और इस संदेह को दूर करने के लिए एक सूत्र से मदद ली गई। उन्‍हें पता चला कि महिला भी अपने घर नहीं लौटी है।'
परिवार के सदस्‍य बोले, हम नहीं करेंगे तलाश
प्रेमी जोड़ी की इस हरकत के बाद दोनों ही के परिवार के सदस्‍यों ने उनकी तलाश नहीं करने का फैसला किया है। यह कपल जब पहली बार घर लौटा था तब महिला के पति ने कई बार प्रयास के बाद भी उसे अपने घर में घुसने नहीं दिया था। मजबूरन महिला को अपने मायके में शरण लेनी पड़ी थी। माना जा रहा है कि यह कपल अब वरक्षा इलाके में किराए के एक मकान में रह रहा है।
गत 8 फरवरी को घर लौटने के बाद बिजनसमैन ने दावा किया था कि अगर महिला को उनके पति नहीं अपनाते हैं तो वह उनकी जिम्‍मेदारी लेंगे। उन्‍होंने यह भी दावा किया था कि अब उनका महिला के साथ कोई संपर्क नहीं है। महिला ने भी कहा था कि बिजनसमैन के साथ फरार होना उनकी बड़ी भूल थी। महिला ने कहा कि उनका अब बिजनसमैन के साथ कोई संपर्क नहीं है। मैं अब अपने पति के पास वापस जाना चाहती हूं। बता दें कि 10 जनवरी को फरार होने के बाद ये लोग उज्‍जैन चले गए थे। बाद में उन्‍हें परिवार के सदस्‍यों ने मनाया और वापस बुलाया।

Friday, February 21, 2020

2/21/2020 11:22:00 AM

100 महिला ट्रेनी कर्मचारियों को निर्वस्त्र कर लिया मेडिकल टेस्ट, आपत्तिजनक सवाल पूछे

सूरत, (गुजरात)। भुज में बीते दिनों एक गर्ल्स हॉस्टल की 68 लड़कियों को माहवारी होने का 'सबूत' देने के लिए महिला टीचरों के सामने कपड़े उतारने पड़े थे। इस घटना के चर्चा में आने के हफ्ते भर बाद सूरत में महिला ट्रेनी क्लर्क्स को निर्वस्त्र कर स्त्री रोग संबंधी जांच करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस दौरान अविवाहित महिलाओं से कुछ आपत्तिजनक निजी सवाल भी पूछे।
मामला राज्य सरकार द्वारा संचालित सूरत म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (एसएमसी) के एक अस्पताल का है। एसएमसी कर्मचरी संघ ने म्यूनिसिपल अधिकारी के सामने घटना की शिकायत दर्ज कराई है। अपनी शिकायत में संघ ने कहा कि तकरीबन 100 ट्रेनी कर्मचारियों को उस समय बड़ी हैरानी हुई, जब वे अनिवार्य फिटनेस टेस्ट के लिए सूरत नगर आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान पहुंचे। वहां महिला ट्रेनी क्लर्क्स को 10-10 के समूहों में निर्वस्त्र खड़ा रहने को कहा गया था। इस दौरान उनकी प्राइवेसी को लेकर भी असंवेदनशीलता दिखाई गई।
महिलाओं से पूछे अभद्र सवाल:-
एक अधिकारी ने बताया कि जिस कमरे में महिलाओं को ऐसी हालत में रहने का निर्देश दिया गया था, वहां दरवाजा भी ठीक से बंद नहीं किया गया था। कमरे में सिर्फ एक परदा लगा था। इस विवादित फिंगर टेस्ट के अलावा भी महिलाओं के साथ अभद्रता की गई और उनसे कुछ निहायत निजी सवाल पूछे गए। कई अविवाहित महिलाओं से पूछा गया कि क्या वे कभी गर्भवती हुई हैं? कई महिलाओं ने स्त्री रोगों की जांच कर रही महिला डॉक्टरों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके साथ बदसलूकी भरा बर्ताव किया।
अस्पताल के स्त्री रोग विभाग के प्रमुख आश्विन वछानी ने बताया कि हॉस्पिटल के गाइडलाइन्स के मुताबिक, महिलाओं की शारीरिक जांच अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ऐसी जांच पुरुषों की होती है या नहीं लेकिन महिलाओं के मामले में हमें इन नियमों का पालन करना पड़ता है और जांच करनी होती है कि कहीं किसी महिला को किसी तरह का रोग तो नहीं है।
68 छात्राओं का हुआ माहवारी टेस्ट:-
बता दें कि इससे पहले भुज के सहजानंद गर्ल्स इंस्टिट्यूट के हॉस्टल के गार्डन में एक इस्तेमाल किया हुआ सैनिटरी पैड मिलने के बाद कॉलेज की 68 लड़कियों को प्रिंसिपल के सामने माहवारी टेस्ट से गुजरना पड़ा था। इस दौरान उन्हें माहवारी न होने का 'सबूत' देने के लिए महिला टीचरों के सामने कपड़े उतारने पड़े थे। मामला काफी विवादित हुआ था और इसके सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए कमिटी बनाई है।

Saturday, February 15, 2020

2/15/2020 06:44:00 AM

जांच के नाम पर प्रिंसिपल ने 68 छात्राओं के कपड़े उतरवाए, जाने क्या है वजह

गुजरात। पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात से चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यहां छात्राओं के साथ बदसलूकी के मामले ने हड़कंप मचा दिया है। गुजरात के कच्छ जिले के एक इंस्टीट्यूट की प्रिंसिपल ने जांच के लिए 68 छात्राओं के कपड़े उतरवा दिए।
महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर केंद्र और गुजरात सरकार भले ही लाख दावे करे लेकिन स्थिति इसके बिलकुल उलट है। कच्छ के इंस्टीट्यूट में हुई घटना तो कुछ यही इशारा कर रही है। आईए जानते हैं क्या है पूरा मामला...
पीएम मोदी के गुजरात के कच्छ जिले से एक चौंकाने वाली खबर आई है। यहां एक इंस्टीच्यूट की प्रिंसिपल ने यह जानने के लिए कि सैनेटरी पैड किसने फेंका? 68 छात्राओं के कपड़े उतार कर उनकी जांच की।
इस मामले के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। अब इस मामले की जांच के लिए कच्छ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पांच सदस्यों की एक कमेटी बनाई है। बनाई गई कमेटी में शामिल वाइस-चांसलर और तीन अन्य महिला प्रोफेसरों ने बीते गुरुवार को कॉलेज का दौरा भी किया। कमेटी के सदस्यों का कहना है कि जांच खत्म होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला Swaminarayan Sampradaya से ताल्लुक रखने वाले Sahjanand Girls Institute का है। यहां के नियमों के मुताबिक जिस छात्रा को पीरियड आता है वो हॉस्टल के कमरे में नहीं बल्कि बेसमेंट में रहेगी।
उन्हें रसोईघर में घुसने और पूजा करने की इजाजत नहीं है। पीरियड खत्म हो जाने तक उन्हें अकेले में रहना पड़ता है। इतना ही नहीं पीरियड आने वाली लड़कियों को क्लास में अंतिम बेंच पर भी बैठना पड़ता है।

Sunday, February 2, 2020

2/02/2020 07:51:00 AM

पति की प्रेमिका को पत्नी ने किया किडनेप, बंद घर मे की माशूका की जमकर पिटाई

अहमदाबाद। अहमदाबाद से एक अजीब घटना सामने आई है। यहां एक पत्‍नी ने अपने पति की गर्लफ्रेंड को अगवा कर लिया और बंद करके पीटा। इतना ही नहीं, उसे निर्वस्‍त्र करके भी पीटा और एसिड अटैक करके वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी। युवती की शिकायत पर पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है।
यहाँ वाडज क्षेत्र की 22 वर्षीय युवती ने पुलिस थाने में शिकायत की है कि वह गिरीश उर्फ सोनू तुलसी गिरी गोस्वामी की दुकान में नौकरी करती थी। उस समय उससे प्रेम हो गया था। हांलाकि नौकरी छोड़ देने के बाद सब कुछ बंद हो गया था। यहां तक कि दोनों के बीच बातचीत भी नहीं थी। गिरीश की पत्नी उसके इस सम्बंध से अवगत हो चुकी थी।
इस दौरान 31 जनवरी को जब वह नौकरी से घर आई तब गिरीश की पत्नी जानू और उसके साथ रिंका गोस्वामी आयी और युवती का एक्टिवा के साथ अपहरण कर सोराबजी कम्पाउन्ड निवासी ठाकुरी गोस्वामी के घर ले गई। जहां उसने दरवाजा बंद कर उसे निर्वस्त्र कर पिटाई की। उसके ने शोर मचाने पर जानू गोस्वामी ने मोबाइल में फोटो खींचकर गिरीश को घटना स्थल पर बुला लिया।
जानू गोस्वामी ने डरा-धमका कर युवती के पास यह कबूल करवाया कि उसने गिरीश के पास से 50 लाख रुपए लेकर कपड़ों की खरीदी की है। इसके बाद उसने एसिड फेंककर उसका चेहरा बंदरंग करने की धमकी दी। वाडज पुलिस थाने में मामले की शिकायत दर्ज तीनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Wednesday, January 22, 2020

1/22/2020 07:18:00 AM

एक-दूजे के प्यार में पड़ दुलहन की मां को ले भागा दूल्हे का पिता, युवक-युवती की शादी टूटी

सूरत। गुजरात के सूरत जिले में दो परिवारों के बीच हुए विवाद के बाद एक युवक-युवती की शादी टूट गई। बताया जा रहा है कि दोनों की शादी फरवरी में होनी थी, लेकिन शादी से पहले ही दूल्हे का पिता और दुलहन की मां लापता हो गए। परिवार के मुताबिक, दूल्हे के पिता और दुलहन की मां एक दूसरे को काफी पहले से जानते थे और यह आशंका है कि एक दूसरे के प्यार में पड़कर उन्होंने शादी कर ली।
सूरत के काटरगाम इलाके के रहने वाले दूल्हे की शादी नवसारी की एक युवती से होनी थी। शादी के एक महीने पहले ही जब दुलहन की मां घर से लापता हो गई तो परिवार ने इसकी शिकायत पुलिस से की। इसी बीच दूल्हे के पिता ने भी घर छोड़ दिया और कोई खबर ना मिलने पर उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई।
पहले से ही एक-दूसरे को जानते थे दोनों:-
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, लापता होने से पहले ही दोनों एक दूसरे को जानते थे और जवानी के दिनों में एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। 10 दिन पहले हुई शिकायत के बाद भी जब पुलिस दोनों का पता नहीं लगा सकी, तो दोनों परिवारों ने शादी का रिश्ता तोड़ दिया। परिवार के लोगों के मुताबिक, फरवरी में होने वाली शादी के लिए दोनों ही परिवार तैयारियों में जुटे हुए थे। एक साल पहले ही रिश्ता तय किया गया था और इसके लिए युवक और युवती दोनों की सहमति भी थी। हालांकि बाद में माता-पिता की गुमशुदगी का मामला सामने आने पर परिवार ने उन दोनों की शादी से इनकार कर दिया

Saturday, January 11, 2020

1/11/2020 08:23:00 AM

सुहागरात पर दरिंदगी, थाने पहुंची पत्नी, केस दर्ज दूल्‍हे ने पॉर्न दिखा किया.....

वडोदरा (गुजरात)। किसी भी लड़की के लिए शादी उसके जीवन की सबसे महत्‍वपूर्ण घटना होती है लेकिन गुजरात के वडोदरा में एक दुलहन के लिए शादी दु:स्‍वप्‍न बनकर रह गई है। अपने हमसफर को लेकर कई अरमान संजोने वाली दुलहन के लिए दूल्‍हा एक दरिंदा साबित हुआ। बताया जा रहा है कि शादी की रात दूल्‍हे ने लाल जोड़े में सजी अपनी दुलहन को अश्‍लील व‍िड‍ियो दिखाए और अप्राकृतिक सेक्‍स के लिए मजबूर किया।
शादी के कुछ दिन बाद ही वडोदरा के पंचमहल की रहने वाली दुलहन के सब्र का पारा टूट गया और उसने हलोल पुलिस के पास पति के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। दुलहन ने आरोप लगाया कि उनके पति ने शादी की रात अपने मोबाइल पर पॉर्न दिखाया और अप्राकृतिक सेक्‍स की डिमांड की। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
फोन से द‍िखाए पॉर्न व‍िड‍ियो:-
महिला ने बताया कि 13 दिसंबर को उसकी घरवालों की रजामंदी से शादी हुई थी। शादी के तुरंत बाद 14 दिसंबर की अलसुबह हम दोनों होटल सर्वोत्‍तम गए। होटल के अंदर दूल्‍हे ने अपने फोन से पॉर्न व‍िड‍ियो और अश्‍लील फोटो नवविवाहित पत्‍नी को दिखाए और कहा कि वह भी इसी तरह से अप्राकृतिक सेक्‍स करे। पुलिस के मुताबिक आईपीसी की धारा 377 के तहत अश्‍लील कृत्‍य दिखाना अपराध है। इसके अलावा आईटी ऐक्‍ट की धाराओं को भी जोड़ा गया है।
हलोल पुलिस ने बताया कि शादी के तुरंत बाद नवविवाहित जोड़े ने रात करीब 2.30 बजे होटल के अंदर प्रवेश किया। कुछ घंटे बिताने के बाद यह जोड़ा होटल से निकल गया। कपल ने इस घटना के बारे में अपने परिवार को बता दिया था। उन्‍होंने बताया कि शादी से पहले लड़का और लड़की दोनों एक-दूसरे को काफी समय से जानते थे। अब यह जोड़ा तलाक लेने जा रहा है। शुक्रवार को पुलिस ने होटल में किए अपराध के लिए मामला दर्ज कर लिया।

Saturday, December 21, 2019

12/21/2019 04:30:00 PM

साहब फांसीवाली गलती हो गई माफ कर दो, पुलिस के सामने गिड़गिड़ाया दुष्‍कर्मी आरोपी

अहमदाबाद (गुजरात)। से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसके चलते अवाम का कानून और पुलिस में विश्‍वास पुख्‍ता होता है। एक दुष्‍कर्मी को जब लगा कि वह अब फंस चुका है तो मारे डर के वह पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा। बोला, मुझसे फांसी वाली गलती हो गई है। माफ कर दो। इस आरोपी को पुलिस ने 300 जवान तैनात करके और 50 से अधिक CCTV फुटेज देखकर जबर्दस्‍त अभियान चलाकर पकड़ा है। बचने का कोई रास्‍ता ना देखकर आरोपी ने खुद ही अपराध कबूल कर लिया है।
गुजरात के सूरत शहर में सचिन GIDC क्षेत्र में चार साल की बच्ची से हैवानियत करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गिरफ्तार होने के बाद पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा कि साहब फांसी वाली गलती हो गई है माफ कर दो। आरोपी कानपुर का रहने वाला है। उसने 15 दिसंबर के दिन घर के पास से बच्ची का अपहरण कर उससे दुष्कर्म किया था।
सूरत के सचिन GIDC इलाके में बच्ची अपने पिता के साथ घर के पास ही रामलीला देखने गयी थी। रामलीला खत्म होने के बाद पिता जैसे ही आरती लेने गये, तब करीब पौने 12 बजे आरोपी ने बच्ची का अपहरण कर लिया था। रात भर खोजबीन के बाद सुबह साढ़े चार बजे बच्ची घर के पास भटकते हुए मिली। बच्ची के कपड़े पर खून लगा हुआ था। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गये। जहां चिकित्सकों ने बच्ची से दुष्कर्म होने की पुष्टि की थी।
सूरत पुलिस आर.बी. ब्रह्मभट्ट ने शनिवार को बताया कि बच्ची से हैवानियत की वारदात के बाद संदिग्ध का स्कैज जारी किया गया। सूरत 300 से अधिक पुलिस अधिकारियों की दिन रात की पड़ताल व 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद आरोपी पकड़ में आया।
भागने की फिराक में था:-
आरोपी शशिबिंद विश्वनाथ निषाद (24) को किशोर रैयाण चाली में रहता था। वह यहां एक फैक्टरी में नौकरी करता था। पुलिस ने बच्ची से दुष्कर्म करने के बाद उसने अपना हुलिया बदल लिया था। वह उत्तरप्रदेश के कानपुर अपने गांव भागने की फिराक में था। लेकिन फैक्टरी से वेतन नही मिलने से वह रुका हुआ था।
आरोपी का डेढ़ साल का बच्‍चा है:-
पूछताछ में पता चला है कि शशिबिंद की शादी हो चुकी है और उसका डेढ़ साल का बच्चा है। वह पुलिस का सामने गिड़गिड़ाने लगा कि उससे गलती हो गई है। साहब फांसी वाली गलती हो गई माफ कर दो। बच्ची के पिता ने पुलिस को बताया कि शशिबंद को आसपास के इलाके में कई बार देखा था, लेकिन उस पर ध्यान नहीं गया। फिलहाल पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरु की है

Friday, December 13, 2019

12/13/2019 06:29:00 AM

मां ने शादियों में रोटी बेलकर अपने बेटे को आईपीएस अफसर बनाया, कई बार तो भूखे पेट ही पड़ा था सोना

पालनपुर (गुजरात) के जिस गांव कनोदर में कभी मां नसीम बानो ने शादी-समारोहों में रोटियां बेल-बेलकर मिलने वाली मजदूरी के पैसे से पाला-पोषकर बड़ा किया, पढ़ाया-लिखाया, वह गुदरी के लाल सफीन हसन 22 साल की उम्र में जब पहले ही अटैम्प्ट में 570वीं रैंक हासिल कर आईपीएस सेलेक्ट हुए, पूरे परिवार की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा. उनकी ये कहानी आज सोशल मीडिया में खूब पसंद की जा रही है और उनकी ये स्टोरी लाखों लोग शेयर कर रहे है.
वैसे तो सफीन का बचपन गुजरात के सूरत जिले में बीता क्योंकि उस वक़्त उनके माता-पिता हीरे की एक यूनिट में नौकरी करते थे. बाद में मंदी के कारण दोनों की नौकरी चली गई तो अपने गांव कनोदर लौट गए. सन् 2000 में जब उनका मकान बन रहा था तो माता-पिता दिन में तो मजदूरी करते थे, रात में ईंट ढोते थे. इतनी मशक्कत के बावजूद सफीन हसन को कई दिन-रात भूखे पेट ही सो जाना पड़ता था.

सफीन बताते हैं कि बचपन में उन्होंने अपने प्राइमरी स्कूल में देखा था कि किस तरह वहां मुआयने के समय हर कोई कलेक्टर को मान दे रहा है, उसी दिन उनके बाल मन पर ऐसी गहरी छाप पड़ी कि घर आकर उन्होंने अपनी मौसी से कलेक्टर की वैसी खातिरदारी की वजह पूछी. मौसी ने उनको बताया कि आज के ज़माने में कलेक्टर ही जिले का राजा होता है. उस दिन पूछने पर मौसी ने ये भी बताया कि खूब पढ़ाई-लिखाई के बाद ही कोई कलेक्टर बन पाता है. उसी दिन सफीन हसन ने संकल्प लिया कि बड़ा होकर वह भी कलेक्टर बनेंगे तो उन्हे भी लोगों से खूब इज्जत मिलेगी. उन दिनो अपने माता-पिता को कठिन श्रम के बावजूद पैसे-पैसे को मोहताज रहते देखकर बहुत ही दुख होता था. उन हालात से भी उन्हे जिंदगी में कुछ बड़ा कर दिखाने की हिम्मत और प्रेरणा मिली.
सफीन बताते हैं, वह पढ़ाई के दिनो में हमेशा एक ही सपना देखा करते थे कि जिस तरह कठोर मेहनत कर उनके माता-पिता उन्हे शिक्षा दिला रहे हैं, वह भी अपनी मेहनत की कमाई से उन्हे कभी कोई दुख-तकलीफ नहीं होने देंगे. उनके पिता दिन में इलेक्ट्रीशियन का काम करने लगे थे. रात में ठेला लगाकर उबले अंडे और काली चाय बेचते थे.

सफीन भी पिता के कामों में हाथ बटाते थे. मां शादी-समारोंहों में रोटियां बनाकर कुछ पैसे कमा लेती थी. इस तरह उनके माता-पिता की कमाई से स्कूल जाने के लिए बस का किराया, फीस और किताब-कापी नसीब हो पाती थी. मां कभी खाली नहीं बैठती थी. कोई शादी-ब्याह नहीं होता था तो वह आंगनबाड़ी में काम करने लगती थी. वह इतनी मेहनत करती थीं कि सात-आठ हजार रुपए कमा लेने के लिए बारहो मास, यहां तक कि जाड़े में भी हर वक्त पसीने में डूबी रहती थीं.
जिस तरह माता-पिता ने उन्हे पढ़ाने-लिखाने के लिए दिन-रात काम किया, उसी तरह वह भी खूब मन लगाकर गांव के ही सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते थे. जब दसवीं क्लास में सफीन हसन 92 प्रतिशत अंकों के साथ पास हुए तो साइंस स्ट्रीम में एडमिशन लेना चाहा लेकिन उनके माता-पिता के पास उस महंगी पढ़ाई के लिए इतना पैसा नहीं था. संयोग से उसी साल उनके गांव में खुले एक प्राइवेट स्कूल में एडमिशन लेने पर उनकी फीस माफ कर दी गई. उसके बाद पढ़ाई करते हुए उन्होंने अच्छी तरह अंग्रेजी बोलना सीखा. मां जब खाना पकाती थी, वह उनके पास ही रसोई में बैठकर पढ़ते रहते थे.
स्कूल की पढ़ाई के बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (एनआईटी) में दाखिला ले लिया था. वहां भी प्रिंसिपल ने उनकी 80 हजार रुपए फीस माफ कर दी. वह जब दिल्ली में पढ़ाई कर रहे थे, गुजरात के एक पोलरा परिवार ने दो साल तक उनका कोचिंग समेत सारा खर्च उठाया. जिस दिन वह यूपीएससी का पहला एग्जॉम देने जा रहे थे, उनका एक्सीडेंट हो गया. इसके बावजूद परीक्षा देने के बाद ही वह अस्पताल में दाखिल हुए थे.

Monday, November 25, 2019

11/25/2019 08:32:00 AM

मंदिर में साधू छापता था जाली नोट पुलिस के छापे में 70 लाख कीमत के 2 हजार के नकली नोट बरामद

नडियाद(खेडा). गुजरात पुलिस ने रविवार को खेडा जिले के एक आश्रम के निर्माणाधीन मंदिर में छापा मारा।यहां से पुलिस ने 70 लाख रुपए कीमत के 2 हजार के जाली नोट बरामद किए हैं। पुलिस ने एक साधु समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
साधु का नाम राधारमण स्वामी है। पुलिस ने बताया कि वह स्वामी नारायण संप्रदाय से जुड़ा है। मंदिर भी संप्रदाय के वडताल मंदिर के अधीन ही बताया जा रहा है। लेकिन, वडताल संप्रदाय ने कहा कि वह मंदिर निजी है और हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है।
दो महीने से मंदिर में लोगों का आना-जाना बढ़ गया था:-
सूरत पुलिस की क्राइम ब्रांच ने खेडा जिले के मुवाडी स्थित आश्रम में छापा मारा। यहां 4 साल से एक मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। शक तब हुआ, जब पिछले दो महीनों से यहां लोगों का आना-जाना बढ़ गया, लेकिन धार्मिक स्थल होने की वजह से लोगों को यहां किसी गैरकानूनी काम होने का शक नहीं हुआ। पुलिस ने बताया कि आश्रम में नोट छापने की मशीन, कलर प्रिंटर लाया गया था। दोपहर और देर रात यहां जाली नोट छापे जाते थे। पुलिस ने बताया कि ये लोग आधी कीमत पर जाली नोट मुहैया करवाते थे। अगर किसी को एक लाख रुपए के जाली नोट चाहिए तो उसे 50 हजार रुपए अदा करने होते थे।
वडताल स्वामी नारायण मंदिर के श्याम स्वामी ने ने बताया- यह निर्माणाधीन मंदिर एक निजी ट्रस्ट के अधीन है। वडताल स्वामी नारायण संप्रदाय का इस मंदिर से कोई कनेक्शन नहीं है।
आरोपी राधारमण महाराष्ट्र का रहने वाला:-
मंदिर की जगह 2005 में दिनेश पटेल-मोहनभाई पटेल ने बेची थी। देव स्वामी और राधारमण स्वामी ने हिस्सेदारी में यह जमीन ली। 2005 में अमरनाथ यात्रा में आतंकी हमले के दौरान देव स्वामी की मृत्यु हो गई थी। इसके बाद मूलत: महाराष्ट्र के रहने वाले राधारमण स्वामी का जमीन पर अधिकार हो गया था।

Friday, November 22, 2019

11/22/2019 07:17:00 AM

टापू खरीद कर शाही जिंदगी जीना चाहता था स्वयंभू बाबा नित्यानंद स्वामी, देश छोड़ फरार

अहमदाबाद/(गुजरात)। आश्रम से दो युवतियों के लापता होने के बाद फिर से चर्चा में आए नित्यानंद स्वामी एक कैरेबियाई द्वीप खरीदकर शाही जिंदगी जीने की योजना बना रहा था। उसकी एक पूर्व शिष्या साराह लेंड्री ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी है। कैरेबियाई टापू पर अपनी युवा शिष्याओं के साथ शाही जिंदगी बिताने के लिए नित्यानंद भारत के बड़े शहरों से धन बटोरने में जुटा था। पुलिस को संदेह है कि नित्यानंद देश से फरार हो चुका है। लेकिन विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि उसके पास स्वयंभू भगवान के विदेश भाग जाने की औपचारिक सूचना नहीं है।
महिलाओं के साथ संबंध व अश्लील सीडी को लेकर पहले भी विवादों में रहा नित्यानंद बेंगलुरु की दो बहनों को अहमदाबाद आश्रम लाने के बाद फिर से चर्चा में आया। लड़कियों के पिता जनार्दन शर्मा ने अहमदाबाद पहुंच कर नित्यानंद के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
अहमदाबाद के हाथीजण इलाके में स्थित आश्रम सर्वाज्ञपीठम में नाबालिग बच्चों को बंधक बनाकर रखने व बेंगलुरु की दो लड़कियों को लेकर गुजरात पुलिस ने नित्यानंद के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आश्रम की दो संचालिकाओं को गिरफ्तार कर लिया है और अब हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
सीबीएसई ने स्कूल की जमीन पट्टे पर देने के बारे में रिपोर्ट मांगी:-
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बिना अनुमति नित्यानंद के आश्रम के लिए स्कूल की जमीन पट्टे पर देने के मामले में गुजरात शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी है। सीबीएसई के एक अधिकारी ने बताया, 'बोर्ड ने राज्य शिक्षा विभाग को बिना अनुमति के स्वामी नित्यानंद आश्रम को डीपीएस मणिनगर, अहमदाबाद की भूमि पट्टे पर देने के मामले में जांच करने के लिए पत्र लिखा है। तेजी से जांच करने के लिए कहा गया है और रिपोर्ट के परिणामों तथा सीबीएसई संबद्धता हासिल करने के लिए राज्य द्वारा स्कूल को जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की स्थिति से अवगत कराने को कहा है।'
डीपीएस के प्राचार्य और बिल्डर गिरफ्तार, रिहा:-
पुलिस ने नित्यानंद आश्रम मामले में केलोरेक्स ग्रुप की दिल्ली पब्लिक सकूल के प्राचार्य हितेश पुरी व बिल्डर बकुल गुणवंत ठक्कर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। बकुल ने आश्रम वासियों के लिए तीन फ्लैट किराए पर दिए थे और इसकी जानकारी पुलिस को नहीं दी थी।

Friday, November 15, 2019

11/15/2019 06:23:00 PM

लूट के इरादे से रोकते, कुछ न मिलने पर करते थे महिलाओं से पति या बॉयफ्रेंड के सामने गैंगरेप

अहमदाबाद/(गुजरात)। पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार को वीरमगाम के वसावा गांव से कुख्यात अपराधी अकबर उर्फ लूलो संधी (45) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अकबर का नाम दो गैंगरेप केस में सामने आया था। क्राइम ब्रांच के प्रभारी डीसीपी राजदीपसिंह झाला ने कहा कि अकबर के गैंग के तीन सदस्य अब भी फरार हैं।
उन्होंने कहा, 'हमें अभी तक दो गैंगरेप केसों में उसकी भूमिका के बारे में पता चला है। एक मामले में एक लड़की का गैंगरेप उसके बॉयफ्रेंड के सामने और दूसरे मामले में एक महिला का गैंगरेप उसके पति के सामने किया गया था।'
सुनसान जगह पर कपल्स को बनाते थे निशाना:-
10 अक्टूबर को अकबर और उसके दो साथियों ने नर्मदा नहर के पास से गुजर रही एक लड़की और उसके बॉयफ्रेंड को रोका। दोनों से जेवर और नकदी की मांग की, मगर उनके पास ज्यादा कुछ नहीं था। इससे नाराज तीनों बदमाशों ने लड़के के हाथ-पैर बांधकर उसके सामने लड़की से गैंगरेप किया और बाद में दोनों को छोड़कर भाग गए। जाते वक्त अकबर लड़के का हेलमेट ले गया, जो उसके पास से बरामद हुआ है।
लूट के इरादे से रोकते, कुछ न मिलने पर करते थे गैंगरेप:-
क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'यह गैंग लूट, डकैती और हत्या जैसे काम भी करता था। किसी महिला के पास अगर महंगी जूलरी नहीं मिलती तो ये उसके साथ रेप करते थे।' क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने कहा कि इस गैंग ने गुजरात के साणंद, सरखेज, बावला, कलोल, लंघदज, बागोदरा, मेहसाणा और वीरमगाम जैसी जगहों पर 18 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया था।