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Thursday, July 23, 2020

7/23/2020 05:33:00 AM

डकैती डालने से पहले 6 हथियारबंद व अलग-अलग कार्यवाही में 6 हथियारधारी बदमाश गिरफ्तार

-बड़ौनी पुलिस को कार्यवाहियों में मिली सफलता-
दतिया। जिले की बडोनी थाना पुलिस ने कार्यवाही कर दो सफलताए अर्जित की है। जिसमे डकैती की योजना बनाने से पूर्व ही हथियारबंद बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है तो वही अलग अलग हथियारधारी बदमाश गिरफ्तार किए गए है। पकड़े गए बदमाशो से पुलिस ने भारी मात्रा में धथियार बरामद किए है तो बदमाशो की गैंग ग्राम एरई सरपंच विजय करण पटेल घर पर डकैती की योजना बना रहे थे, उससे पहले ही गिरफ्तार कर लिया। दोनो कार्यवाही का खुलासा जिला पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौर ने प्रेस कांफ्रेंस कर किया है ओर बडोनी पुलिस की प्रशंसा की है। जानकारी के अनुसार पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बडोनी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर तथा जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तीन अलग अलग टीमो का गठन कर ग्राम जोनहार के जंगल की घेराबंदी कर मंदिर के पास दविश दी। कार्यवाही के दौरान आरोपी रात्रि करीब तीन बजे के करीब धीमी अबाज में डकैती की योजना बनाते हुए बातचीत कर रहे थे। जिस पर कार्यवाही में बेटू उर्फ राशिद पुत्र रशिद खान निवासी सायनी मोहल्ला, रमेश पुत्र  रघुनाथ कुशवाह सेवड़ा चुंगी,  गुलाब अहिरवार पुत्र छदामी अहिरवार निवासी कुम्हेडी, राहुल पुत्र रतिराम अहिरवार निवासी महुआ, मनोज परिहार पुत्र स्व. गंधर्व निवासी बगेदरी करैरा जिला शिवपुरी, शेरू पुत्र मदन कुशवाह निवासी सेवड़ा चुंगी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने दो अधिया 315 बोर, तीन कट्टे, दो पिस्टल, एक रिवाल्वर, 315 बोर के 7 जिंदा कारतूस, 32 बोर 6 जिंदा कारतूस, 5 खाली कारतूस, 6 मोबाइल, दो बाइक बरामद की है। वही पुलिस ने बताया है की आरोपियों के विरुद्ध थाना धीरपुरा, सिविल लाइन, करैरा, कोतवाली में विभिन्न मामले दर्ज है। उक्त कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका बड़ोनी थाना प्रभारी रविन्द्र शर्मा, जिगना थाना प्रभारी वैभव गुप्ता, सउनि मानसिंह, सउनि महेश श्रीवास्तव, सउनि राजेश कुमार, सउनि राजेन्द्र सिंह पुट्टा, सउनि सुरेन्द्र दुबे, प्रधान आरक्षक रामसिंह, प्रवीण बरुआ, लक्ष्मी नारायण, आरक्षक रविन्द्र, दिलीप प्रधान, पुष्पेंद्र सिंह, जितेंद्र, जसवंत, महेन्द्र, योगेंद्र, धर्मेंद्र, भूपेंद्र, अनिल, ओमकार,.रामसेवक, मोनू, खुमान सिंह, महेश, कमलेश, शिवराम की भूमिका रही।

अलग अलग कार्यवाही में 6 हथियारधारी बदमाश गिरफ्तार:-
वही बडोनी पुलिस ने जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा चलाए जा रहे अपराधों की रोकथाम एवं धरपकड़ अभियान के तहत थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा के नेतृत्व में अलग-अलग कार्रवाई में रेलवे अंडर ब्रिज बड़ोनी रोड से दीपक पुत्र रमेश माली 30 वर्ष निवासी पकोड़ियां महादेव को 32 बोर की देसी पिस्टल जिंदा राउंड के गिरफ्तार किया। वही विकास उर्फ विक्का पुत्र मुकेश बाल्मीकि 27 वर्ष निवासी चूनगर फाटक को 32 बोर की देसी पिस्टल जिंदा राउंड के साथ गिरफ्तार किया। इसके पश्चात उक्त दिनांक 21 जून को ही बडोनी थाना प्रभारी ने मुखबिर की सूचना पर जिगना निवरी रोड मरघट के पास से संदिग्ध अवस्था में घूम रहे आरोपी जीतू उर्फ जितेंद्र पुत्र बद्री प्रसाद सेन 26 साल निवासी वार्ड क्रमांक 18 भदौरिया की खिड़की को 315 बोर का देशी कट्टा जिंदा राउंड के गिरफ्तार किया। वही भगवान दास पुत्र रघुनाथ कुशवाहा 22 साल निवासी सेवड़ा चुंगी को 32 बोर की देसी पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है तथा उक्त दिनांक को ही बड़ोनी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गोपालपुरा तिराहे के पास से सोनू पुत्र कैलाश सेन उम्र 30 साल निवासी वार्ड क्रमांक 7 दांतरे की नरिया को 315 बोर का देशी कट्टा सहित गिरफ्तार किया। वही सादिक अली उर्फ जुटते पुत्र शौकत अली उम्र 25 साल निवासी चूनगर फाटक वार्ड क्रमांक 13 को एक 32 बोर की देसी रिवाल्वर दो जिंदा राउंड के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए उक्त आरोपियों के विरुद्ध थाना कोतवाली, सिविल लाइन एवं बडोनी थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई में भी थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा के साथ साथ पुलिस बल के आरक्षकों में आरक्षक दिलीप प्रधान की सराहनीय भूमिका रही।

Saturday, February 1, 2020

2/01/2020 10:07:00 AM

ढाबे में दिनभर काम कराया, रात में किया दुष्कृत्य, अब मिली 10 साल कैद की सजा

भिंड। षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश ने नाबालिग से दुष्कृत्य करने के दोषी को 10 साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जिला जेल भिजवाया गया है। वारदात अक्टूबर 2018 की है। एडीपीओ इंद्रेश प्रधान ने बताया कि 25 अक्टूबर 2018 को रात में 12 बजे बरोही थाना क्षेत्र में लालपरी ढाबे पर आरोपित प्रदीप संखवार 29 पुत्र रामजीत संखवार निवासी संतोष नगर बीटीआई भिंड 12 वर्षीय नाबालिग को काम करने के बहाने से लेकर आया था। आरोपित ने दिनभर नाबालिग से ढाबे पर काम कराया। रात में उसके साथ दुष्कृत्य किया। वारदात के बाद सुबह नाबालिग किसी तरह से घर आया। उसने परिवार को वारदात के बारे में बताया। परिजन ने बरोही थाने पहुंचकर आरोपित प्रदीप संखवार के खिलाफ नाबालिग से दुष्कृत्य करने का केस दर्ज किया। इसके बाद मेडिकल कराया गया और पीड़ित के बयान लिए गए, जिसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
कोर्ट ने दोष साबित होने पर आरोपित को धारा 377 में 10 वर्ष कारावास और 5 हजार जुर्माना, बालकों के सरंक्षण अधिनियम की धारा 5, सहपठित धारा 6 में 10 वर्ष कारावास और 5 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अपने निर्णय में पीड़ित बालक को प्रतिकर स्कीम के तहत 4 लाख रुपए प्रतिकर राशि भुगतान करने के लिए अध्यक्ष जिला विधिक प्राधिकरण भिण्ड को पत्र जारी करने का उल्लेख अपने निर्णय में किया है।

Monday, January 27, 2020

1/27/2020 06:07:00 AM

ऐसा सनकी डॉक्टर था वो, जो औरतों को जिंदा ही जमीन में दफना देता था

फीचर डेस्क। डॉक्टर डेथ, लोगों ने और मीडिया ने उस सनकी डॉक्टर का यही नाम दिया था। आमतौर पर डॉक्टरों का काम लोगों की सेवा करना, उनका इलाज करना और उन्हें मौत के मुंह से बचाना होता है, लेकिन यह डॉक्टर तो खुद लोगों के लिए मौत बन गया था। वह औरतों को जिंदा ही दफना देता था और किसी को कानों-कान खबर तक नहीं होती थी। इस सनकी डॉक्टर का नाम संतोष पोल है। वह छह कत्ल का आरोपी है, जिसमें पांच महिलाएं और एक पुरुष है। वह महाराष्ट्र के सतारा जिले में डोम नामक जगह पर रहता था और वही पास में ही एक अस्पताल में काम करता था। साल 2016 में उसे मुंबई के दादर से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे, जिसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई थी। मामले की शुरुआत कुछ इस तरह होती है कि जून 2016 में सतारा के वाई नामक जगह से 49 वर्षीय आंगनबाड़ी शिक्षिका मंगला जेधे अचानक गायब हो गई, जिसके बाद उसके घरवालों ने शक जताया कि इसमें डॉक्टर संतोष पोल का हाथ है। चूंकि संतोष पोल एक भ्रष्टाचार विरोधी कार्यकर्ता भी था और मंगला जेधे के घरवालों ने जिस पुलिस थाने में उसकी खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी, वहां के इंचार्ज के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला उसने उजागर किया था, इसलिए पुलिस भी उसके ऊपर हाथ डालने से कतरा रही थी। लेकिन बाद में जब दबाव बढ़ा तो पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ में डॉक्टर संतोष पोल ने पुलिस को ही घुमा दिया और कहा कि मंगला जेधे के गायब होने में उसका कोई हाथ नहीं है। चूंकि पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे, इसलिए उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद पुलिस ने मंगला जेधे के मोबाइल लोकेशन की जांच की तो पता चला कि उसका मोबाइल ज्योति मांद्रे नामक एक नर्स के पास है। ज्योति डॉक्टर संतोष पोल के साथ ही काम करती थी। इसके बाद पुलिस ज्योति को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। पूछताछ में ज्योति ने बताया कि डॉक्टर संतोष पोल ने मंगला जेधे का खून कर दिया है और उसे अपने फार्महाउस में ही दफना दिया है। ज्योति के बयान के बाद पुलिस डॉक्टर संतोष पोल के फार्महाउस पहुंची और उस जगह की खुदाई की, जहां मंगला जेधे को दफनाया गया था। चूंकि वहां पर एक नारियल का पेड़ था, तो जेसीबी की मदद से उसे हटाया गया तो जमीन के नीचे से एक कंकाल मिला। फॉरेसिंक जांच से पता चला कि वह कंकाल मंगला जेधे का ही है। इसके बाद डॉक्टर संतोष पोल की खोजबीन शुरू हुई। चूंकि उसे ये पता चल गया था कि ज्योति पुलिस के सामने अपना मुंह खोल देगी, इसलिए वो पहले ही अपने किसी रिश्तेदार के यहां मुंबई के दादर चला गया था। हालांकि 11 अगस्त को पुलिस ने उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया। डॉक्टर संतोष पोल को सतारा लाया गया और पूछताछ शुरू हुई, जिसमें उसने बताया कि वह अब तक छह लोगों को मार चुका है, जिसमें पांच महिलाएं और एक पुरुष है। उसने सबसे पहला कत्ल साल 2003 में किया था। उसने बताया कि वह लोगों को पहले अपने फार्महाउस पर इलाज के बहाने बुलाता था और फिर उन्हें एक ऐसा इंजेक्शन दे देता था, जिससे उनका शरीर काम करना बंद कर देता था। हालांकि इस दौरान वो जिंदा ही होते थे। इसके बाद वो उन्हें अपने फार्महाउस में ही पहले से खोदे गए गड्ढे में दफना देता था और ऊपर नारियल का एक पेड़ लगा देता था, ताकि किसी को कोई शक न हो। डॉक्टर संतोष पोल ने पुलिस को यह भी बताया कि उसने अपना जुर्म छुपाने के लिए यानी लाश की दुर्गंध आसपास न फैले, इसलिए उसने अपने फार्महाउस में एक पोल्ट्री फॉर्म भी खोल लिया था। उसके बयान के आधार पर पुलिस ने फार्महाउस में खुदाई की तो नारियल के पेड़ के नीचे से पांच कंकाल मिले और ये सब महिलाओं के थे जबकि एक पुरुष की लाश उसने एक तालाब में फेंक दिया था, जो मिली नहीं। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि डॉक्टर संतोष पोल ने उन सभी का कत्ल क्यों किया था। पुलिस के मुताबिक, 2003 से 2016 के बीच वाई इलाके से लगभग 15 लोग गायब हुए थे और शक जताया गया है कि उन सभी लोगों को भी डॉक्टर संतोष पोल ने ही गायब किया होगा, लेकिन यह अब तक साबित नहीं हो सका है। इन हत्याओं में नर्स ज्योति ने भी डॉक्टर संतोष पोल का साथ दिया था, जो उसकी गर्लफ्रेंड थी। इस मामले में उसे भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि उसका कहना था कि वह सिर्फ मंगला जेधे की ही हत्या के बारे में जानती थी। फिलहाल दोनों जेल में हैं और मामले की सुनवाई चल रही है।

Monday, January 20, 2020

1/20/2020 05:44:00 AM

भारत का सबसे खूंखार सीरियल किलर, जिसने 'सुहागरात' मनाकर 20 दुल्हनों का कर दिया था कत्ल

क्राइम डेस्क। आपने एक से एक खूंखार सीरियल किलर्स के बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम आपको जिस सीरियल किलर के बारे में बताने जा रहे हैं, उसके कत्ल करने का तरीका ही सबसे अलग था। इसे साइनाइड किलर या साइनाइड मोहन के नाम से जाना जाता है। इसे अगर भारत का सबसे खूंखार सीरियल किलर कहें तो गलत नहीं होगा, क्योंकि इसने कारनामे ही कुछ ऐसे किए हैं।  साल 2009 की बात है। कर्नाटक के एक गांव की रहने वाली अनिता नाम की लड़की को एक लड़के से प्यार हो जाता है। दोनों शादी करना चाहते थे, इसलिए अनिता अपना घर-बाड़ छोड़कर लड़के के पास आ जाती है। चूंकि लड़के ने अगले दिन मंदिर में शादी करने का वादा किया था, इसलिए उस दिन वो एक लॉज में ठहर गए, जिसे लड़के ने पहले ही बुक कर लिया था। फिर रात को लड़के ने अनिता के साथ शारीरिक संबंध बनाए। अगले दिन सुबह अनिता दुल्हन के कपड़े और गहने पहनकर कमरे से निकल गई और हसन जिले के बस स्टैंड पर आई, जहां लड़का पहले से ही उसका इंतजार कर रहा था। लड़के ने फिर अनिता को अपनी जेब से एक टैबलेट निकालकर दी। उसने बताया कि यह गर्भनिरोधक गोली है। हालांकि इस दौरान अनिता ने उससे कुछ सवाल पूछे, लेकिन उसने उसे समझा-बुझा दिया और कहा कि वो उस टैबलेट को बस स्टैंड के पास वाले टॉयलेट में जाकर खाए, क्योंकि इसे खाने से चक्कर भी आ सकते हैं। इस दौरान उसने अनिता से उसके सारे गहने उतरवा लिए और अपने पास रख लिया। फिर अनिता टैबलेट लेकर टॉयलेट के अंदर चली गई और दरवाजा बंद करके टैबलेट को खा लिया, जिसके बाद तुरंत ही उसकी मौत हो गई। चूंकि उस समय टॉयलेट के बाहर अन्य महिलाएं खड़ी थीं और जब काफी देर बाद तक दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने दरवाजा पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला और ना ही अंदर से कोई आवाज आई तो इसके बारे में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दुल्हन बनी अनिता का शव टॉयलेट के अंदर से निकाला। इस दौरान अनिता के साथ जो लड़का मौजूद था, वो वहां से गायब हो चुका था। हालांकि इसके बारे में पुलिस को बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि अनिता के साथ कोई था भी। अब सवाल उठता है कि वो लड़का था कौन और अनिता की मौत कैसे हुई? दरअसल, इसके पीछे एक लंबी कहानी है, जिसकी शुरुआत साल 2003 से हुई थी। साल 2003 से लेकर 2009 के बीच दक्षिण कर्नाटक के छह शहरों में अलग-अलग बस स्टैंड के पास बने टॉयलेट से 20 महिलाओं की लाशें मिली थीं। इन सभी लाशों में कई समानताएं थीं, जैसे कि सभी महिलाओं की लाशें टॉयलेट के अंदर से ही मिली थीं, सभी की उम्र 20-32 साल के बीच थी, सभी ने दुल्हन की ड्रेस पहन रखी थी और किसी के भी शरीर पर एक भी गहना नहीं था। हालांकि पुलिस को तब भी कोई शक नहीं हुआ कि आखिर मामला क्या है, क्योंकि सभी लाशें अलग-अलग शहरों में मिली थीं और इन शहरों की पुलिस के बीच आपसी तालमेल नहीं था।  अब शुरुआत फिर वही अनिता से करते हैं। चूंकि 16 जून, 2009 को 22 वर्षीय अनिता जब अपने गांव बंटवाल से गायब हुई तो वहां के लोगों ने हंगामा कर दिया। लोगों ने मामले को सांप्रदायिक रंग देते हुए कहा कि अनिता को कोई मुस्लिम लड़का भगा ले गया है। इस दौरान उन्होंने गुस्से में पुलिस स्टेशन को भी जला देने की धमकी दी। इसके बाद पहली बार पुलिस मामले की जांच के लिए मजबूर हुई और एक महीने के अंदर केस को सुलझा लेने का वादा किया। इसके बाद पुलिस ने अनिता के फोन कॉल को खंगालना शुरू किया तो उन्हें पता चला कि वो नंबर कावेरी नाम की एक महिला का था।  जब पुलिस कावेरी के घर पहुंची तो पता चला कि वो तो कई महीनों से गायब है। यह जानकर पुलिस भी हैरान रह गई। इसके बाद कावेरी के फोन कॉल को खंगाला गया तो पुलिस को पुष्पा नाम की एक युवती का नंबर मिला, जिसपर आखिरी बार बात हुई थी। फिर पुलिस पुष्पा के घर पहुंची तो वहां भी उन्हें उसी परिस्थिति का सामना करना पड़ा, यानी पुष्पा भी घर से गायब मिली। इसके बाद पुलिस का माथा ठनका और उन्होंने एक-एक कर कड़ियां जोड़नी शुरू की और ये कड़ी तब जाकर खत्म हो गई, जब पुलिस को मंगलौर के एक गांव से जुड़ा इस मामले का तार मिला। एक लड़की जो गायब हो गई थी, उसका फोन इसी गांव में अभी भी चालू था, जबकि बाकी लड़कियों के फोन बंद हो चुके थे। फिर पुलिस ने उस मोबाइल पर जो नंबर चालू था, उसपर फोन किया तो पता चला कि उस फोन को धनुष नाम का एक लड़का चला रहा है। पुलिस तुरंत उस गांव में पहुंची और धनुष से पूछा तो उसने बताया कि उसे वो फोन उसके चाचा प्रोफेसर मोहन कुमार ने दिया है। फिर पुलिस ने प्रोफेसर मोहन कुमार को हिरासत में लिया और पूछताछ शुरू की। पहले तो वो कुछ भी बताने से बचता रहा, लेकिन जब पुलिस ने थोड़ी सख्ती दिखाई तो उसने सब राज उगल दिया। प्रोफेसर मोहन कुमार ने जो बताया, उसे सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। चूंकि उस समय तक पुलिस यही समझ रही थी कि उन महिलाओं को सेक्स रैकेट जैसे धंधे में धकेल दिया गया होगा, लेकिन उसने बताया कि गायब हुई 20 लड़कियों की मौत का जिम्मेदार वही है। शुरुआती पूछताछ में उसने कुल 32 लड़कियों को मारने की बात कही थी, लेकिन बाद में उसने अपना बयान बदल दिया था। प्रोफेसर मोहन कुमार ने बताया कि वो गरीब परिवार, जो दहेज नहीं दे सकते हैं या जिनकी लड़कियों की शादी नहीं हो रही है, उन लड़कियों को अपने प्यार के जाल में फंसाता था और उनसे बिना पैसे के शादी करने की बात कहता था। फिर लड़कियों को शादी का झांसा देकर अपने पास बुलाता था और अगले दिन शादी करने की बात कहकर रात को उनके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। फिर अगले दिन उन्हें बहाने से टॉयलेट में जाकर गर्भनिरोधक गोली खाने के लिए मना लेता था। चूंकि एक सरकारी स्कूल में शिक्षक रह चुका मोहन कुमार पहले ही इन गोलियों में साइनाइड मिला देता था, जिससे युवतियों की वहीं पर मौत हो जाती थी। इसके बाद वो उनकी ज्वैलरी लेकर वहां से भाग जाता था।  चूंकि साइनाइड हर दुकान में नहीं मिलता था और हर किसी को बेचा भी नहीं जाता था, इसलिए प्रोफेसर मोहन कुमार ने ज्वैलरी की एक दुकान में काम करने का बहाना बनाकर एक केमिकल डीलर से साइनाइड खरीदा। बाद में जब उस डीलर से भी पूछताछ हुई थी, तो उसने बताया था कि उसने मोहन कुमार को सुनार समझकर साइनाइड दिया था, क्योंकि इसका इस्तेमाल ज्वैलरी की पॉलिश के काम में होता है। हालांकि उस समय कर्नाटक में 250 रुपये किलो के हिसाब से आराम से साइनाइड मिल भी जाता था। कहा जाता है कि मोहन कुमार हर लड़की से अपना नाम अलग-अलग बताता था और उसे झांसे में लेने के लिए अपनी जाति भी वही बताता था, जो लड़की की जाति होती थी। उसके करीब 12 उपनाम सामने आए थे। इसके अलावा वह खुद को सरकारी नौकरी में होना भी बताता था, जिससे लड़कियां जल्दी उसके झांसे में आ जाती थीं। गिरफ्तारी के बाद उसे साइनाइड मोहन या साइनाइड किलर के नाम से जाना जाने लगा। दिसंबर 2013 में मंगलौर की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने उसे 20 महिलाओं की हत्या का दोषी माना और फांसी की सजा सुनाई। इसमें सबसे हैरानी की बात ये भी है कि मोहन कुमार अपना केस खुद ही लड़ रहा था। 

Sunday, January 19, 2020

1/19/2020 09:19:00 AM

अवैध ट्रक पकड़ा तो रेत माफिया ने खनिज इंस्पेक्टर को अगवा किया, तीन घंटे बाद छोड़ा, कहा- रिपोर्ट की तो मार डालेंगे

आलीराजपुर .खनिज निरीक्षक ने रेत से भरा ओवरलोड ट्रक पकड़ा तो ट्रक चालक ने 10-15 साथियों के साथ अधिकारी का अपहरण कर लिया। 3 घंटे बाद बदमाशों ने अधिकारी को छोड़ तो दिया, लेकिन जाते वक्त रिपोर्ट करने पर जान से मारने की धमकी दे गए। मामला शनिवार सुबह करीब 5 बजे का है। खनिज निरीक्षक शैलेष किराड़े ने मामले की शिकायत कोतवाली थाने में की है। किराड़े ने बताया कि शनिवार सुबह मैंने नानपुर रोड से रेत का अवैध परिवहन करते ट्रक जब्त कर थाने में खड़ा कराया था। हम वहां से कुक्षी रोड पहुंचे। तभी बिना नंबरों की तीन कारों में दीपक पिता भारतसिंह 10-15 लोगों के साथ आया। उन्हाेंने वाहन रोककर मेरे ड्राइवर मानसिंह सोलंकी से चाबी छुड़ाकर हमारे मोबाइल छीन लिए। हम दाेनों को अपनी गाड़ी में बैठाकर ले गए।
जोबट-आंबुआ रोड पर जंगल में रेत के अन्य वाहनों को रोककर उनके चालकों से रॉयल्टी छुड़ाकर वीडियो बनाए। हमसे कहा कि आप इन वाहनों पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं करते। बाद में बदमाशों ने हमारे मोबाइल और वाहन लौटा दिया। किराड़े ने कहा- इस घटना के पीछे वाहन मालिक गणपत छड़ाेदी निवासी सागौर का हाथ है। मैंने उक्त वाहनों व आरोपियों को देखा है, जिन्हें मैं सामने आने पर पहचान लूंगा। मामले की सूचना कलेक्टर सुरभि गुप्ता को दे दी है।
जल्द गिरफ्तार करेंगे:-
ट्रक चालक का नाम भी घटना में शामिल है। उसी के जरिए हम अन्य लोगों की भी पहचान करेंगे। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-दिनेश सोलंकी, टीआई, कोतवाली-

Tuesday, December 31, 2019

12/31/2019 06:48:00 PM

इस हाइवे पर सजता है जिस्मफरोशी का बाजार, परंपरा की आड़ में खुलेआम देह व्यापार

मध्य प्रदेश के नीमच जिले में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो परंपरा के नाम पर हाइवे के किनारे वैश्यावृत्ति का धंधा चला रहा था. पुलिस ने छापे के दौरान 4 नाबालिगों समेत 12 महिलाओं को हिरासत में लिया है जबकि मौके से 12 ग्राहक भी आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए. जिन्हें पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है.
दरअसल, पुलिस ने यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर अंजाम दी. पुलिस के अनुसार एक गैरसरकारी संगठन ने पुलिस को इस शर्मनाक धंधे के बारे में सूचित किया था. पुलिस को मिली शिकायत के मुताबिक नीमच के जेतपुरा में फोर लेन हाईवे के किनारे बांछड़ा समुदाय के लोग रहते हैं. जो अपने घर की महिलाओं और बेटियों से देह व्यापार कराते हैं.
बांछड़ा समुदाय के लोगों ने हाइवे के किनारे पर ही अपने डेरे बना रखे हैं. जहां बीते कई महीनों से जिस्मफरोशी का धंधा चलाए जाने की सूचना पुलिस को मिल रही थी. नीमच थाने के प्रभारी नरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि एनजीओ से मिली जानकारी के बाद पता चला कि बांछड़ा समुदाय अपनी नाबालिग बच्चियों से भी वैश्यावृत्ति करा रहा है.
इसी सूचना के आधार पर टीम बनाई गई और जेतपुरा में फोर लेन हाईवे के किनारे छापेमारी की गई. इस दौरान मौके से वैश्यावृत्ति में शामिल 12 ग्राहकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. जबकि मौके से बरामद नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड लाइन की मदद से सीडब्ल्यूसी काउंसलिंग के लिए भेजा गया.
जानकारी के मुताबिक नीमच, मंदसौर और रतलाम जिले में फोर लेन हाइवे के किनारे बांछड़ा समुदाय के लोग परंपराओं के नाम पर खुलेआम देह व्यापार करवाते हैं. जिसमें कई नाबालिग बच्चियों को जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल दिया जाता है.
कुछ रिपोर्ट में दावा किया जाता है कि करीब 2 हजार से ज्यादा नाबालिग बच्चियां को अब तक हाइवे पर ही जिस्मफरोशी के धंधे में झोंका जा चुका है. अब पुलिस पकड़ी गई महिलाओं और अन्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि सख्त कार्रवाई और जागरुकता से परंपरा के नाम पर चलने वाले धंधे को बंद किया जा सकता है.

Wednesday, December 25, 2019

12/25/2019 07:41:00 PM

पांच हथियारबंद डकैतों ने परिवार को बंधक बनाकर की 20 लाख की डकैती, परिवार के साथ कि बेरहमी से मारपीट

रायसेन। जिले के गौरहगंज थाना क्षेत्र इलाके बिनेका गांव में एक परिवार को बंधक बनाकर 20 लाख की डकैती की वारदात सामने आई है। बताया जा रहा है कि देर रात 12 बजे पांच हथियारबंद बदमाश एक घर में घुसे और बंदूक की नोक पर परिवार को बंधक बना लिया। इसके बाद घर में रखी नगदी, जेवरात और कीमती सामान जिनकी कीमत करीब 20 लाख है इसे लेकर सुबह 5 बजे फरार हो गए। इस दौरान बदमाशों ने परिवार के लोगों के साथ मारपीट भी की और उनसे पूछते रहे कि पैसा और जेवरात कहां रखे हैं। सुबह सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस आस-पास के इलाकों में जांच कर पता लगा रही है कि बदमाश किस ओर भाग हैं। बिनेका गांव नेशनल हाईवे 12 पर स्थित है और यहां से निकलने वाले मार्ग पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी निकालने की तैयारी है।
सूचना मिलने पर रायसेन से बड़े पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे। यह भी देखा जा रहा है कि वे किस तरह अंदर घुसे। पुलिस परिवार के लोगों से भी पूछताछ कर पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात किस तरह हुई। यह बताया जा रहा जब बदमाश घर में घुसे तब पूरा परिवार सो रहा था, इसके बाद उन्होंने सभी को एक जगह बांध दिया और मारपीट करने लगे।

Sunday, December 15, 2019

12/15/2019 04:49:00 PM

जिस नाबालिग दोषी ने निर्भया पर सबसे ज्यादा किए थे जुल्म, अब ऐसी है जिंदगी जी रहा है वो

हैदराबाद में वेटनरी डॉक्टर से रेप और मर्डर करने वाले सभी आरोपियों को दो हफ्ते बीतने से पहली ही पुलिस ने एनकाउंटर में मौत दे दी. अब निर्भया के 4 दोषियों (accused) की फांसी की तारीख भी 18 दिसंबर को तय हो सकती है. मौत की सजा (death sentence) पाने जा रहे इन दोषियों मुकेश सिंह, पवन गुप्ता, विनय शर्मा और अक्षय ठाकुर के अलावा मामले में 2 और दोषी भी थे. इनमें से एक गुनहगार राम सिंह ने जेल में ही कथित तौर पर खुदकुशी कर ली. इसके अलावा एक और दोषी भी था. वारदात के वक्त नाबालिग (juvenile) होने के कारण उसे जुवेनाइल कोर्ट से 3 साल की ही कैद हुई और अब वो आजाद है.
यही अकेला दोषी है, जिसका चेहरा और यहां तक कि नाम भी दुनिया नहीं जानती है. जानें, कहां है निर्भया का नाबालिग (juvenile accused of nirbhaya) गुनहगार और कैसे बिता रहा है जिंदगी.
क्या है निर्भया का मामला:-
आज से ठीक एक रोज बाद यानी 16 दिसंबर 2012 को एक पैरामेडिकल छात्रा के साथ घटा हादसा देश के राजधानी के लिए बदनुमा दाग बन गया. 16 दिसंबर की रात निर्भया अपने एक दोस्त के साथ फिल्म देखकर लौट रही थी. रास्ते में दोनों ने मुनीरका से एक बस ली. इस बस में उनके अलावा 6 लोग है. जल्द ही उन लोगों ने निर्भया से छेड़खानी शुरू कर दी, जो रेप में बदल गई.
इस बीच निर्भया के दोस्त को दोषियों ने पीटकर बेहोश कर दिया था. बर्बर गैंग रेप के बाद उन लोगों ने खून से लथपथ निर्भया और उसके दोस्त को वसंत विहार इलाके में चलती बस से फेंक दिया. आंतों और पूरे शरीर में गंभीर इंफेक्शन के बाद एयरलिफ्ट कर निर्भया को सिंगापुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां 29 दिसंबर की देर रात उसने दम तोड़ दिया.
नाबालिग ने ऐसे की दरिंदगी:-
इस बीच वारदात में शामिल छहों आरोपी गिरफ्त में आ चुके थे, जिनमें से एक ड्राइवर राम सिंह ने जेल में ही खुदकुशी कर ली. वहीं नाबालिग आरोपी को जुवेलाइल जस्टिस के तहत सजा हुई. बाल सुधार गृह में 3 साल बिताने के बाद 20 दिसंबर 2015 को उसे रिहाई मिल गई. छहों दोषियों के बयान के बाद ये माना जाता रहा है कि इसी नाबालिग ने निर्भया और उसके दोस्त को आवाज देकर अपनी बस में बुलाया था, जबकि वो एक स्कूल बस थी, न कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट. निर्भया के बैठने के बाद उसी ने छेड़छाड़ शुरू की और अपने साथियों को रेप के लिए उकसाया. यही वो दोषी था, जिसने निर्भया के शरीर में लोहे की रॉड घुसाई, जिससे फैला इंफेक्शन 26 साल की छात्रा की मौत की वजह बना.
दोषी का लेखा-जोखा:-
जानकारी के अनुसार दोषी उत्तप्रदेश का रहने वाला है, जो 11 साल की उम्र में घर की तंग हालत की वजह से भाग निकला और दिल्ली आ गया. यहां फुटपाथों पर दिन गुजारने के दौरान उसकी मुलाकात बस ड्राइवर राम सिंह से हुई. तब से वो राम सिंह के लिए क्लीनर का काम करने लगा. हालांकि राम सिंह से उसे कुछ खास पैसे नहीं मिलते थे और लगभग 8000 रुपए बकाया भी थे.
16 दिसंबर की रात उन्हीं पैसे के लिए वो राम सिंह के पास पहुंचा और वहीं से घटना की शुरुआत हुई. वारदात के वक्त उसकी उम्र 17 साल 6 महीने थी. यानी वयस्क होने में सिर्फ 6 महीने कम.
कुक का काम करता है:-
इस दोषी के खिलाफ पूरे देश में इतना गुस्सा था कि सुरक्षा गृह में भी उसे गहन सुरक्षा में अलग रखा गया. हालांकि उस दौरान एक एनजीओ ने उसकी मानसिक सेहत ठीक रखने के लिए उसे कमरे में ही टीवी मुहैया करवाई. नाबालिक ने कड़ी निगरानी में रहते हुए सिलाई का काम सीखा. बाद में उसने खाना पकाने में अपनी रुचि दिखाई, जिससे उसे कुकिंग का काम भी सिखाया गया.
आफ्टर केयर से रिहाई के बाद उसे उसके घरवालों की इजाजत के बाद दक्षिण भारत के एक अनाम जिले में रखा गया है. माना जाता है कि अब भी लोगों में उसके लिए काफी गुस्सा है, इसलिए उसे सुरक्षित रखने के लिए उसका नाम तक बदल दिया गया है. बदले हुए नाम के साथ वो रेस्टॉरेंट में काम करता है. समय-समय पर उसके काम की जगह बदल दी जाती है ताकि किसी पर भी उसकी असल पहचान जाहिर न हो सके.
इसी मामले के बाद कानून में हुए बदलाव:-
निर्भया मामले के बाद देश में बलात्कार की परिभाषा में काफी बदलाव हुए. इससे पहले सेक्सुएल पेनिट्रेशन को रेप माना जाता था, लेकिन इस घटना के बाद छेड़छाड़ और दूसरे तरीकों से यौन शोषण को भी बलात्कार में शामिल किया गया.
पार्लियामेंट में नया जुवेनाइल जस्टिस बिल पास हुआ, जिसमें बलात्कार, हत्या और एसिड अटैक जैसे क्रूरतम अपराधों में 16 से 18 साल के नाबालिग आरोपियों पर भी वयस्क कानून के तहत आम अदालतों में केस चलता है. नए कानून के तहत 16 से 18 साल के नाबालिग को इन अपराधों के लिए बाल संरक्षण गृह में रखा जाने की बजाए सजा हो सकती है, हालांकि ये सजा अधिकतम 10 साल की ही हो सकती है और फांसी या उम्रकैद नहीं दिया जा सकेगा.

Wednesday, December 11, 2019

12/11/2019 07:13:00 AM

जेल से छूटने के बाद 14 दिन में 11 महिलाओं से किया दुष्कर्म, मिली 33 साल की उम्र कैद की सजा

लंदन। ब्रिटेन के एक सीरियल दुष्कर्मी को 33 साल की उम्र कैद की सजा मिली है। जोसेफ मैक्केन को ब्रिटेन का सबसे खतरनाक यौन अपराधी करार दिया गया है। उसने दो हफ्ते में 11 महिलाओं और बच्चों का अपहरण कर गलत काम किया। पीड़ितों की उम्र 11 साल से 71 साल के बीच है। इसमें से तीन महिलाएं हैं, जिनका चाकू की नोंक पर उसने सड़क से अपहरण किया और बार-बार दुष्कर्म किया।
उन्हें शुक्रवार को ओल्ड बेली में 37 अपराधों का दोषी पाया गया था। जस्टिस एडिस ने कहा कि मैक्केन को कम से कम 30 साल तक जेल की सजा काटनी चाहिए। वह बच्चों के लिए खतरा है और बाल दुष्कर्मी भी है। न्यायाधीश ने उसे 'क्लासिक मनोरोगी' करार देते हुए कहा कि इस बात की स्वतंत्र और व्यवस्थित जांच की जानी चाहिए कि मैक्केन के पीड़तों की सुरक्षा करने में सिस्टम कैसे विफल हो गया।
एक गलती से रिहा हो गया था जेल से:-
फरवरी में एक परिवीक्षा गलती के बाद सजायाफ्ता चोर मैक्केन को जेल से रिहा कर दिया गया था। इसके बाद अप्रैल में 34 वर्षीय मैक्केन ने वाटफोर्ड में एक के बाद एक कई यौन हमलों की घटानाओं को अंजाम देने के बाद लंदन, ग्रेटर मैनचेस्टर और चेशायर चला गया। ओल्ड बेली में मैक्केन को सजा सुनाते हुए, जस्टिस एडिस ने उसे एक कायर, हिंसक धमकी देने वाला और बच्चों का दुष्कर्म करने वाला (पीडोफाइल) करार दिया।
जज ने कहा- ऐसा पहले कभी नहीं देखा या सुना:-
उन्होंने कहा कि उसके शिकार हुए पीड़ित शायद कभी इस सदमे से उबर नहीं पाएंगे। यह बलात्कार, हिंसा और अपहरण के एक अभियान की तरह था, जिसे मैंने पहले कभी नहीं देखा या सुना। 25 वर्षीय एक पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि वह 14 घंटों तक उसके कब्जे में रही और इस दौरान उसने जो नर्क भोगा, उसने मुझे गहरे तक प्रभावित किया। उसने कहा कि वह अपनी चिकित्सा के लिए भुगतान कर रही थी, क्योंकि एनएचएस उपचार के लिए आठ महीने से एक साल तक प्रतीक्षा करने के लिए कहा गया था। इस तरह के हमले में जीवित बचे लोगों के लिए सेवाओं की कितनी कमी है, यह इस बात को जाहिर करता है और इसकी आलोचना की जानी चाहिए।
सड़क चलती महिलाओं को बनाया शिकार:-
बताते चलें कि 21 अप्रैल को मैक्केन ने महिलाओं के खिलाफ हमले की शुरुआत की थी, जब उसने 21 वर्षीय एक महिला का चाकू की नोंक पर अपहरण कर लिया था। महिला नाइट क्लब से वाटफोर्ड में अपने घर जा रही थी। मैक्केन उसे एक घर में ले गया, जहां उसने महिला से दुष्कर्म किया।
इसके चार दिनों के बाद मैक्केन ने 25 वर्षीय महिला का पूर्वी लंदन में आधी रात को उस वक्त अपहरण कर लिया गया, जब वह घर जा रही थी। कई घंटों तक कई जगहों पर मैक्केन ने उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया।
वोदका बोतल मारकर भागी दो बहनें:-
उसी दिन बाद में उसने उत्तरी लंदन के एजवेयर में 21 वर्षीय एक महिला का अपहरण किया, जो अपनी बहन के साथ सड़क से गुजर रही थी। मैक्केन वाटफोर्ड में उन्हें ले जा रहा था, जहां के एक होटल में उसने एक कमरा बुक कर रखा था। वहां उन बहनों में से एक ने वोदका की बोतल को मैक्केन के सिर में मारा दिया और फिर वे मदद हासिल करने के लिए वहां से भाग खड़ी हुई थीं।
पांच मई को सुबह वह ग्रेट मैनचेस्टर में एक महिला के घर गया, जिससे वह एक बार में मिला था। घर के अंदर जाने के बाद उसने महिला को बिस्तर पर बांध दिया और उसके 11 वर्षीय बेटे और 17 वर्षीय बेटी से छेड़छाड़ की। उन्हें बताया कि तुम कल यूरोप जा रहे हो, तुम मेरे हो। लड़की ने कहा कि उसे यौन गुलाम बनने का डर था और इसलिए वह खिड़की से कूद कर भाग गई और उसने पुलिस को सतर्क कर दिया। तब मैककैन ने एक 71 वर्षीय महिला का अपहरण कर दुष्कर्म किया और सड़क से अपहरण कर 13 वर्षीय एक लड़की का यौन उत्पीड़न किया।
बचने के लिए पेड़ पर चढ़ गया था:-
5 मई को मैक्केन ने 14 वर्षीय दो लड़कियों को काट डालने की धमकी देकर उनका अपहरण कर लिया। उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जब एक पुलिस के गश्ती वाहन ने उसका पीछा किया, तो वह भागने लगा। पुलिस हेलीकॉप्टर ने आखिरकार उसका पता लगा लिया। उस वक्त वह एक पेड़ पर चढ़ा हुआ था। उसे 6 मई को गिरफ्तार कर लिया गया था।

Thursday, December 5, 2019

12/05/2019 05:36:00 AM

दरोगा जी बने फर्जी दूल्हा और गैंग सहित पकड़ में आई लुटेरी दुल्हन, पुलिस ने ऐसे दिया कार्रवाई को अंजाम

बड़वानी/(मध्यप्रदेश)। शादी की नौटंकी कर रुपए और जेवर लेकर रफूचक्कर हो जाने वाली दुल्हन और उसके साथियों को पकड़ने के लिए शहर पुलिस ने जाल बिछाकर स्वांग रचा। एक एसआई को दूल्हा बता पुलिस टीम बुधवार को लुटेरी दुल्हन और उसके साथियों से मिलने पहुंची। तय स्थान पीजी कॉलेज के पास मुलाकात हुई।
इस दौरान लड़की, उसकी मां, मौसी और एक पंडित उनसे मिलने पहुंचा। यहां सगाई में 50 हजार रुपए देने व शादी में एक लाख के जेवर देने का सौदा हुआ। इस पर पुलिस टीम ने चारों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि पूर्व में तीन लड़कों को शिकार बनाया जा चुका है।
थाना प्रभारी राजेश यादव ने बताया कि छह दिन पूर्व दुर्गाशंकर सुतार निवासी इंडोरामा पीथमपुर (धार) ने उसके लड़के महेंद्र के साथ फर्जी शादी कर धोखाधड़ी किए जाने के संबंध में आवेदन दिया था। इसमें बताया था कि महेंद्र की शादी नहीं हो रही थी। किसी परिचित के बताने पर उन्होंने किरण (23) पिता देवीसिंग पंवार निवासी आनंदखेड़ी, ठीकरी से रिश्ते की बात चलाई। 21 नवंबर को महेंद्र और किरण की शादी बड़वानी में हुई।

शादी में लड़के वालों ने 70 हजार रुपए दुल्हन की मां को दिए और दुल्हन को सोने का मंगलसूत्र, सोने का नाक का कांटा, चांदी की पायल व बिछुड़ी दी। शादी के दौरान दुल्हन की मौसी चकेलीबाई पति गुड्डू भी शामिल रहा। शादी के बाद दुर्गाशंकर बहू को लेकर घर पहुंचा। रात करीब 3.30 बजे दूल्हे महेंद्र ने देखा तो दुल्हन किरण सभी जेवर लेकर गायब थी। कुछ दिन खोजने के बाद दुर्गाशंकर ने बड़वानी थाने पर शिकायत की।
पुजारी ने किराए पर ले रखा है घर:-
यादव ने बताया कि मामले में सरगना पंडित वीरू (38) पिता लालजी शर्मा निवासी न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बड़वानी, किरण (23) पिता देवीसिंग पंवार व उसकी मां सुनीताबाई (58) पति देवीसिंग पंवार निवासी आनंदखेड़ी ठीकरी व किरण की मौसी चके लीबाई (43) पति गुड्डू मेहरा निवासी मुंमई माता मंदिर के पास बड़वानी द्वारा मिलकर धोखाधड़ी किया जाना सामने आया है। आरोपित पंडित वीरू ने बड़वानी में एक मकान किराए पर ले रखा है, जिसे लड़की का घर बताकर 21 नवंबर को महेंद्र से शादी की गई थी।
तीन लड़कों को बनाया शिकार:-
लुटेरी दुल्हन और उसके साथियों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम ने सब-इंस्पेक्टर मोहनसिंह डावर को दूल्हा होना बताया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपित सुनीताबाई ने बताया कि किरण की सबसे पहले शादी उदयपुर में हुई थी। वहां तलाक हो गया था। वह वहां से भी रुपए व गहने लेकर आ गई थी। इसके बाद किरण ने पुसाराम जाट निवासी राजस्थान से लव मैरिज की। वहां भी कुछ दिन रहने के बाद किरण रुपए लेकर अपनी मां के पास ठीकरी आ गई। इसके बाद पीथमपुर निवासी महेंद्र को शिकार बनाया।

Wednesday, December 4, 2019

12/04/2019 12:14:00 PM

कार में मिला डॉक्टर और महिला मित्र का शव, गोली लगने से हुई मौत, दोनों के बीच था लव अफेयर

नई दिल्ली. मंगलवार सुबह दिल्ली (Delhi) के रोहिणी (Rohini) इलाके में एक कार के अंदर दो लोगों का खून से सना शव (Dead Body In Car) मिलने से हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक कार में एक डॉक्टर और उनकी महिला मित्र का शव मिला. दोनों की मौत गोली लगने से हुई है. प्रशांत विहार थाना की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. कार के अंदर से डॉक्टर की एक लाइसेंसी पिस्टल (Licenced Pistol) भी मिली है.
पुलिस ने शुरुआती जांच में बताया कि दोनों की मौत गोली लगने से हुई है. मृतक डॉक्टर का नाम 62 वर्षीय ओमप्रकाश कुकरेजा है. जबकि कार में मिली दूसरी डेड बॉडी उनकी महिला मित्र सुदीप्ता मुखर्जी का है. 55 वर्षीय सुदीप्ता की मौत भी गोली लगने से हुई है. डॉ. ओमप्रकाश कुकरेजा की कनपटी पर गोली लगी हुई है. कार में मिली पिस्टल डॉक्टर की लाइसेंसी बताई जा रही है.
पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच लव अफेयर था:-
पुलिस के मुताबिक सुदीप्ता मुखर्जी का रोहिणी में ही निर्वाण नाम का नर्सिंग होम है और वो उसमें MD थीं. जबकि ओमप्रकाश कुकरेजा उसी नर्सिंग होम में डॉक्टर थे. पुलिस के मुताबिक दोनों का लव अफेयर था. जिसमें सुदीप्ता मुखर्जी ओमप्रकाश पर शादी का दबाव बना रही थी जिसे लेकर वो काफी परेशान थे. डॉ. ओमप्रकाश कुकरेजा की पत्नी दिव्यांग है.
पुलिस इसे महिला मित्र की हत्या के बाद डॉक्टर के सुसाइड एंगल से जोड़कर देख रही है.

Monday, December 2, 2019

12/02/2019 06:30:00 AM

यहां रोज औसतन 1400 महिलाओं से होता है रेप, इस मामले में सबसे ज्‍यादा बदनाम हैं ये 10 देश

नई दिल्‍ली. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद (Hyderabad) में एक डॉक्‍टर की गैंगरेप (Gangrape) के बाद हत्‍या (Murder) कर दी. इसके बाद आरोपी उनके शव को ट्रक में डालकर घूमते रहे. फिर सुनसान जगह देखकर शव को आग के हवाले कर दिया. वहीं, झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में एक स्‍टूडेंट को अगवा कर आरोपियों ने पहले कॉल कर अपने 10 दोस्‍तों को बुलाया. फिर उसका बारी-बारी से गैंगरेप किया. इसके बाद छात्रा को वहीं छोड़ गए जहां से किडनैप किया था. इन दोनों घटनाओं से स्‍पष्‍ट है कि आरोपियों को कानून का कोई डर नहीं था. साथ ही दोनों घटनाओं ने महिला सुरक्षा (Women Safety) को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पिछले कुछ साल के दौरान भारत में रेप की ऐसी घटनाएं भी हुईंं, जिनसे भारत को दुनिया भर में शर्मिंदगी झेलनी पड़ी. जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुआ रेप केस के बाद तो अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की तत्‍कालीन अध्‍यक्ष क्रिस्टिन लैगार्डे (Christine Lagarde) को कहना पड़ा था कि भारत सरकार दोषियों के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई करे. दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में अगस्‍त 2019 में पोस्‍ट ऑफिस कर्मी ने स्‍टूडेंट की दो बार रेप करने के बाद सिर कुचलकर हत्‍या कर दी थी. हाल में उसे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है.
यौन हिंसा किसी एक देश की महिलाओं की समस्या नहीं है. पूरी दुनिया की महिलाएं इस समस्या से जूझ रही हैं. अमेरिका, कनाडा, स्वीडन और ब्रिटेन जैसे सबसे विकसित देशों में रेप की सबसे ज्‍यादा घटनाएं हुई हैं. दुनिया भर में करीब 36 फीसदी महिलाएं शारीरिक या यौन हिंसा की शिकार बनी हैं. अमेरिका में 12 से 16 साल की 83 फीसदी लड़कियों का किसी ना किसी रूप में यौन उत्पीड़न किया गया है. इंग्लैंड में हर 5 में एक महिला किसी न किसी रूप में यौन हिंसा का शिकार हुई हैं. दक्षिण अफ्रीका रेप की घटनाओं के मामले में दुनिया में सबसे ऊपर है. यहां हर दिन औसतन 1400 रेप की घटनाएं होती हैं. इनमें करीब 20 फीसदी घटनाओं में पुरुष भी शिकार बनते हैं.
दक्षिण अफ्रीका में हर साल होती हैं 5 लाख रेप की घटनाएं:-
दक्षिण अफ्रीका (South Africa) में हर साल 5,00,000 रेप की घटनाएं होती हैं. इस आंकड़े के साथ अफ्रीका दुनिया में रेप की घटनाओं के मामले में सबसे ऊपर है. दक्षिण अफ्रीका की 40 फीसदी से ज्‍यादा महिलाएं अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार रेप की शिकार होती हैं. अफ्रीकी मेडिकल रिसर्च काउंसिल के अनुमान के मुताबिक, हर 9 में केवल 1 महिला रेप की रिपोर्ट दर्ज कराती है. दक्षिण अफ्रीका में ज्‍यादातर यौन हिंसा की घटनाएं महिलाओं के खिलाफ हैं, लेकिन पुरुषों और बच्चों के साथ भी यौन शोषण के मामले कम नहीं हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, 4 फीसदी से ज्‍यादा पुरुषों को दूसरे पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया. दक्षिण अफ्रीकी पुलिस के अनुसार, 41 फीसदी बच्चे रेप के शिकार होते हैं. रेप पीड़ितों में करीब 15 फीदी बच्चे 11 साल से कम उम्र के हैं. दक्षिण अफ्रीका के टीयर्स फाउंडेशन और मेडिकल रिसर्च काउंसिल के मुताबिक, 18 वर्ष की आयु से कम आयु के 50 फीसदी बच्चों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है. एक रिपार्ट के मुताबिक, दक्षिण अफ्रीका में करीब 20 फीसदी पुरुष रेप के शिकार बने हैं.
स्‍वीडन में रेप के मामलों में दर्ज हुई 1472 फीसदी वृद्धि:-
स्वीडन (Sweden) दूसरा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्‍यादा रेप के मामले सामने आए हैं. स्‍वीडन में हर चार में से एक महिला रेप की शिकार हुई है. स्‍वीडन की पुलिस ने 1975 में 421 रेप के मामले दर्ज किए. साल 2014 में ऐसी घटनाओं की संख्‍या बढ़कर 6,620 हो गई यानी स्‍वीडन में रेप की घटनाओं में 1472 फीसदी की वृद्धि हुई. इस आधार पर कहा जा सकता है कि स्वीडन महिलाओं के लिए खतरनाक देश है. पूरे यूरोप में स्वीडन में रेप की दर सबसे अधिक है. स्वीडिश नेशनल काउंसिल फॉर क्राइम प्रिवेंशन के अनुसार, स्‍वीडन पुलिस ने 2013 में हर 100,000 लोगों पर 63 रेप के मामले दर्ज किए थे. स्वीडन में बलात्कार के मामलों पर काम करने वाले वकीलों का कहना है कि तीन में से एक स्वीडिश महिला का यौन उत्पीड़न बचपन में ही हो जाता है.
अमेरिका में:-
जॉर्ज मेसन यूनिवर्सिटी के वर्ल्डवाइड सेक्शुअल असॉल्ट स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक, हर तीन में एक अमेरिकी (US) महिला का पूरे जीवन में कम से कम एक बार यौन शोषण किया गया था. वहीं, करीब 19.3 फीसदी महिलाओं और 2 फीसदी पुरुषों का उनके जीवन में कम से कम एक बार रेप हुआ था. अमेरिका में करीब 43.9 फीसदी महिलाओं और 23.4 फीसदी पुरुषों ने अपने जीवनकाल में यौन हिंसा को किसी न किसी रूप में अनुभव किया था. यूएस टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 79 फीसदी अमेरिकी नागरिकों का रेप 25 साल की उम्र से पहले ही हो गया था. वहीं, 40 फीसदी लोग 18 साल की उम्र से पहले ही यौन शोषण के शिकार बन गए थे. एक अन्‍य रिपार्ट के अनुसार, अमरिका में हर 107 सेकंड यानी करीब डेढ़ मिनट में यौन उत्पीड़न की एक घटना होती है. हर साल औसतन 293,000 लोग यौन उत्पीड़न के शिकार होते हैं. वहीं, 68 फीसदी यौन हमलों की जानकारी पुलिस को नहीं दी जाती है. सजा की दर के मामले में अमेरिका की स्थिति भी खराब है. वहां 98 फीसदी मामलों में रेप आरोपी एक भी दिन जेल में नहीं बिताते हैं.
भारत में हर 6 घंटे में एक महिला बन जाती है रेप का शिकार:-
भारत (India) के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, 2010 के बाद से महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 7.5 फीसदी वृद्धि हुई है. साल 2012 के दौरान देश में 24,923 मामले दर्ज हुए, जो 2013 में बढ़कर 33,707 हो गई. रेप पीड़ितों में ज्‍यादातर की उम्र 18 से 30 साल के बीच थी. हर तीसरे पीड़ित की उम्र 18 साल से कम है. वहीं, 10 में एक पीड़ित की उम्र 14 साल से भी कम है. भारत में हर छह घंटे में एक लड़की का रेप हो जाता है. महिलाओं के साथ रेप के मामले में 4,882 की संख्या के साथ 2017 में मध्य प्रदेश सबसे आगे था. एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार] 2017 में देश में 28,947 महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना दर्ज की गईं. इस मामले में उत्तर प्रदेश 4,816 और महाराष्ट्र 4,189 रेप की घटनाओं के साथ देश में दूसरे व तीसरे स्‍थान पर था. नाबालिग बच्चियों के साथ रेप के मामले में भी मध्य प्रदेश देश में सबसे ऊपर है. राज्‍य में ऐसे 2,479 मामले दर्ज किए गए, जबकि महाराष्ट्र 2,310 और उत्तर प्रदेश 2,115 ऐसी घटनाओं के साथ दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे. पूरे देश में 16,863 नाबालिग बच्चियों के साथ रेप के मामले दर्ज किए गए थे. भारत में रेप के कुछ ऐसे मामले भी हुए, जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया था. इनमें 2012 का निर्भया गैंगरेप, 2013 का 22 वर्षीय फोटो जर्नलिस्ट का गैंगरेप, 2015 का 71 वर्षीय नन का पश्चिम बंगाल के रानाघाट में गैंगरेप, 2016 का दलित लड़की की हत्या व रेप, 2018 का कठुआ रेप केस शामिल हैं.
न्‍यूजीलैंड में:-
ब्रिटिश मेडिकल जर्नल लैंसेट की एक रिपोर्ट मुताबिक, न्यूजीलैंड (New Zealand) में हो रहे यौन हमलों की दर पूरे विश्व में हो रहे हमलों की औसत दर से कहीं अधिक है. लैंसेट ने रेप के मामलों में न्यूजीलैंड को ऑस्ट्रेलिया के तीसरे स्थान पर रखा था. न्यूजीलैंड सरकार की एक रिपोर्ट के अनुसार, हर दो घंटे में न्यूजीलैंड में यौन हिंसा से जुड़े हमले होते हैं. आंकड़ों के मुताबिक, हर तीसरी लड़की और हर छठा लड़का 16 साल की उम्र से पहले ही यौन शोषण का शिकार हो जाता है. न्‍यूजीलैंड में पिछले एक साल में यौन हमले की वारदातों में 15 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई. यही नहीं, स्कूलों में ये संख्या दोगुनी हो गई. न्यूजीलैंड में केवल 9 प्रतिशत यौन अपराधों के मामले पुलिस तक पहुंच पाते हैं. पुलिस तक पहुंचे मामलों में केवल 13 फीसदी में ही अपराधी को सजा मिलती है. बाकी 91 फीसदी रेप के मामलों या तो पीड़ित ही पुलिस के पास नहीं जाती या पीड़ित को पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कराने के लिए डराती धमकाती है.
कनाडा में 80 फीसदी दिव्‍यांग भी बनीं यौन हिंसा का शिकार:-
कनाडा (Canada) में यौन उत्पीड़न के मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराने की संख्‍या में तेजी वृद्धि हो रही है. हफिंगटन पोस्ट के अनुसार, देश में हर साल 4,60,000 यौन हिंसा के मामले होते हैं. हर 1,000 यौन उत्पीड़न के मामलों में 33 ही पुलिस तक पहुंच पाते हैं. हालांकि, पुलिस इनमें भी 29 को अपराध के तौर पर दर्ज करती है. हर चौथी महिला अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार रेप का शिकार बनती है. वहीं, 11 फीसदी महिलाओं को रेप के दौरान गहरी शारीरिक चोट लगी थी. केवल 6 फीसदी घटनाओं की ही पुलिस को सूचना दी जाती है. रेप की 80 फीसदी घटनाओं में हमलावर पीड़ित के दोस्त और परिवार में से ही कोई होता है. सबसे परेशान घिनौनी बात यह है कि कनाडा में 83 फीसदी दिव्‍यांग महिलाओं का उनके जीवनकाल में कम से कम एक बार यौन उत्पीड़न हुआ था. कनाडा में 17 फीसदी लड़कियां और 15 फीसदी लड़कों की उम्र यौन उत्‍पीड़न के समय 16 वर्ष से कम थी.
ऑस्ट्रेलिया में:-
ऑस्ट्रेलिया (Australia) में 2015 में जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक, 18 वर्ष से ज्‍यादा उम्र के 52.2 लाख लोग यौन उत्पीड़न का शिकार थे. यौन उत्पीड़न के पीड़ितों में लगभग एक तिहाई लोगों ने हाल ही में हुई घटना की रिपोर्ट पुलिस को दी थी. हर छठी ऑस्ट्रेलियाई महिला से किसी अजनबी ने रेप किया था. ऑस्‍ट्रेलिया में ज्‍यादा रेप विक्टिम 15 साल से ज्‍यादा उम्र की थीं. ऑस्ट्रेलिया 16.4 फीसदी महिलाओं ने अपने पार्टनर के अलावा किसी अन्‍य व्‍यक्ति के रेप करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इस मामले में ऑस्‍ट्रेलिया दुनिया में तीसरे स्‍थान पर है. एनएसडब्ल्यू रेप क्राइसिस सेंटर का कहना है कि इनमें से 70 फीसदी से ज्‍यादा यौन हमले परिवार के सदस्यों, दोस्तों, काम या स्कूल के सहयोगियों ने किए. 29 फीसदी मामलों में महिलाओं से तब रेप किया गया जब वे किसी से मिलने या किसी खास मौके पर कहीं गई हुई थीं. ऑस्‍ट्रेलिया में रेप के एक फीसदी आरोपी ही पूरी तरह से अनजान लोग थे. यानी रेप करने वाल 99 फीसदी आरोपी जान पहचान के थे.
जिम्बाब्वे में हर दिन 16 महिलाएं बनती हैं दरिंदगी का शिकार:-
रेप के मामले में जिम्बाब्वे (Zimbabwe) नौवें स्थान पर है. यहां हर 90 मिनट में कम से कम एक महिला का रेप किया जाता है. जिम्बाब्वे नेशनल स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों के अनुसार, देश में एक महीने में करीब 500 महिलाओं का यौन शोषण और हर दिन 16 महिलाओं के साथ रेप की वारदात हुई. जिम्‍बाव्‍वे में साल 2015 के पहले तीन महीनों में कुल 1,524 रेप के मामले दर्ज किए गए, जबकि 2014 के पहले तीन महीने में 1,285 ऐसे मामले सामने आए थे. पीडि़तों में 780 बच्चे थे, जिनकी उम्र 11 से 16 वर्ष के बीच थी. वहीं, 276 पीडि़तों की उम्र 5 से 10 वर्ष के बीच थी. नेशनल स्‍टैटिस्टिक्‍स के मुताबिक, कुछ मामलो में रिपोर्ट दर्ज नही कराई गई.
फिनलैंड में हर 20 में एक महिला बनाई गई थी रेप का शिकार:-
यूरोपीय यूनियन एजेंसी फॉर फंडामेंटल राइट्स की ओर से 2014 में किए गए सर्वे के मुताबिक फिनलैंड (Finland) में करीब 47 और डेनमार्क (Denmark) में 52 फीसदी महिलाओं ने शारीरिक छेड़छाड़ या यौन शोषण का अनुभव किया था. सर्वेक्षण के मुताबिक, हर 10 में एक महिला को 15 साल की उम्र से पहले ही किसी बालिग ने यौन हिंसा का शिकार बनाया था. वहीं, 10 में एक ने 15 साल की उम्र में यौन हिंसा को किसी न किसी रूप में अनुभव किया था. फिनलैंड में हर 20 में एक महिला का रेप किया गया था और 5 में एक ने अपने मौजूदा या पिछले साथी के शारीरिक या यौन हिंसा करने की बात कही थी. केवल 13 फीसदी महिलाओं ने पुलिस को इस गंभीर घटना की जानकारी दी थी.

Sunday, December 1, 2019

12/01/2019 06:02:00 AM

इन बलात्कार और हत्या के खूंखार मामलों ने हिला कर रख दिया था देश-दुनिया को कौनसे है मामले देखे रिपोर्ट

नई दिल्ली। पिछले कुछ सालों के दौरान कई मोर्चों पर दुनियाभर में झंडा बुलंद करने वाले भारत के हैदराबाद शहर में महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत ने एक बार फिर पूरे इंसानी समाज को शर्मसार किया है। दरअसल, तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में बृहस्पतिवार रात को 27 वर्षीय महिला डॉक्टर की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या ने देश भर के जनमानस को हिलाकर रख दिया है। इससे पहले 16 दिसंबर, 2012 को भी दिल्ली के निर्भया कांड ने देश के साथ दुनिया भर में भूचाल ला दिया था। आइये जानते हैं देश के कुछ दुष्कर्म-हत्याकांड जो देश-दुनिया में भी सुर्खियों में रहे।
2012, निर्भया केस:-
16 दिसंबर, 2012 की रात को हुए इस सामूहिक दुष्कर्म कांड ने देश के लोगों को झकझोर कर रख दिया था। घटनाक्रम के मुताबिक, 16 दिसंबर की रात को निर्भया अपने साथी के साथ घर जा रही थी। घर जाने के क्रम में वह एक निजी बस DL 1PC 0149 में सवार हुई। कुछ दूर चलने पर बस ड्राइवर समेत छह लोगों ने निर्भया के साथ चलती बस में दरिंदगी की। सामूहिक दुष्कर्म के बाद निर्भया 13 दिनों तक अस्पताल में जीवन और मौत के बीच जूझती रही। ...और फिर सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस क्रूर और दिल दहला देने वाली घटना से लोग इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने इंडिया गेट पर जमकर प्रदर्शन किया। देशभर में प्रदर्शनों को दौर देख तत्कालीन केंद्र सरकार ने कुछ महीनों बाद कानून में बड़ा बदलाव किया। इसके कुछ महीने बाद महिला सुरक्षा कानून में बड़ा बदलाव तो हुआ, लेकिन हालात में ज्यादा बदलाव नहीं है। इसी का नतीजा है- हैदराबाद दुष्कर्म और हत्या केस।
प्रियदर्शिनी मट्टू दुष्कर्म कांड:-
दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्ययनरत लॉ की छात्रा प्रियदर्शिनी मट्टू (25) की जनवरी, 1996 में दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। हत्या और दुष्कर्म का आरोप दिल्ली विश्वविद्यालय में कानून के छात्र संतोष कुमार सिंह पर लगा था। संतोष आइपीएस ऑफिसर का बेटा है और फिलहाल वह इस मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। इस दुष्कर्म और हत्याकांड ने देश भर में उबाल ला दिया था। यह हत्याकांड इसलिए भी ज्यादा चर्चा में रहा कि क्योंकि यह  हाईप्रोफाइल मामला बन गया था।
राजस्थान का भंवरी देवी हत्याकांड:-
राजस्थान में 27 बरस पहले एक पिछडी जाति की महिला भंवरी देवी के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। हैरानी की बात तो यह है कि निचली अदालत ने सभी आरोपितों को बरी कर दिया था। यह मामला अब भी कोर्ट में चल रहा है। इस बीच दो आरोपितों को मौत हो चुकी है। 60 साल के करीब पहुंच चुकी भंवरी की इंसाफ की लड़ाई जारी है। भंवरी देवी के साथ यह दरिंदगी 22 सितंबर, 1992 को हुई थी। उस दौरान उनके पति को बंधक बनाकर दबंग जाति के लोगों ने भंवरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
जेसिका लाल हत्याकांड:-
90 के दशक जेसिका लाल हत्या सबसे ज्यादा चर्चा में रही। दरअसल, दिल्ली के महरौली इलाके में एक रेस्तरां में 30 अप्रैल, 1999 को शराब परोसने से मना करने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा के बेटे मनु शर्मा ने जेसिका लाल को गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह मामला काफी चर्चा में रहा था। इस पर फिल्म भी बनी थी, जिसका नाम था 'No One Killed Jessica'।
लखनऊ दुष्कर्म व हत्या मामला:-
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज के बलसिंह खेड़ा प्राइमरी स्कूल में 17 जुलाई, 2014 को एक महिला की अर्धनग्न लाश बरामद हुई थी। जांच के दौरान महिला के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या की बात सामने आई थी। पुलिस ने इस वारदात में आरोपित रामसेवक यादव को शामिल होना पाया। इस दुष्कर्म और हत्याकांड ने तत्कालीन समाजवादी पार्टी को परेशान कर दिया था।
2013, मुंबई दुष्कर्म मामला:-
जहां एक दिल्ली में निर्भया केस का मामला अभी थमा भी नहीं था कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के शक्ति मिल परिसर में 31 जुलाई, 2013 को एक 19 साल की कॉलसेंटर युवती के साथ पांच लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना अंजाम देकर देशभर को परेशान कर दिया था।
यहां पर बता दें कि देशभर में 30 जून, 2019 तक बाल दुष्कर्म के 1,50,332 मामले लंबित थे। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह लोगों को इंसाफ मिलता होगा। 

Saturday, November 30, 2019

11/30/2019 05:34:00 PM

महिला पुलिस अफसर ने 10 हजार के इनामी बदमाश को भेजा शादी का प्रस्ताव, फिर हाथों में पहना दी हथकड़ी

छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के गर्रोली चौकी प्रभारी माधवी अग्निहोत्री ने एक शातिर बदमाश बालकिशन चौबे को पकड़ने के लिए ऐसा अनोखा तरीका अपनाया जिसकी हर जगह चर्चा हो रही है। चौकी प्रभारी माधवी ने बदमाश को शादी का प्रस्ताव भेजा, इस प्रस्ताव पर बालकिशन उनके घर दुल्हन को देखने पहुंचा। माधवी का इशारा मिलते ही वहां मौजूद पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा। जानकारी के मुताबिक बालकिशन पर 10 हजार रुपए का इनाम था और उस पर हत्या, लूट, डकैती, सहित कई मामलों में अपराध दर्ज है, पिछले कई महीनों से वो फरार चल रहा था। नौगांव थाना प्रभारी बैजनाथ शर्मा ने बताया कि उत्तरप्रदेश के महोबा जिले के अजनर थाने के ग्राम खमा का बालकिशन चौबे पिता वृंदावन चौबे(55) आईपीसी की धारा 302, 450, 397/34 के मामलों में पिछले कई महीनों से फरार था। बालकिशन चौबे एक कुख्यात आरोपी है।
इसके अलावा भी इसके ऊपर पहले से कई मामले दर्ज हैं। छतरपुर एसपी ने आरोपी पर 10 हजार का इनाम घोषित किया था। उसे पकड़ने के लिए नौगांव एसडीओपी श्रीनाथ सिंह बघेल के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसमे गर्रोली चौकी प्रभारी माधवी अग्निहोत्री को टीम प्रभारी बनाकर टीम में एसआई अतुल झा, मनोज यादव, एएसआई ज्ञान सिंह, आरक्षक ह्रदेश, रामराज, भूपेन्द्र यादव, अजय मिश्रा, हरदीन, पदम सिंह शामिल किया गया।
मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को नौगांव थाना क्षेत्र की सीमा से लगे उत्तरप्रदेश के ग्राम बिजोरी में घेराबंदी कर बालकिशन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से पल्सर मोटर साइकिल सहित एक कट्टा व तीन कारतूस जप्त किए गए हैं। उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने दुल्हन बनकर दबोचा आरोपी:-
टीम प्रभारी माधवी अग्निहोत्री ने बताया कि वह और उनकी टीम आरोपी को पकड़ने के लिए काफी दिनों से जाल बिछा रही थी। कई बार आरोपी की सूचना लगी लेकिन आरोपी शातिर होने की वजह से पुलिस को चकमा देता रहा। आखिकार आरोपी को पकड़ने के लिए टीम प्रभारी माधवी अग्निहोत्री ने आरोपी बालकिशन चौबे को शादी का प्रस्ताव भेजा और लड़की दिखाने के बहाने टीम प्रभारी भेस बदलकर आरोपी के पास पहुंची जैसे ही आरोपी सामने आया वैसे ही माधवी ने अपनी टीम को संकेत देकर टीम के सहयोग से आरोपी को धर दबोचा।
सलवार-सूट में भेजी फोटो:-
प्लान के तहत महिला इंस्पेक्टर ने किसी व्यक्ति के जरिए सलवार-सूट पहने हुए अपनी फोटो आरोपी के पास भिजवाई। आरोपी ने फोटो देखने के बाद शादी के लिए लड़की को देखने के लिए हामी भर दी। इसके बाद लड़की आरोपी के ठिकाने पर पहुंची और जैसे ही आरोपी सामने आया तो पुलिस टीम ने उसे धर दबोचा। टीम प्रभारी माधवी अग्निहोत्री ने बताया कि वह और उनकी टीम आरोपी को पकड़ने के लिए काफी दिनों से जाल बिछा रही थी, कई बार आरोपी की सूचना लगी लेकिन आरोपी इतना शातिर है कि पुलिस को चकमा देता रहा।
55 साल का है आरोपी:-
पुलिस ने जिस आरोपी को गिरफ्तार किया है, उसका नाम बालकिशन चौबे है। वह उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। हत्या, लूट और डकैती सहित कई मामलों में आरोपी बालकिशन चौबे फरार चल रहा था। थाना प्रभारी बैजनाथ शर्मा ने बताया कि वह एक कुख्यात किस्म का आरोपी है, इसके अलावा भी इसके ऊपर पहले से कई मामले दर्ज हैं, जिसको देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपी पर दस हजार का इनाम घोषित किया गया था।

Thursday, November 28, 2019

11/28/2019 06:29:00 PM

मिलते ही हुए प्यार कुछ दिन लिव-इन में रहे फिर शादी, और आठ महीने में पति बना दरिंदा....

पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जिससे हर कोई पति-पत्नी और प्यार के रिश्ते से तौबा कर ले। एक खूबसूरत और खुशहाल कहानी का कितना दर्दनाक अंजाम हो सकता है और कुछ छोटे झगड़े कितना भयावह रूप ले सकते हैं यह दिल्ली की इस घटना से साफ पता चलता है। तस्वीरों में जानें क्या है ये घटना जो किसी का भी इंसानियत से भरोसा उठा सकती है...पश्चिम दिल्ली के जनकपुरी इलाके में नवविवाहिता की गोली मारकर हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने मृतका नैंसी (20) के पति साहिल चोपड़ा (21), उसके कर्मचारी शुभम (24) और रिश्तेदार गांव घरौंदा, करनाल निवासी शुभम (26) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों की निशानदेही पर पानीपत रिफाइनरी के पास ददलाना गांव की झाड़ियों से नैंसी की सड़ी-गली लाश भी बरामद कर ली।बुधवार को पानीपत के सिविल अस्पताल में नैंसी का पोस्टमार्टम कराकर शव परिवार को सौंप दिया गया। साहिल ने पूछताछ में खुलासा किया है कि रोज-रोज के झगड़े से तंग आकर उसने नैंसी के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसका शव ठिकाने लगा दिया। इन आरोपियों को द्वारका कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।पुलिस के मुताबिक नैंसी अपने परिवार के साथ हरी नगर में रहती थी। इसकी मुलाकात पुरानी कारों का कारोबार करने वाले साहिल से हुई। दोनों की दोस्ती प्यार में बदली। बाद में घर वालों की मर्जी से दोनों ने 27 मार्च 2019 को शादी कर ली। साहिल परिवार के साथ बी-1, जनकपुरी में रहता था। शादी के कुछ ही समय बाद दोनों के बीच अनबन रहने लगी। आरोप है कि साहिल का परिवार नैंसी को दहेज के लिए परेशान करने लगा। चूंकि नैंसी ने प्रेम विवाह किया था। इसलिए उसने परिवार को कभी इसके बारे में नहीं बताया। नैंसी ने अपनी सहेली को इस संबंध में जरूर बताया। नैंसी की सहेली ने मैसेज कर उसके पिता संजय शर्मा को इसकी जानकारी दी। इधर परिवार ने जब नैंसी को कॉल किया तो उसका मोबाइल बंद था। नैंसी के परिजन साहिल के घर पहुंचे तो उसके दादा ने दोनों के फ्रांस घूमने जाने की बात की। वहीं साहिल का पिता जयपुर और मां हरिद्वार जाने की बात करने लगे। नैंसी के पिता संजय शर्मा ने जब साहिल को कॉल करने का प्रयास किया तो उसका भी मोबाइल बंद आया। शक होने पर परिवार ने 25 नवंबर को मामले की सूचना पुलिस को दी। छानबीन के बाद पुलिस ने मंगलवार को इस संबंध में अपहरण समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नैंसी का मोबाइल फोन 11 नवंबर से बंद था। इसके अलावा 12 नवंबर से साहिल का भी फोन बंद था। पुलिस ने दोनों की सीडीआर निकलवाई।
ऐसे आरोपियों तक पहुंची पुलिस...
पुलिस ने साहिल के कॉल की डीसीआर निकलवाई तो पता चला कि 11 नवंबर की रात व 12 नवंबर को वह अपने कर्मचारी शुभम व रिश्तेदार बादल के संपर्क में था। इसका पता चलते ही पुलिस की एक टीम को करनाल रवाना किया गया। वहां से पुलिस ने बादल और शुभम को दबोच लिया। उन्होंने बताया कि साहिल ने 11 नवंबर को नैंसी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने दोनों की मदद ली। बाद में पुलिस ने साहिल को भी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपियों की निशानदेही पर नैंसी का शव पानीपत से बरामद किया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने का प्रयास कर रही है। आरोपी ने बताया कि शादी के बाद से ही नैंसी ने उससे झगड़ा करना शुरू कर दिया था जिससे परेशान होकर उसने वारदात को अंजाम दिया।

Saturday, November 23, 2019

11/23/2019 07:20:00 AM

पति की हत्या कर किचन में दफना उसी जगह एक माह बनाया खाना, फिर हुआ सनसनीखेज खुलासा

अनूपपुर । मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में पारिवारिक विवाद का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने विवाद के चलते अपने पति की हत्या कर दी और और किचन में ही दफना दिया। इसमें सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि पत्नी ने जिस जगह पर पति को दफन किया, उसी जगह पर वह महिला एक माह तक खाना भी बनाती रही। हालांकि इस हत्याकांड का खुलासा होने के बाद पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय सूत्रों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह मामला मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के करोंदी गांव का है। यहां 32 साल की एक महिला प्रमिला ने अपने वकील पति महेश बैनेवाल की हत्या कर दी और लाश को किचन में ही दफन कर दिया।
दर्ज कराई गुमशुदगी की रिपोर्ट:-
आरोपी पत्नी ने जिस जगह पति को दफन किया वहीं पर वह खाना भी बनाती रही। हत्या के बाद महिला ने स्थानीय पुलिस थाने में 22 अक्टूबर को पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। पुलिस भी इस मामले की जांच में जुट गई।
बड़े भाई को हुआ शक:-
करीब एक माह बाद मृतक महेश बैनेवाल के बड़े भाई ने पुलिस को आशंका जताई है कि उसके छोटे भाई के घर में ही संदिग्ध है क्योंकि कई बार छोटे भाई के घर में जाने के दौरान उसकी पत्नी हर बार घर में अंदर जाने से रोक देती है और टरकाने लगती है। इस बात को लेकर बड़े भाई को संदेह हुआ।
आरोपी महिला ने लगाए सनसनीखेज आरोप:-
अमरकंटक थाने के एसएचओ भानू प्रताप सिंह के मुताबिक बड़े भाई से मिली जानकारी के आधार पर टीम मृतक के घर पहुंची तो उन्हें भी कुछ दुर्गंध का अहसास हुआ। जब किचन में पहुंचे तो दुर्गंध और तेज हो गई। जब किचन में दुर्गंध वाली जगह को खोदा गया तो उसमें से महेश का शव मिला। इस पर प्रमिला ने पुलिस को बताया कि उसके पति महेश के बड़े भाई गंगाराम की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे, इसलिए गंगाराम और मैंने मिलकर अपने पति की हत्या का प्लान बनाया।
महिला की ये बात सुनकर पुलिस भी हैरान हो गई। वहीं बड़े भाई गंगाराम ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि उसके छोटे भाई की पत्नी बहुत चालाक है। मैं इस कत्ल में शामिल नहीं हूं, अब पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। गौरतलब है कि मृतक महेश और प्रमिला की चार लड़कियां है।

Friday, November 22, 2019

11/22/2019 07:22:00 AM

क्राइम स्टोरी:- टैक्सी कैब को लूटकर खुद बनते थे ड्राइवर, सवारियों को बैठाकर देते थे वारदात को अंजाम

नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पहले तो ओला कैब ड्राइवर को लूटते थे फिर उसकी लूटी हुई कार से और सवारियों को बैठाकर उनसे भी लूट की वारदात को अंजाम देते थे. ओर उनको फ्लैट में लाकर बन्द कर देते थे। लाखो रुपये उनके खातों से कार्ड के जरिये निकल कर उन्हें बदहवासी में सड़क पर छोड़ भाग जाते थे।
तलाश में जुटी थी पुलिस:-
जानकारी के मुताबिक इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब इन लोगों ने 1 नवबंर को इसी तरह के लूट की वारदात को अंजाम दिया. लूट के बाद  पटपड़गंज थाने में एक पीड़ित ड्राइवर ने लूट की वारदात को लेकर रिपोर्ट लिखवाई. जिसके बाद से पुलिस इस गिरोह की तलाश में जुटी थी.
लूट की वारदात का हुआ खुलासा:-
पुलिस के मुताबिक पीड़ित ड्राइव ने बताया कि 1 नवबंर की शाम को कुछ लोगों ने आनंद विहार से एक ओला कैब बुक की. उसके बाद उन लोगों ने उस ड्राइवर को एक नसीला पदार्थ पिला उसको एक फ्लैट में बंधक बना दिया.  इन बदमाशों ने पीड़ित ओला ड्राइवर की कार और ओला रजिस्टर्ड मोबाइल का इस्तमाल लूट के लिए किया.
बदमाशों ने ओला ड्राइवर की कार और ओला रजिस्टर्ड मोबाइल के जरिए दिल्ली रेलवे स्टेशन से एयरपोर्ट जाने के लिए एक सवारी को बिठाया औऱ उसके साथ भी लूट की वारदात को अंजाम दिया. इन बदमाशों ने लोगों के डेबिट कार्ड उनसे छीन लिए लिए और अलग अलग एटीएम से लाखों रुपयों को निकाल लिया. यही नहीं बदमाश उन्हें भी फ्लैट में लेजाकर बंधक बना दिया जिसके बाद बदहवासी की हालत में उन्हें सड़क पर छोड़ कर भाग जाया करते थे.
पुलिस ने बदमाशों को किया गिरफ्तार:-
पुलिस ने जानकारी के आधार पर लोनी इलाके से इन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक इनकी पहचान हाशिम, सत्यवीर, सचिन और मज़ीद के रूप में हुई है. ये सभी आरोपी लोनी गाज़ियाबाद के रहने वाले है.
पुलिस ने इनके पास से 1 कट्टा, 3 देसी पिस्टल और 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं. हासिम और मजीद पर पहले से ही लूट और डकैती के कई केस दर्ज हैं. यहां तक उन पर बच्ची से रेप का केस भी दर्ज है. फिलहाल अब ये चारों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस जांच में जुटी है.

Monday, November 18, 2019

11/18/2019 11:50:00 AM

WHATSAPP के जरिये संचालित सेक्स रैकेट का पर्दाफाश चार युवक व चार युवतियां गिरफ्तार, क्राइम ब्रांच की कार्रवाई यह है आरोपी युवकों के नाम

उज्जैन। क्राइम ब्रांच ने रविवार शाम मक्सी रोड स्थित शंकरपुर से देह व्यापार गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने एक मकान में दबिश देकर चार लड़कियों व चार युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरोह की सरगना वाट्सएप पर लड़कियों के फोटो भेजकर ग्राहक तलाशती थी। इसके अलावा वह शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में मकान किराए पर लेती और थोड़े दिनों में खाली कर देती थी। शंकरपुर में सरगना ने खुद का मकान बना लिया था। इसके अलावा उसने एक ऑटो वाले को लड़कियों व लड़कों को लाने व ले जाने के लिए रख रखा था। पुलिस ने मौके से एक कार, ऑटो व बाइक बरामद की है। सरगना से पूछताछ की जा रही है। एएसपी क्राइम प्रमोद सोनकर ने बताया कि लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि शंकरपुर में शिप्रा विहार के समीप मैदान में एक निर्माणाधीन मकान में सेक्स रैकेट संचालित हो रहा है। यहां रहने वाली महिला की गतिविधि संदिग्ध है।
इस पर रविवार शाम को एसआई प्रतिक यादव व क्राइम ब्रांच की टीम को मौके पर भेजा गया था। एक आरक्षक को ग्राहक बनाकर महिला से बात करने के लिए भेजा था। इसके बाद टीम ने छापा मार दिया। पुलिस ने मौके से राजस्थान व नागदा निवासी युवतियों के अलावा मुख्य सरगना व शंकरपुर की रहने वाली महिला सहित चार युवकों को पकड़ा है। पकड़ाए युवकों ने अपने नाम सुरेश पिता रामचंद्र जैन निवासी नागझिरी, ऑटो चालक घनश्याम पिता भीमा चौहान निवासी आगर, बबलू पिता गुलाबसिंह यादव निवासी विदिशा, राजेंद्र जाट बताए हैं। घनश्याम ऑटो चालक था। वह ग्राहकों व लड़कियों को लाने व ले जाने का काम करता था। इसके एवज में सरगना उसे 200 रुपए देती थी।
सरगना की उम्र 60 साल:-
एएसपी सोनकर के अनुसार सरगना बबीता 60 साल की है और वह वाट्सएप पर फोटो भेजकर ग्राहक तलाश करती थी। इसके अलावा वह शहर में अलग-अलग क्षेत्रों में मकान किराए पर लेती थी। उसने नागदा व राजस्थान की युवतियों को अपनी गैंग में शामिल कर रखा था। उन्हें स्टेशन से लाने व ले जाने की भी सुविधा दे रखी थी।

Friday, November 15, 2019

11/15/2019 06:23:00 PM

लूट के इरादे से रोकते, कुछ न मिलने पर करते थे महिलाओं से पति या बॉयफ्रेंड के सामने गैंगरेप

अहमदाबाद/(गुजरात)। पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार को वीरमगाम के वसावा गांव से कुख्यात अपराधी अकबर उर्फ लूलो संधी (45) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अकबर का नाम दो गैंगरेप केस में सामने आया था। क्राइम ब्रांच के प्रभारी डीसीपी राजदीपसिंह झाला ने कहा कि अकबर के गैंग के तीन सदस्य अब भी फरार हैं।
उन्होंने कहा, 'हमें अभी तक दो गैंगरेप केसों में उसकी भूमिका के बारे में पता चला है। एक मामले में एक लड़की का गैंगरेप उसके बॉयफ्रेंड के सामने और दूसरे मामले में एक महिला का गैंगरेप उसके पति के सामने किया गया था।'
सुनसान जगह पर कपल्स को बनाते थे निशाना:-
10 अक्टूबर को अकबर और उसके दो साथियों ने नर्मदा नहर के पास से गुजर रही एक लड़की और उसके बॉयफ्रेंड को रोका। दोनों से जेवर और नकदी की मांग की, मगर उनके पास ज्यादा कुछ नहीं था। इससे नाराज तीनों बदमाशों ने लड़के के हाथ-पैर बांधकर उसके सामने लड़की से गैंगरेप किया और बाद में दोनों को छोड़कर भाग गए। जाते वक्त अकबर लड़के का हेलमेट ले गया, जो उसके पास से बरामद हुआ है।
लूट के इरादे से रोकते, कुछ न मिलने पर करते थे गैंगरेप:-
क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'यह गैंग लूट, डकैती और हत्या जैसे काम भी करता था। किसी महिला के पास अगर महंगी जूलरी नहीं मिलती तो ये उसके साथ रेप करते थे।' क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने कहा कि इस गैंग ने गुजरात के साणंद, सरखेज, बावला, कलोल, लंघदज, बागोदरा, मेहसाणा और वीरमगाम जैसी जगहों पर 18 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया था।

Tuesday, November 12, 2019

11/12/2019 08:39:00 AM

लेखपाल विमलेश ने मां और 2 बेटियों पर तेजाब फेंका हालात गंभीर, आरोपी गिरफ्तार

भदोही (लखनऊ)। जिले में रविवार रात जमीनी विवाद में एक लेखपाल ने सो रहीं तीन महिलाओं पर तेजाब फेंक दिया। इससे मां और उसकी दो बेटियां झुलस गईं। हालात गंभीर होने पर तीनों को इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया है। पुलिस ने आरोपी लेखपाल को गिरफ्तार कर केस दर्ज कर लिया है। भदोही इलाके के परगासपुर गांव निवासी आरोपित लेखपाल बिमेलेश और पड़ोसी लालबहादुर के बीच जमीनी विवाद चल रहा है।
दोनों पड़ोसियों के बीच पानी बहाने को लेकर रंजिश भी चल रही है। पुलिस के अनुसार रविवार की रात लेखपाल लालबहादुर की पत्नी शीला देवी (45) व पुत्री ज्योति (20) ,आरती (18) घर के बाहर चबूतरे पर सो रही थीं। तीनों गहरी नींद में थीं तभी बिमलेश ने उन पर तेजाब फेंक दिया। इससे तीनों गंभीर रूप से झुलस गईं।
सभी को महाराजा बलवंत सिंह हॉस्पिटल भदोही में भर्ती करवाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह के अनुसार आरोपी लेखपाल और संबंधित लोगों के खिलाफ भदोही कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया है।