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Sunday, February 17, 2019

राजौरी में IED ब्‍लास्‍ट में सेना अधिकारी शहीद, LOC पर तलाशी के दौरान धमाका

राजौरी। पुलवामा हमले के 50 घंटे बाद ही सीमा पर नौशहरा के झंगड़ सेक्टर में आइईडी विस्फोट में एक मेजर शहीद हो गए। वहीं, एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ है। इसके अलावा नौशहरा के ही बाबा खोड़ी सेक्टर में पाक की ओर से दागे गए स्नाइपर शॉट में एक जवान को गंभीर रूप से घायल हो गया। शहीद मेजर की पहचान चित्रेश सिंह बिष्ट निवासी देहरादून, उत्तराखंड के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सात मार्च को मेजर चित्रेश की शादी होनी थी। इसके अलावा दोनों घायल जवानों को सैन्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।आइईडी विस्फोट के पीछे पाक की बैट टीम का हाथ होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। भारतीय सेना भी पाक सेना को कड़ा जवाब दे रही है। देर शाम तक दोनों तरफ से भारी गोलाबारी जारी रही। सूत्रों के अनुसार, पाक की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) ने सीमा से 200 से 300 मीटर अंदर आकर आइईडी लगाई थी।शनिवार शाम करीब चार बजे भारतीय सेना के जवानों ने नियंत्रण रेखा पर अग्रिम चौकियों के पास हलचल देखी। इस पर उन्होंने सर्च अभियान शुरू कर दिया। इस दौरान इंजीनियर यूनिट में तैनात सेना के मेजर ने कुछ संदिग्ध वस्तु देखी। वह अपने उपकरण से उसकी जांच कर ही रहे थे कि पास ही छिप कर बैठे पाक सेना के जवानों या बॉर्डर एक्शन टीम के सदस्यों ने रिमोट से आइईडी को ब्लास्ट कर दिया। इस विस्फोट में मेजर घटना स्थल पर ही शहीद हो गए, जबकि एक अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। सोची समजी साजिश का हिस्सा था
आइईडी धमाका-
झंगड सेक्टर में आइईडी धमाका एक सोची समझी साजिश का हिस्सा था। पहले कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले में 40 जवानों की शहादत और अब सीमा पर आइइडी विस्फोट में मेजर का बलिदान। माना जा रहा है कि पाक सेना भारतीय सेना को उकसाने वाली कार्रवाई कर रही है, ताकि वह हड़बड़ाहट में कोई हरकत करे।
पिछले महीने भी मेजर और तीन जवान हुए थे शहीद-
पाक सेना और बॉर्डर एक्शन टीम के सदस्यों ने 11 जनवरी को लाम सेक्टर में भी भारतीय क्षेत्र के अंदर आकर आइईडी लगा दी थी। जिसके चलते तीन जवान मौके पर शहीद हो गए थे। वहीं, मेजर के घटना स्थल पर पहुंचते ही दूसरा धमका कर दिया गया था, जिसमें मेजर भी शहीद हो गए थे।