भोपाल। BJP ने आज के कार्यक्रम को लेकर बड़ी बड़ी बाटे कही थी जैसे यह ऐतिहासिक सम्मेलन होगा विश्व का सबसे बड़ा सम्मेलन होगा 10 लाख लोग सम्मेलन में शामिल होंगे लेकिन ऐसा कुछ भी नही हुआ क्योंकि उक्त सम्मेलन में इनके कहे हुए 10 लाख लोगों की जगह 5 लाख लोग भी बमुश्किल जुट पाए। और जो लोग इस कर्यक्रम में आये है वह कार्यकर्ता नही है यदि सूत्रों की माने तो मजदूर ओर गरीब तबके के लोग शामिल हुए जिनको अपने-अपने क्षेत्र से रसूखदार नेताओं ने पैसों के दम पर भोपाल यात्रा कराई है। इनको पार्टी कर्यक्रम महज टाइम पास ही रह होगा किसने क्या कहा इससे इनका कोई सरोकार नही होगा। भारतीय जनता पार्टी ने आज 25 सितम्बर को भोपाल में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को विश्व का सबसे बड़ा राजनीति कार्यक्रम बताया था। दावा किया गया था कि इसमें 10 लाख कार्यकर्ता भाग लेंगे परंतु यह दावा तो फुस्स हो गया। कार्यक्रम स्थल पर 5 लाख लोग भी नजर नहीं आए। हालात यह थे कि कुछ जिलों के लिए आरक्षित कुर्सियां तो खाली ही रह गईं। महिलाओं के लिए आरक्षित कुर्सियां भी खाली नजर आईं।
एयरपोर्ट से हेलीकॉप्टर पहुचे नही किया रॉड शो-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाजपा के कार्यकर्ता महाकुंभ में शामिल होने के लिए मंगलवार को भोपाल पहुंचे। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इसके बाद तीनों एक ही हेलिकॉप्टर से जंबूरी मैदान पहुंचे। चुनावी माहौल में अक्सर ऐसी यात्राओं पर रोड-शो हो जाया करते हैं ओर भाजपा की तो रॉड शो की परंपरा रही है परंतु इस बार ऐसा नहीं हुआ। शायद भाजपा को उम्मीद नहीं थी कि भोपाल की जनता मोदी-शाह का एतिहासिक स्वागत करेगी।
ट्रेन आई खाली, 12 हजार बसें गायब, मजदूर ओर किसान आये भरकर-
भाजपा ने इस कार्यकर्ता महाकुंभ के लिए 9 स्पेशल ट्रेनें चलाईं थी। इनमें से ग्वालियर से आने वाली ट्रेन में करीब आधी सीटें खाली थीं। बता दें कि प्रत्येक ट्रेन में 20 बोगियां थीं। 10 स्लिीपर और 10 जनरल। विजय राघवगढ़ से आई स्पेशल ट्रेन में भाजपा के कार्यकर्ता कम, मजदूर और किसान ज्यादा थे। हालांकि ट्रेन फुल थी।
