मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। कांग्रेस में एक समय मुख्यमंत्री चेहरे के सवाल को टालने के लिए पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ व चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया विधानसभा चुनाव लड़ने से इंकार करते रहे हैं, लेकिन सोमवार को कमलनाथ ने पत्रकारों से चर्चा में चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष से जब पत्रकारों ने उनके बेटे नकुलनाथ के चुनाव लड़ने को लेकर सवाल किया तो उन्होंने पलटकर सवाल किया है नकुल क्यों, क्या मैं चुनाव नहीं लड़ सकता? उनके सांकेतिक जवाब के बाद राजनीतिक गलियारों में इसके कई तरह के अर्थ निकाले जाने लगे हैं।वहीं, सूत्रों का कहना है कि सिंधिया के भी मालवा की किसी सीट से विधानसभा चुनाव मैदान में उतरने की सुगबुगाहट है। उल्लेखनीय है कि छिंदवाड़ा में आधा दर्जन टिकट के दावेदार आ चुके हैं, जिसमें पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना, विश्वनाथ ओक्टे और आनंद बख्शी के नाम शामिल हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद ये सीट जीतना भी पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है। इस लिहाज से पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने पहली बार छिंदवाड़ा से विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं।
