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Wednesday, April 29, 2020

4/29/2020 04:44:00 AM

खाना चुराते पकड़ी गई थीं इस क्रिकेट खिलाड़ी की WIFE (पत्नी), वायरल हो रहा वीडियो!

नई दिल्ली। पाकिस्तान टीम के विकेटकीपर उमर अकमल (Umar Akmal) पर एक दिन पहले ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ऐंटी-करप्शन कोड के उल्लंघन का दोषी पाए जाने के बाद 3 साल का प्रतिबंध लगाया। अकमल के खिलाफ पीसीबी की अनुशासनात्मक समिति मैच फिक्सिंग के आरोपों की जांच कर रही थी। अब सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि जो महिला पाकिस्तानी सुपर लीग (PSL) के दौरान खाना पैक कर रही है वह कोई और नहीं, बल्कि उमर अकमल की वाइफ नूर अम्ना (Noor Amna) हैं।
वायरल हो रहा यह वीडियो 2019 का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तानी सुपर लीग के एक मैच के दौरान पाकिस्तान के महान स्पिनर अब्दुल कादिर (Abdul Qadir) की बेटी और उमर अकमल वाइफ ने खाना चोरी किया था। वीडियो शेयर करने वाले ट्विटर हैंडल ने लिखा- नूर अम्ना, जो महान अब्दुल कादिर की बेटी हैं और उमर अकमल की वाइफ हैं, कराची के नैशनल स्टेडियम में खाना चोरी करते कैमरे में कैद हुईं।

वीडियो में दिख रहा है कि महिला अपने साथ लाई गई पॉलीथिन में एक-एक करके सभी सभी डिशेज को पैक कर रही है। इस पुराने वीडियो पर लोग पाकिस्तानी क्रिकेटर को खूब खरी खोटी सुना रहा हैं। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं हो सकी है कि खाना पैक करने वाली महिला उमर अकमल की वाइफ ही हैं।
उल्लेखनीय है कि उमर पर बोर्ड की भ्रष्टाचार निरोधक संहिता की धारा 2.4. 4 के तहत फरवरी में हुए दो मामलों के तहत आरोप लगाए गए। दोनों मामले पाकिस्तान की टी20 लीग पीएसएल से जुड़े हैं। अकमल ने पाकिस्तान के लिए अब तक 16 टेस्ट, 121 वनडे और 84 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले। उनके नाम टेस्ट में 1003, वनडे में 3194 और टी20 इंटरनैशनल में कुल 1690 रन हैं। उन्होंने 2009 में पाकिस्तान के लिए इंटरनैशनल डेब्यू किया था।

Friday, February 21, 2020

2/21/2020 07:11:00 AM

पूर्व खिलाड़ी ने पत्नी और 3 बच्चों को कार में जिंदा जलाया, फिर कर ली खुदकुशी

ब्रिसबेन. खेल आमतौर पर इंसान को मुश्किलों से लड़ना सिखाता है. खिलाड़ी हारकर भी जीतने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के एक खिलाड़ी ने मुश्किलों से हारकर कुछ ऐसा कर लिया, जिससे पूरा खेल जगत हैरान है. ऑस्ट्रेलिया के रग्बी खिलाड़ी रोवन बेक्सटर ने बुधवार को पत्नी हैना और तीन बच्चों को कार में बंद कर जला दिया. इसके बाद खुद भी खुदकुशी कर कर ली.
ऑस्ट्रेलिया की यह जघन्य घटना ब्रिसबेन के कैंप हिल इलाके में हुई. चश्मदीद के मुताबिक सुबह आठ बजे के करीब एक धमाके के साथ लोगों के चिल्लाने की आवाज आई. जल्दी ही वहां कई लोग जमा हो गए. उन्होंने देखा कि जलती हुई कार में एक महिला और तीन बच्चे बंद हैं. ये तीनों रोवन की पत्नी हैना (31) और उनके लायना (6), अलिया (4) और ट्रे (3) थे. लोगों ने तुरंत पुलिस को बुलाया. 
पुलिस के मुताबिक हैना बेक्सटर को कार से जैसे ही बाहर निकाला गया, वे जोर-जोर से चिल्लाने लगीं कि उसने (रोवन) पेट्रोल छिड़ककर कार में आग लगाई है. कार के पास ही रोवन की लाश भी थी. शव पर चाकुओं के निशान थे.  हालांकि, 24 घंटे से पहले ही चारों ने दम तोड़ दिया. बच्चों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी. हैना ने अस्पताल में दम तोड़ा. 
पुलिस की जांच के मुताबिक हैना ड्राइविंग सीट पर बैठी थी. रोवन कार से निकलने से पहले फ्रंट सीट पर बैठे थे. दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था. बता दें कि रोवन और उनकी पत्नी पिछले साल अलग हो गए थे. दोनों के बीच बच्चों की कस्टडी को लेकर केस चल रहा था.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने इस घटना को भयावह करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरा देश आहत और सदमे में है. रोवन एनबीएल में न्यूजीलैंड वॉरियर की ओर से खेला करते थे. ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम के अलावा उन्होंने एनबीएल में न्यूजीलैंड वॉरियर की ओर से भी खेला था. वे पहले न्यूजीलैंड रग्बी लीग में बे ऑफ प्लेंटी के लिए भी खेल चुके हैं.

Wednesday, February 19, 2020

2/19/2020 05:35:00 AM

तीन देशों की 'बपौती' से नहीं चलेगा क्रिकेट, इनके बोलबाले से प्रगति नहीं कर सकता क्रिकेट:- स्टीव वॉ

स्पोर्ट डेस्क, हिंडोल बसु (बर्लिन)। वर्ल्ड क्रिकेट में इन दिनों तीन देशों (भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड) की तूती बोलती है। लेकिन यह बात ऑस्ट्रेलिया के महान कप्तानों में शुमार दिग्गज खिलाड़ी स्टीव वॉ को पसंद नहीं है। वॉ मानते हैं कि अगर क्रिकेट को दुनिया भर में राज करना है तो इन तीनों बोर्डों को कमाई का हिस्सा दूसरे देशों को भी देना होगा। स्टीव वॉ यहां लॉरेस स्पोर्ट्स अवॉर्ड्स कार्यक्रम में भाग लेने आए हुए थे। इस कार्यक्रम के इतर उन्होंने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से खास बातचीत करते हुए वर्ल्ड क्रिकेट के कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। पेश हैं इस चर्चा के खास अंश...
'बिग 3' मॉडल पर आपकी क्या राय है, जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड का राजस्व उत्पन्न करने और लाभ बांटने दोनों में ही वर्चस्व है?
अगर आपके पास तीन मजबूत देश ही हैं तब इसके कोई मायने ही नहीं हैं। हमें जिम्बाब्वे, आयरलैंड, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों को भी विकसित करना है। पैसा इन देशों को भी दिए जाने की जरूरत है। मैं समझता हूं कि यह बिजनस है और 'बिग 3' किसी और देश से ज्यादा (हिस्सा) चाहते हैं, लेकिन अगर वे चाहते हैं कि यह खेल जीवित बना रहे और आगे प्रगति करे, तब आपको दूसरे देशों को निखारने के लिए इसे शेयर करना ही होगा।
टेस्ट क्रिकेट छोटा किया तो गिरेगा स्तर:-
इस साल के अंत में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली सीरीज में आपका फेवरिट कौन है?
मैं समझता हूं, ऑस्ट्रेलिया ही फेवरिट होगी। हम पिचों को बेहतर जानते हैं, और यहां डे-नाइट टेस्ट भी होगा, जो भारत के लिए बिल्कुल नया ही है। मैं इस बात को पसंद करता हूं कि विराट कोहली चुनौती स्वीकार करते हैं।
अगर आप दुनिया की बेस्ट क्रिकेट टीम बनना चाहते हैं तो आपको अपने घर से दूर भी जीतना होगा, इतना कि जितना संभव हो। भारत ने पिछली बार 2-1 से सीरीज (ऑस्ट्रेलिया में) जीती और आप भारत से इसका श्रेय नहीं छीन सकते। लेकिन यह भी कहूंगा कि वर्तमान ऑस्ट्रेलियाई टीम में कोई खास कमजोरी नहीं दिखती, तो यह शानदार सीरीज होने जा रही है।
क्या डे-नाइट यहां टिकेगा:-
यह शानदार है। यह एक शानदार अवसर है, इस नजारा अद्भुत होता है। ऑस्ट्रेलिया में डे-नाइट टेस्ट खेलने वाला इसका अहसास कभी नहीं भूल सकता। इसके लिए शानदार वातावरण रहता है। यह इस पीढ़ी के लिए एक नई चुनौती है और साथ एक मौका भी है खुद को हर ढंग के माहौल के लिए तैयार करने का और मैं खुश हूं कि भारत यहां खेलने के लिए तैयार हो गया है।
क्या डे-नाइट टेस्ट में फास्ट बोलरों के पास अतिरिक्त लाभ नहीं होता:-
यह अच्छी चीज है (कि फास्ट बोलरों के पास अतिरिक्त लाभ होता है)। ऑस्ट्रेलिया में डे-नाइट टेस्ट देखना लोगों को पसंद आता है क्योंकि यहां आप खेल के किसी भी पल से अपनी नजरें नहीं हटा सकते। हर गेंद के साथ कुछ हो सकता है। यह गेंदबाजों को अवसर देता है और अच्छे बल्लेबाज रन बनाते हैं।
मेरी नजर में तो यह बहुत अच्छा है कि बोलरों के पास इस खेल में काफी कुछ है। खासतौर से रात के समय में जब परिस्थितियां काफी बदल चुकी होती हैं और तब आपको अपने विकेट बचाए रखने होते हैं। अगर आप बोलिंग कर रहे होते हैं तो आपको विकेट के लिए अटैक करना होता है।
ऑस्ट्रेलिया की तुलना में आप भारतीय फास्ट बोलिंग अटैक को कैसा आंकते हैं:-
जब भारत में क्रिकेट खेली जाए तब भारत के पास दुनिया का शानदार फास्ट बोलिंग लाइनअप है, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई फास्ट बोलर ऑस्ट्रेलिया में घातक साबित होते हैं। जब भारत ऑस्ट्रेलिया में (साल के अंत में) खेलने आएगा, तो ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा थोड़ा भारी रहेगा। लेकिन दोनों टीमें जानती हैं कि दोनों के पास ही ऐसे खिलाड़ी हैं, जो 20 विकेट ले सकते हैं।

Wednesday, January 22, 2020

1/22/2020 07:21:00 AM

तब भारतीय क्रिकेट टीम ट्रेन से चलती थी, मामूली होटलों में रुकती थी और मैच खेलने का मिलता था एक रुपया

बीसीसीआई ने साल 2019-2020 के लिए खिलाड़ियों के ग्रेड तय कर दिए हैं. इसके तहत क्रिकेटरों को सालाना 07 करोड़ से 01 करोड़ रुपए तक मिलेंगे. इसके अलावा खिलाड़ियों की आईपीएल से जो कमाई होगी सो अलग. अब तो अगर कोई क्रिकेट फर्स्ट क्लास क्रिकेट के मैच भी खेलता है तो वो लाखों रुपए पाता है. एक  जमाना था जब 40 के दशक में भारतीय क्रिकेटरों को एक टेस्ट मैच खेलने पर एक रुपया मिलता था. वे जहाज से नहीं बल्कि ट्रेन से चलते थे. फिर मैच फीस बढ़कर पांच रुपये हुई. 1955 के आसपास भारतीय क्रिकेटरों को 250 रुपये मिलने लगे. अब तो खैर बात ही क्या है.
भारतीय क्रिकेट के एक पूर्व कप्तान ने कुछ समय पहले एक कार्यक्रम में भाषण के दौरान बताया कि 60 के दशक में भारतीय टीम में क्रिकेटरों को हर मैच के 250 रुपये मिलते थे. कई बार बीसीसीआई के पास क्रिकेटरों को मैच फीस देने के भी पैसे नहीं होते थे.
ट्रेन से सफर और मामूली होटलों में ठहरते थे:- 
क्रिकेटर तब ट्रेन से सफर करते थे. उन्हें मामूली होटलों में ठहराया जाता था. अब इसके उलट खिलाड़ी हवाई जहाज से यात्रा करते हैं. वे पांच सितारा होटलों में ठहरते हैं. 70  के दशक तक भी भारतीय क्रिकेटरों को हर मैच के लिए दो हजार रुपये के आसपास मिलते थे. 80 के दशक में प्रति टेस्ट मैच फीस पांच हजार से दस हजार रुपये तक पहुंची.
40 के दशक में भारतीय टीम ट्रेन में यात्रा करती थी और उसे मामूली होटलों में ठहराया जाता था. कभी-कभी तो बोर्ड खिलाड़ियों को पैसा देने की स्थिति में भी नहीं रहता था.
तब पहले एक रुपया और फिर पांच रुपये मिले:- 
भारतीय टीम की ओर से 40 के दशक में खेलने वाले माधव आप्टे ने बीसीसीआई के 75 साल पूरे होने के अवसर पर एक समारोह में कहा था कि भारतीय टीम जब 40 के दशक में खेलती थी तो खिलाड़ियों को हर मैच का केवल एक रुपया मिलता था. ये रकम भी लांड्री भत्ते के रूप में दी जाती थी. इसके बाद ये रकम बढ़ाकर पांच रुपये प्रति टेस्ट मैच कर दी गई.
कब शुरू हुआ कांट्रैक्ट सिस्टम:-
बीसीसीआई का पहला क्रिकेटर कांट्रैक्ट सिस्टम एक अक्टूबर 2004 में लागू किया गया. तब देश के 17 शीर्ष खिलाड़ियों को ग्रेड सिस्टम ऑफर किया गया. सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ समेत सात क्रिकेटरों को ए ग्रेड दिया गया. सात को बी ग्रेड और तीन को सी ग्रेड दिया गया.
तब हर ग्रेड में ऑफर की गई रकम ये थी
ग्रेड ए - 50 लाख रुपये
ग्रेड बी - 35 लाख रुपये
ग्रेड सी - 20 लाख रुपये
इसके साथ उस समय क्रिकेटरों को मैच में मिलने वाली फीस इस तरह थी
टेस्ट मैच - दो लाख रुपये (विदेश में 2.4 लाख रुपये)
वन-डे - 1.6 लाख रुपये ( विदेश में 1.85 लाख रुपये)
40 के दशक में भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य रहे माधव आप्टे ने बीसीसीआई के 75 साल पूरे होने पर कहा था कि तब भारतीय क्रिकेटरों को कितने पैसे मिलते थे
कांट्रैक्ट सिस्टम की समीक्षा:-
तब से हर साल कांट्रैक्ट सिस्टम की समीक्षा होती है. नए कांट्रैक्ट को आमतौर पर अक्टूबर या नवंबर से लागू किया जाता है. ये पहली बार जब नवंबर 2017 में नया कांट्रैक्ट सिस्टम लागू होने के कुछ महीने बाद एक और नया कांट्रैक्ट सिस्टम आ गया. लेकिन इन बदलावों को एक अक्टूबर 2017 से ही लागू किया गया. ये अक्टूबर 2017 से सितंबर 2018 तक लागू रहा.
पिछले साल कांट्रैक्ट सिस्टम में हुई बढोतरी:-
पिछले साल बीसीसीआई ने कांट्रैक्ट सिस्टम में बढोतरी की थी. इस बार उसे ज्यों का त्यों रखा गया है. तब क्रिकेटर के प्रदर्शन और पोजिशन के लिहाज से कुछ क्रिकेटरों को ए प्लस स्पेशल ग्रेड देने का फैसला हुआ था. जिसके तहत क्रिकेटरों को सात करोड़ रुपये सालाना दिए जा रहे हैं. वेतन में तीन गुने से भी ज्यादा की बढ़ोतरी की गई. महिला क्रिकेटरों के लिए भी ग्रेड सिस्टम में तीन कैटेगरी बनाई गई.
अब टीम इंडिया के क्रिकेटर करोड़ों में खेलते हैं. यहां तक कि प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाला क्रिकेटर सालभर में मोटी कमाई कर लेता है.
अब किस ग्रेड के खिलाड़ी को कितना मिलेगा:-
ग्रेड ए प्लस - 07 करोड़ रुपये
ग्रेड ए - 05 करोड़ रुपये (पिछले कांट्रैक्ट में रकम 02 करोड़ रुपये)
ग्रेड बी - 03 करोड़ रुपये (पिछले कांट्रैक्ट में रकम 01 करोड़ रुपये)
ग्रेड सी - 01 करोड़ रुपये (पिछले कांट्रैक्ट में रकम 50 लाख रुपये)
इस करार के अलावा हर टेस्ट मैच खेलने पर एक क्रिकेटर को 15 लाख रुपये की रकम मिलेगी तो एक दिवसीय और टी20 मैच खेलने पर छह लाख रुपये.
सीनियर महिला क्रिकेटरों को भी फायदा:- 
महिला क्रिकेटरों के करार में भी वेतन वृद्धि तो हुई है लेकिन वैसी नहीं जैसी पुरुष क्रिकेटरों के लिए हुई है. अब उन्हें तीन ग्रेड में बांटा गया है
एक ग्रेड - 50 लाख रुपये सालाना
बी ग्रेड - 30 लाख रुपये
सी ग्रेड - 10 लाख रुपये
(पहले महिला क्रिकेटरों के दो ग्रेड थे. ग्रेड ए के तहत सालभर में 15 लाख रुपये की रकम तो ग्रेड बी में 10 लाख की रकम मिलती थी)
घरेलू क्रिकेट में बढोतरी:-
अंतरराष्ट्रीय मैचों के अलावा घरेलू क्रिकेट पर भी इस बार फोकस किया गया है. इसमें प्लेइंग इलेवन में शामिल सीनियर पुरुष खिलाड़ियों को हर दिन के हिसाब से 35 हज़ार रुपये तो रिजर्व में शामिल खिलाड़ियों को 17.5 हज़ार रुपये मिलेंगे. वहीं प्लेइंग इलेवन में शामिल अंडर 23 खिलाड़ी को हर दिन 17.5 हज़ार, अंडर-19 खिलाड़ी को 10.5 हज़ार और अंडर 16 खिलाड़ी को 3.5 हजार रुपये मिलेंगे.
प्लेइंग इलेवन में शामिल घरेलू महिला क्रिकेटरों के लिए ये रकम सीनियर खिलाड़ियों के लिए 12.5 हज़ार, अंडर 23 और अंडर 19 खिलाड़ियों के लिए 5.5 हजार रुपये तय की गई है.

Friday, November 29, 2019

11/29/2019 06:37:00 AM

PUBG पर सट्टा सक्रिय खेलकर सटोरिये कमा रहे 5000, एक प्लेयर को मारने पर 15 रुपए

नई दिल्ली। एक ओर जहां पूरे देश में पबजी गेम का विरोध हो रहा है। गुजरात के कई शहरों में पबजी पर प्रतिबंध है और पबजी खेलने के जुर्म में अभी तक 16 लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ ऐसी भी खबर है कि भारत में पबजी प्लेयर्स इस खेल के जरिए ही रोजाना 5,000 रुपये तक कमा रहे हैं। यहखेल व्हाट्सऐप के जरिए चल रहा है।एक प्लेयर्स को मारने पर 15 रुपये तक दिए जा रहे हैं। जानिए कैसे पबजी से लोग पैसे कमा रहे हैं:-
पबजी में भी सट्टेबाजी शुरू हो गई है
अंग्रेजी वेबसाइट कीरिपोर्ट के मुताबिक भारत में PUBG मोबाइल के प्लेयर्स शर्त लगाकर गेम खेल रहे हैं और पैसे कमा रहे हैं। कहा जा सकता है किक्रिकेट और अन्य खेल की तरह पबजी में भी सट्टेबाजी शुरू हो गई है।साइबर सुरक्षा और कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की गतिविधि पर प्रतिबंधियां ठीक नहीं हैं। इस समय भारत में जिन वीडियो गेम में सट्टेबाजी चल रही है, उनमें पबजी, फोर्टनाइट, तीनपत्ती, ड्रीम11, एमपीएल, क्लैश ऑफ क्लैन्से जैसे शामिल हैं। इनमें पबजी सबसे ऊपर है। बता दें किहाल ही में Tencent Games ने PUBG PC के लिए लाइट वर्जन रिलीज किया था। वहीं डेवलपर्स ने इसमें कुछ नए वेपन और आइटम जोड़ने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक यह नई अपडेट गेम में अन्य प्लेटफॉर्म सर्विस के फीचर्स और फंगशनेलिटी लेकर आएगी। फिलहाल ओपन Beta वर्जनमें उपलब्ध है।

Tuesday, November 26, 2019

11/26/2019 08:51:00 AM

जब भारतीय टैक्सी ड्राइवर ने पाकिस्तानी क्रिकेटरों से नहीं लिए पैसे..?

ब्रिसबन। ऑस्ट्रेलिया में एक भारतीय टैक्सी ड्राइवर ने पाकिस्तानी क्रिकेटरों से किराए के रूप में पैसा लेने से मना कर दिया। टैक्सी ड्राइवर का यह व्यवहार पाकिस्तानी क्रिकेटरों को बेहद पसंद आया और उन्होंने इसके बदले टैक्सी ड्राइवर को होटल में अपने साथ ले जाकर खाना खिलाया।
भारतीय टैक्सी ड्राइवर की जिस टेक्सी में पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने यात्रा की, उनमें तेज गेंदबाज शाहीन अफरीदी, लेग स्पिनर यासिर शाह और युवा तेज गेंदबाज नसीम शाह शामिल हैं। एबीसी रेडिया की कॉमेंटेटर एलिसन मिशेल ने टेक्सी ड्रावइर द्वारा पैसे न लेने की बात ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज मिशेल जॉनसन के साथ कॉमेंट्री के दौरान साझा की।
एलिसन को इस पूरे मामले की जानकारी उसी टेक्सी ड्राइवर के माध्यम से मिली, जिस भारतीय टैक्सी ड्राइवर ने कॉमेंटेटर एलिसन को गाबा स्टेडियम ड्रॉप किया। उस समय गाबा स्टेडियम में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच जारी था। टैक्सी ड्राइवर ने स्टेडियम जाते समय रास्ते में एलिसन को बताया कि उन्होंने ने ही रात के खाने के लिए पाकिस्तानी खिलाड़ियों को होटल से भारतीय रेस्टॉरेंट पहुंचाया था।
टैक्सी ड्राइवर ने आगे कहा कि उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से इसके बदले कोई पैसा नहीं लिया। भारतीय ड्राइवर ने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने इसके बदले उन्हें अपने साथ रात का खाना खाने के लिए आमंत्रित किया। ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को पाकिस्तान को पारी और पांच रन से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।

Monday, January 28, 2019

1/28/2019 06:28:00 AM

ITBP ने ARMY को हराकर जीती राष्‍ट्रीय आइस हॉकी प्रतियोगिता, जापान की टीम को भी दी थी शिकस्त

लद्दाख। भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने लद्दाख में सेना को हराकर राष्ट्रीय आइस हॉकी प्रतियोगिता जीती जबकि आजकल सर्दियों में तापमान 0 से 20 डिग्री तक नीचे है. लद्दाख में आयोजित राष्ट्रीय आइस हॉकी प्रतियोगिता में आईटीबीपी की टीम ने सेना को 3 के मुकाबले 2 गोल से हराकर प्रतियोगिता अपने नाम कर ली. समुद्र तल से लगभग 11000 फीट की ऊंचाई पर स्थापित आइस हॉकी रिंक में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता को आईटीबीपी की टीम ने पहली बार लगातार जीतने में सफलता प्राप्त की है. इस टूर्नामेंट में सेना समेत लद्दाख क्षेत्र और देश की मजबूत आइस हॉकी टीमें हिस्सा ले रही थी. दो पूलों में कुल 10 टीमों ने इसमें भाग लिया. सर्दियों के चरम पर होने पर आयोजित हुई इस राष्ट्रीय आइस हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन आइस हॉकी एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा किया गया था.भारत में वैसे तो आइस हॉकी का प्रचलन बहुत कम है लेकिन लद्दाख के क्षेत्रों में इस खेल को लेकर बहुत उत्साह देखा जाता है. आईटीबीपी हिमालय क्षेत्रों की निगरानी करने के साथ-साथ एडवेंचर स्पोर्ट्स के क्षेत्र में भी बहुत उत्कृष्ट भूमिका निभाती रही है और इसकी आइस हॉकी की टीम देश की एक बेहतरीन टीम है. पिछले दिनों आईटीबीपी ने जापान की टीम को हराकर एक विशेष आइस हॉकी टूर्नामेंट जीतने में भी सफलता हासिल की थी. आईटीबीपी के आइस हॉकी खिलाड़ी देश की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व भी करते रहे हैं. 16 जनवरी को भी आईटीबीपी ने लद्दाख में एक चुनौतीपूर्ण आइस हॉकी प्रतियोगिता जीती थी.

Saturday, September 29, 2018

9/29/2018 07:35:00 AM

धोनी बने एशिया के सबसे बड़े विकेटकीपर, 800 शिकार कर रचा इतिहास

महेंद्र सिंह धोनी
दुबई 37 साल के विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 800 शिकार करने के आंकड़े को छू लिया है. बांग्लादेश के खिलाफ एशिया कप फाइनल में धोनी को इस जादुई अंक को छूने के लिए महज दो शिकार की जरूरत थी. विकेट के पीछे चौकन्ने धोनी ने बड़ी चतुरता से अपना यह लक्ष्य हासिल कर लिया.
भारत को मिला 223 रनों का लक्ष्य
शुक्रवार को उन्होंने दुबई के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में बांग्लादेशी कप्तान मुशरफे मुर्तजा (7 रन) को स्टंप कर 800वां शिकार पूरा किया. इससे पहले उन्होंने शतकवीर लिटन दास (121 रन) को स्टंप कर पवेलियन लौटाया. दोनों ही बार उन्होंने कुलदीप यादव की फिरकी पर स्टंपिंग की.
धोनी 800 शिकार करने वाले विश्व के तीसरे और भारत के पहले विकेटकीपर बन गए हैं. इतना ही नहीं, वह एशिया के पहले विकेटकीपर हैं, जिन्होंने यह कारनामा किया है. श्रीलंका के कुमार संगकारा के नाम 678 शिकार दर्ज हैं. धोनी ने अब तक टेस्ट में 256 कैच-38 स्टंप, वनडे में 306 कैच-113 स्टंप और टी-20 इंटरनेशनल में 54 कैच- 33 स्टंप किए हैं.
इंटरनेशनल क्रिकेट (टेस्ट+ वनडे+ टी-20 I) में सर्वाधिक शिकार
1. मार्क बाउचर (साउथ अफ्रीका- 1997-2012): 467 मैच, 998 शिकार
2. एडम गिलक्रिस्ट (ऑस्ट्रेलिया- 1996-2008): 396 मैच, 905 शिकार
3. महेंद्र सिंह धोनी (भारत- 2004-2018): 510* मैच, 800 शिकार
(धोनी- 510* मैच- 90 टेस्ट, 327 वनडे, 93 टी-20 इंटरनेशनल)

Friday, September 28, 2018

9/28/2018 08:07:00 AM

एशिया कप टूर्नामेंट- भारत-बांग्लादेश के बीच फाइनल मुकाबला आज, आंकड़े दे रहे इस टीम का साथ

एशिया कप टूर्नामेंट
दुबई। गतविजेता भारतीय टीम शुक्रवार को अपने सातवें एशिया कप खिताब के लिए यहां दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में बांग्लादेश से भिड़ेगी। भारत ने 2016 में भी फाइनल में बांग्लादेश को हराकर अपना छठा एशिया कप खिताब जीता था। तब यह टूर्नामेंट टी-20 प्रारूप में खेला गया था। वहीं, बांग्लादेश तीसरी बार फाइनल में पहुंचा है। पहले दो मौकों पर वह जीत हासिल करने से चूक गया था, लेकिन इस बार उसकी कोशिश भारतीय चुनौती को समाप्त कर पहला खिताब जीतने की होगी। दोनों टीम इससे पहले हाल ही में श्रीलंका में निदहास ट्रॉफी के फाइनल में भिड़ी थीं, जहां पर भारत ने इस टी-20 टूर्नामेंट में खिताबी जीत दर्ज की थी। भारत ने 1984, 1988, 1990-91, 1995, 2010 और 2016 में एशिया कप के खिताब अपने नाम किए हैं। बांग्लादेश पहली बार 2012 में इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा था, लेकिन पाकिस्तान से मात खा बैठा था। 
बांग्लादेश को चोट की मार-
दोनों टीमों ने अभी तक शानदार क्रिकेट खेली है और इसी लिहाज से इस मैच को एकतरफा नहीं माना जा सकता। बांग्लादेश की टीम उलटफेर करने और भारत को मात देने का माद्दा रखती है। इस बात से भारत भी वाकिफ है। हालांकि बांग्लादेश को अभी तक अपनी सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना है। चुनौती सिर्फ भारत से फाइनल में भिड़ने की नहीं है बल्कि अपने चोटिल खिलाड़ियों की समस्या से जूझने की है। तमीम इकबाल और हरफनमौला खिलाड़ी शाकिब अल हसन चोट के कारण स्वदेश लौट चुके हैं। ऐसे में टीम की बल्लेबाजी कमजोर लग रही है। हालांकि टीम के पास मुश्फिकुर रहीम, मुहम्मद मिथुन, लिटन दास और महमूदुल्लाह जैसे बल्लेबाज हैं, जो टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचा सकते हैं। वहीं निचले क्रम में टीम को मशरफे मर्तुजा से तेज पारी की उम्मीद होगी।
रोहित-धवन अच्छी फार्म में-

भारत की बात की जाए तो उसकी बल्लेबाजी कप्तान रोहित शर्मा और शिखर धवन के जिम्मे है। यह दोनों अभी तक टूर्नामेंट में लगातार बल्ले से रन करते आए हैं। धवन के नाम अभी तक 327 रन दर्ज हैं तो वहीं रोहित के हिस्से 269 रन हैं। टीम की समस्या यह है कि अगर इन दोनों में से कोई भी बल्लेबाज विफल हो जाता है तो टीम लड़खड़ा सकती है। पिछले मैच में दोनों बल्लेबाज बाहर बैठे थे। तब लोकेश राहुल और अंबाती रायुडू ने अर्धशतकीय पारियां खेलीं थीं, लेकिन मध्यक्रम विफल ही रहा था।अब जबकि रोहित और धवन दोनों फाइनल में उतरेंगे तब देखना यह होगा कि टीम प्रबंधन बाहर किसे बैठाता है। महेंद्र सिंह धौनी की फॉर्म भारतीय टीम के लिए चिंता का विषय है। रायुडू ने रन बनाए हैं, लेकिन वह आखिरी तक टिकने में नाकाम रहे हैं।
भुवी-बुमराह पर जिम्मेदारी-
पिछले मैच में टीम ने युजवेंद्र सिंह चहल, भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह को भी आराम दिया था। यह तीनों भी इस फाइनल में वापसी करेंगे। टीम की गेंदबाजी की जिम्मेदारी बुमराह और भुवनेश्वर पर ही होगी। वहीं बांग्लादेशी मध्यक्रम के सामने चहल, कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा की स्पिन तिगड़ी का सामना करना आसान नहीं होगा।
बांग्लादेशी गेंदबाजी से रहना होगा सतर्क-

भारतीय गेंदबाजी जितनी मजबूत है उसी तरह से बांग्लादेश की गेंदबाजी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मुस्तफिजुर रहमान ने पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट लिए थे। वहीं कप्तान मशरफे मुर्तजा भी तेज गेंदबाजी में टीम के धारदार हथियार हैं। स्पिन में शाकिब की कमी टीम को खलेगी लेकिन मेहदी हसन मिराज की फॉर्म भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है।
दोनों टीमें कौन कौन होंगे शामिल-
भारत- रोहित शर्मा (कप्तान), शिखर धवन (उपकप्तान), लोकेश राहुल, अंबाती रायुडू, मनीष पांडे, केदार जाधव, महेंद्र सिंह धौनी, दिनेश कार्तिक, दीपक चाहर, कुलदीप यादव, युजवेंद्रा सिंह चहल, रवींद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, सिद्धार्थ कौल और खलील अहमद।
बांग्लादेश- मशरफे मुर्तजा (कप्तान), लिटन कुमार दास, मुश्फिकुर रहीम (विकेटकीपर), महमूदुल्लाह रियाद, मोमिनुल हक, अरिफुल हक, मुहम्मद मिथुन, इमरूल कायेस, मुस्तफिजुर रहमान, रूबेल हुसैन, मेहदी हसन मिराज, मोसादेक हुसैन, नजमुल इस्लाम, नजमुल हुसैन शांतो, अबु हिदर रोनी।