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Thursday, March 18, 2021

3/18/2021 06:53:00 AM

निजी अस्पताल में महिला मरीज के मुंह पर लगी थी ऑक्सीजन और नर्सिंगकर्मी करता रहा अश्लीलता

जयपुर. राजस्थान में महिलाओं के लिए अब कोई जगह सुरक्षित नहीं बची है. प्रदेशभर से आए दिन वारदात की ख़बरों से ऐसा ही लगता है. हाल ही में पुलिस थाने और पुलिस अधिकारी के कार्यालय में महिलाओं के यौन शोषण की घटनाएं होने के बाद अब राजधानी जयपुर के एक निजी अस्पताल में मेल नर्सिंगकर्मी ने आईसीयू में भर्ती एक महिला मरीज से छेड़छाड़ करने की वारदात की है. इस संबंध में पीड़िता के पति की शिकायत पर शहर के चित्रकूट थाने में नर्सिंगकर्मी के खिलाफ मामला दर्ज कर कराया गया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक मामला शहर के प्रतिष्ठित शैल्बी हॉस्पिटल से जुड़ा हुआ है. यहां एक महिला का हाल में ऑपरेशन हुआ था. महिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती थी. महिला के वेंटीलेटर लगा हुआ था. उसके मुंह पर ऑक्सीजन लगी थी. हाथ बंधे हुए थे. सोमवार रात को वार्ड में तैनात नर्सिंगकर्मी ने मौका देखकर महिला के साथ अश्लील हरकतें करनी शुरू कर दी. अस्पताल के बेड पर लेटी मजबूर पीड़िता कुछ नहीं कर पाई और रातभर रोती रही. अगले दिन पति के आने पर पीड़िता ने उसे घटना के बारे में बताया. इस पर वह तुरंत पुलिस थाने पहुंचा और मामले की शिकायत दी.

पुलिस ने शिकायत के तत्काल बाद आरोपी को दबोचा:-

शिकायत पर पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए अस्पताल पहुंचकर जांच-पड़ताल की और सीसीटीवी कैमरों को खंगाला. इसमें सामने आया कि रात को वार्ड में मेल नर्स खुशीराम गुर्जर ड्यूटी पर तैनात था. पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसकी लोकेशन ट्रेस करके मंगलवार रात को उसे गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मूलरूप से करौली जिले के नदौती का रहने वाला बताया जा रहा है. पुलिस ने उसके खिलाफ आईपीसी की धारा- 376 में मामला दर्ज किया है. पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है. वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि वह अपने स्तर पर भी मामले की जांच कर रहा है.

Sunday, June 7, 2020

6/07/2020 08:21:00 AM

प्रेमी जोड़े पर लड़की पक्ष ने किया धारदार हथियारों से हमला, दोनों की मौत

धौलपुर: प्रेमी जोड़े पर धारदार हथियारों से हमला, दोनों की मौतसांकेतिक तस्वीर प्रेमी जोड़े को युवती पक्ष के लोगों ने धारदार हथियारों से मारायुवक के परिजनों ने युवती के परिजनों पर दर्ज कराया केस राजस्थान के धौलपुर जिले से ऐसा मामला सामने आया है जहां एक प्रेमी युगल की युवती पक्ष के लोगों ने धारदार हथियारों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी. इस दौरान युवती भी बुरी तरह घायल हो गई और अस्पताल ले जाते ही उसकी भी मौत हो गई.
यह पूरा मामला धौलपुर के राजाखेड़ा थाना इलाके की है. यहां ग्राम पंचायत कसियापुरा में आरोपियों ने युवक के घर में घुसकर तोड़फोड़ की. जिस कमरे में युवक सो रहा था, उसके दरवाजे को कुल्हाड़ी से तोड़ दिया. आरोपियों ने युवक को बंधक बनाया और घर से बाहर निकालकर नीम के पेड़ के नीचे ले गए, जहां युवती भी साथ में थी. इसके बाद आरोपियों ने युवक और युवती पर लाठी-डंडो और सरियों से ताबड़तोड़ हमले किए.
आरोपियों ने पीट-पीटकर मौके पर ही युवक की निर्मम हत्या कर दी. साथ ही लड़की को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया. मामले की सूचना ग्रामीणों ने राजाखेड़ा थाना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक युवक का शव कब्जे में लेकर युवती को राजाखेड़ा उप खंड के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया. यहां युवती की नाजुक हालत होने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर किया था, लेकिन युवती की मौत हो गई.
इस मामले पर जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि युवक-युवती के साथ गंभीर रूप से मारपीट की गई. सूचना मिलने पर पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां युवक की मौत हो गई थी. युवती गंभीर घायल थी और उसे अस्पताल ले जाया गया तो उसकी इलाज दौरान मृत्यु हो गई.

Thursday, May 28, 2020

5/28/2020 06:18:00 AM

महिला टीचर ने प्रिंसिपल पर लगाया यौन उत्पीड़न का आरोप, पुलोस ने किया मामला दर्ज

राजस्थान। भरतपुर से एक शर्मनाक घटना सामने आई है. जहां पर राज्य सरकार के सरकारी स्कूल में तैनात एक स्कूल की महिला टीचर ने प्रिंसिपल पर यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है. इस मामले में स्कूल टीचर ने प्रिंसिपल के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करा दिया है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.
यह मामला भरतपुर के सीकरी थाना क्षेत्र का है. इस इलाके के एक उच्च प्राथमिक स्कूल में तैनात 26 साल की महिला टीचर ने स्कूल के प्रिंसपल के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. स्कूल में महिला टीचर की नियुक्ति 2018 में हुई थी. एक साल बाद से ही स्कूल प्राचार्य शिक्षिका को परेशान करने लगा और उसके साथ अश्लील हरकत करने लगा. प्रिंसिपल की लगातार ऐसी हरकतों से शिक्षिका बेहद परेशान हो गई और उसने प्राचार्य के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करा दिया.
यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया:-
शिक्षिका का कहना है की वह दलित समाज से ताल्लुक रखती है और प्राचार्य उच्च जाति से ताल्लुक रखता है. जब भी प्रिंसपल को मौका मिलता है वो टीचर के साथ अश्लील हरकत कर देता. जिससे आहत होकर प्राचार्य के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया है लेकिन अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया है.
पुलिस इस मामले की जांच में जुटी:-
महिला टीचर ने आरोप लगाया है कि पुलिस में शिकायत देने के बाद प्राचार्य उस पर राजनीति दबाव बना रहा है और उसकी जिंदगी खराब करने और शादी नहीं होने देने की धमकी दे रहा है. वहीं जिला पुलिस अधीक्षक हैदर अली जैदी ने बताया की एक स्कूल शिक्षिका ने प्राचार्य के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराया है जिसकी जांच अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक बुगलाल मीणा को सौंपी है और तीन दिन में जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं.

Friday, May 1, 2020

5/01/2020 06:13:00 AM

अभिनेता इरफान खान की अनसुनी कहानी IPS अफसर की जुबानी, इरफान ने बचाई थी उनकी जान

भरतपुर/जयपुर। अनेकों फिल्मों में अपनी बेहतर भूमिका अदा कर लोगों के दिलों पर राज करने वाले फिल्म अभिनेता इरफ़ान खान ने बुधवार को मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली। भरतपुर जिला पुलिस अधीक्षक आईपीएस अफसर हैदर अली जैदी जो इरफान खान के बचपन के दोस्त को जब यह समाचार मिला ताे वो खुद को भावुक होने से रोक नहीं पाए। इरफान के पड़ोसी और स्कूल-कॉलेज में साथ पढ़े हैदर अली ने एनबीटी को बताया कि वो बचपन से एक साथ खेलते-पढ़ते बड़े हुए। बॉलीवुड स्टार बनने के बाद भी इरफान दोस्तों के दूर नहीं हुए और लगातार संपर्क में रहे। इरफान के निधन पर दुख जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद अभिनय में मुकाम पाने वाले इरफान ने हमेशा जमीन से जुड़कर सभी का साथ दिया। बेहतरीन एक्टर के साथ-साथ वे बेहतर इंसान भी थे।
जब इरफान ने दोस्त की बचाई जान:-
हैदर अली ने बताया कि इरफान और वो बचपन से ही साथ रहे। स्कूल-कॉलेज में साथ पढ़े, साथ खेले लेकिन आज वह इस दुनिया में नहीं रहे जो हम सभी के लिए दुःख का विषय है। उन्होंने बताया कि मैंने जयपुर से अर्थशास्त्र से एमए किया और इरफान खान ने उर्दू में मास्टर डिग्री ली। एक बार जब हम कॉलेज में थे और घर लौट रहे थे तो रास्ते में मुझे बिजली का करंट लग गया, मैं तड़प रहा था लेकिन वहां से गुजर रहा कोई शख्स मदद को नहीं आया। लेकिन तब इरफान ने मुझे करंट से छुड़ाया और मेरी जान बचाई थी।

दोस्त की खैरियत पूछने इंग्लैंड गए:-
बीमारी का पता लगने पर इरफान खान ने विदेश में इलाज करवाया। इस दौरान उनकी खैरियत जानने उनके मित्र हैदर अली जैदी भी इंग्लैंड गए थे। उन्होंने बताया कि इरफान और वो एक सच्चे दोस्त के रूप में काफी समय तक साथ रहे लेकिन आज जब सूचना मिली की इरफ़ान बेहद बीमार हैं और फिर अचानक इस दुनिया को छोड़कर चले जाने की सूचना मिली तो विश्वास नहीं हुआ।
बेहद ही अच्छे इंसान थे:-
जैदी कहते हैं कि आज कोरोना संकट के दौरान जब में इरफान से मिलने मुंबई नहीं जा सका इसका दुख है। लेकिन उनके परिजनों और भाइयों से लगातार संपर्क रहा हूं। इरफान की हालत पूछता रहता था। इस समय हम ईश्वर, अल्लाह और सर्वोच्च शक्ति से दुआ करते हैं कि इरफान के परिजनों को संकट की इस घड़ी से निकालने की हिम्मत दें। वह बेहद ही अच्छे इंसान थे, जब इंसान आपस में इतना नजदीक होता है तब उसके बारे में दूर रहकर अपने बयान व्यक्त नहीं कर सकते हैं।

Tuesday, April 21, 2020

4/21/2020 05:44:00 AM

कोटा से लौटे छात्रों की मार्मिक आपबीती: पानी पीकर मिटाई'भूख', पुलिस का था डर.. यूं कटे खौफ के दिन

राजस्थान के कोटा में फंसे यूपी के लगभग 7500 छात्र वापस लाए गए तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। इनमें से अधिकांश बच्चों की उम्र 16 से 18 साल है। ये बच्चे बस से उतरते ही अपने पैरंट्स से चिपककर खूब रोए तो किसी ने घर फोन करके जल्द ही घर पहुंचने की खबर सुनाई। छात्रों ने यहां आकर जब आपबीती सुनाई तो रोंगटे खड़े कर देने वाला था। किसी को गरीबों के लिए बंटने वाले खाने से पेट भरना पड़ा तो किसी को पानी पीकर। छात्रों ने बताया कि वह कोटा पढ़ाई करने गए थे, लेकिन वहां पढ़ाई छोड़कर उन्हें दिन रात अपनी जिंदगी और परिवार की चिंता रहती थी।
आयुष वर्मा ने बताया कि वह अक्टूबर में अपने घर से कोटा वापस लौटे थे। वह वहां किराए का कमरा लेकर रह रहे थे। बाहर मेस में खाना खाकर पेट भरते थे। लॉकडाउन के बाद मेस बंद हो गईं। उनके खाने के लाले पड़ गए। बाहर जाकर किसी भी हॉस्टल के मेस से खाना मिल जाता था तो पेट भरते थे। कई बार तो पुलिसवाले रोक लेते और बड़ी मुश्किल से छोड़ते थे।
घरवालों से बोल देते थे झूठ, खाना खा लिया:-
आशुतोष शर्मा ने बताया कि उसे जब कहीं खाना नहीं मिलता तो वह गरीबों को बंटने वाला खाना लाइन लगाकर ले आता था। घरवाले दुखी न हों तो उनसे झूठ बोल देता था कि सब अच्छा चल रहा है। कभी-कभी कुछ भी खाने को नहीं मिलता तो पानी पीकर ही सो जाता था। वह भगवान से मनाता था कि बस किसी तरह घर पहुंच जाऊं।
नहीं मिलता था भरपेट खाना:-
अनामिका वर्मा ने बताया कि लॉकडाउन के बाद ज्यादातर ने मेस बंद कर दिया था। पूरे एरिया में सिर्फ उसके हॉस्टल की एकमात्र ही मेस खुली थी। कई छात्र वहां आकर खाना लेते थे। सब्जियां नहीं मिल रही थीं तो खाने की गुणवत्ता भी गिर गई थी। खाने से पेट नहीं भरता था लेकिन बाहर से भी कुछ मंगाने का साधन नहीं था। पास में जो बिस्किट, नमकीन या मम्मी का बनाया नाश्ता था, वह भी खत्म हो गया था। पढ़ाई में बिल्कुल मन नहीं लग रहा था, दिनभर खाने और घर की चिंता रहती थी।
पानी पीकर सो जाता:-
शिवा ने बताया कि वह जनवरी में वापस कोटा गए थे। वह वहां पीजी में रह रहे थे। लॉकडाउन के बाद एक-एक करके सारी मेस बंद होने लगी थी। खाने की गुणवत्ता खराब हो गई। भरपेट खाना भी नहीं मिल रहा था। कभी-कभी पानी पीकर ही सो जाते थे। वहां किराया भी देने की समस्या हो रही थी। उन्हें वॉर्डन ने भी नोटिस दे दिया था कि अगर कुछ हुआ तो उन लोगों की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।
आधा पेट खाना, नहीं लगता था पढ़ने में मन:-
श्वेताराज पाण्डेय ने बताया कि हॉस्टल के खाने में कटौती कर दी गई। सुबह का नाश्ता कम कर दिया गया। खाना भी कम कर दिया गया। शाम का नाश्ता तो बंद कर दिया गया। घरवाले भी बहुत टेंशन में थे। दिन भर हॉस्टल में रहने के कारण ज्यादा भूख लगती थी लेकिन खाना कम मिलता था। बस दिनरात भगवान से मनाती थी कि किसी तरह घर पहुंच जाऊं।
वॉर्डन ने कहा, हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं:-
इसी तरह सुरभि और हर्षित प्रकाश सिंह के साथ भी हुआ। हर्षित ने बताया कि उनके यहां तो पीजी में ओपन मेस बंद कर दी गई। सीमित खाना दिया जाता था। वॉर्डन ने एक फॉर्म दे दिया था, जिसमें उन लोगों से भराया था कि अगर कुछ होता है तो उन लोगों की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। ऐसे में वह और ज्यादा टेंशन में आ गए थे।

Saturday, April 18, 2020

4/18/2020 06:13:00 AM

कोटा (राजस्थान) में फंसे छात्रों को घर जाने दिया जाए, उनके मन में डर: CM अशोक गहलोत

राजस्थान। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार से कोटा में फंसे बच्चों को उनके घर भेजने की अपील की है. अशोक गहलोत ने कहा है कि कोटा में जो भी बच्चे फंसे हुए हैं उन्हें घर जाने देना चाहिए. उन्हें रोकना ठीक नहीं है. सीएम गहलोत ने कहा कि हमने अपनी बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है, हो सकता है उनके पास कोई फीडबैक हो जिसके कारण वो इजाजत नहीं दे रहे हैं. लेकिन मैं फिर भी मानता हूं कि कोटा में जो भी बच्चे फंसे हैं उन्हें घर जाने देना चाहिए. उनके मन में डर है.
अशोक गहलोत ने कहा कि इसी तरह से जयपुर के सीतापुरा में बहुत सारे प्रवासी मजदूर हैं जो घर जाना चाहते हैं. उन्हें भी घर भेजना चाहिए. मुझे उम्मीद है कि 20 अप्रैल से जब लॉकडाउन में छूट दी जाएगी तो केंद्र सरकार इस पर विचार करेगी और उन्हें घर जाने देगी.
बता दें कि कोटा में उत्तर प्रदेश-बिहार-झारखंड समेत देश के दूसरे राज्यों के हजारों छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग विषयों की कोचिंग के लिए कोटा आते हैं. यह सभी छात्र 25 मार्च से फंसे हैं. चिंता की बात ये है कि इस शहर में तेजी से कोरोना का संक्रमण भी बढ़ रहा है. यहां पर अभी 60 से ज्यादा कोरोना के मरीज हैं. कोटा में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए छात्र और उनके परिवारवाले चिंतित हैं. छात्रों ने ट्विटर पर इसे लेकर एक अभियान भी चलाया है.
आगे आई यूपी सरकार:-
उत्तर प्रदेश के छात्रों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार ने 200 से भी ज्यादा बसें राजस्थान के लिए रवाना की हैं. हालांकि मजदूरों को वापस लाने को लेकर अब तक कोई विचार नहीं किया गया है. उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे बिहार के छात्र-छात्राओं और दिहाड़ी मजदूरों से अपील की है कि वह लॉकडाउन का पालन करें और जो लोग जहां हैं वहीं पर ठहरे रहें.

Saturday, April 4, 2020

4/04/2020 07:36:00 AM

विदेश के एक Viral Video से प्रेरित होकर यहां टीआई ने बनवाया सेनेटाइजर चैम्बर

जयपुर (राजस्थान)। कोरोना वायरस संक्रमण के इस दौर में देश भर में पुलिसकर्मी पूरी तरह अलग भूमिका में दिख रहे हैं। कोई गीत गाकर लोगों को जागरूक कर रहा है तो कोई बेजुबान पशुओं को चारा खिलाता दिख रहा है। अपनी कठिन डयूटी के साथ ये पुलिसकर्मी समाज के लिए जो भी बेहतर कर सकते हैं, वह कर रहे हैंं। कुछ ऐसा ही जयपुर के निटक बगरू कस्बे के थाने में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर ब्रजभूषण अग्रवाल ने किया है। उन्होंने एक सेनेटाइजर चैम्बर बनवाया है जिससे गुजर कर कोई भी व्यक्ति पूरी तरह सेनेटाइज हो सकता है।
इन दिनों सोशल मीडिया पर टर्की का एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें एक ऐसा चैम्बर दिखाया गया है, जिससे गुजरते ही उस में सेनेटाइजर की बौछार होती है और पूरे शरीर को सेनेटाइज कर देती है। इस वीडियो को देख कर ही बगरु थाना प्रभारी बृजभूषण अग्रवाल को लगा कि ऐसा कुछ यहां भी किया जा सकता है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने इंजीनियर साथी और बगरू थाने की पुलिस मित्र टीम के साथ मिल कर इस तरह के चैम्बर बनाने की पहल की।
उन्होंने इंजीनियर्स की मदद से महज तीन दिन के भीतर एक सेनेटाइजर चैम्बर तैयार करवसा दिया। इसमें बॉडी पर छिड़काव के लिए उन्होंने सेनेटाइजर के रूप में होम्योपैथी के डाॅक्टर से विशेष दवा बनवाई। अग्रवाल ने बताया कि यह दवा नीम, तुलसी, स्प्रिट, गेंदे का फूल और प्यूरीफाइड पानी के मिश्रण से बनाई गई है। उन्होंने बताया कि इसे डाॅक्टरों की मदद से सभी तरह के मापदण्डों का पालन करते हुए बनाया गया है।
गुरुवार को आमजन के लिए इस सेनेटाइज चैम्बर को बगरू कस्बे के मुख्य स्थान पर रखवा दिया गया। इस अनूठी पहल में सबसे पहले सेनेटाइज होने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अशोक कुमार पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा प्रयास है। यह यहां सफल रहता है तो हम ऐसे और चैम्बर भी बनवाएंगे। मशीन लगाने के बाद वहां स्थानीय निवासियों ने इसका लाभ भी उठाया। दिनभर में काफी लोग चैबर में सेनेटाइज हुए।

Sunday, March 15, 2020

3/15/2020 12:50:00 PM

जयपुर के इन लग्जरी रिसॉर्ट में ठहरे थे कांग्रेस विधायक, एक दिन का किराया जानकर खुली रह जाएंगी आंखें

भोपाल। मध्य प्रदेश में कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे और बीजेपी जेवाइन करने के बाद पड़ी फूट से बचने के लिए सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर ब्यूना विस्टा रिसॉर्ट और ट्री हाउस रिसॉर्ट में ठहराया है। इन दिनों जयपुर के ये दोनो ही रिसॉर्ट मध्य प्रदेश की राजनीति का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। बता दें कि, जयपुर के ये दोनो ही रिसॉर्ट देश के लग्जरी और सर्व सुविधा युक्त रिसॉर्ट्स में से एक हैं। दोनों ही रिसॉर्ट्स में दूर-दूर सिर्फ रेत के टीले नजर आते हैं और एक शांत और एकांत वातावरण यहां पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।
इन रिसॉर्ट में रुकने के लिए चुकाने होंगे:-
यहां आसपास कोई गांव भी नहीं है, जिसके चलते यहां रहने वाले व्यक्ति को महसूस होता है कि, वहां की दुनिया सिर्फ उसी के लिए हैं, जिसका उसे भरपूर आनंद आता है। सर्व सुविधाओं से लैस ब्यूना विस्टा रिसॉर्ट के एक कमरे का किराया भी उसकी खूबियों की ही तरह हैं। एक दिन के लिए ठहरने पर यहां व्यक्ति को 19 से 21 हजार रुपए चुकाने होते हैं। इस रिसॉर्ट को राजस्थान के हैरिटेज स्टाइल में बनाया गया है। वहीं, ट्री हाउस रिसॉर्ट में एक कमरे का सिर्फ एक दिन का किराया 10 से 15 हजार रुपए के बीच है। इस रिसॉर्ट की खासियत ये है कि, यहां कई कमरों को पेड़ों पर बनाया गया है। इसमें गोल्फ से लेकर टेनिस खेलने की भी व्यवस्था है। जानकारी के मुताबिक, विधायकों को ठहराने के लिए दोनों होटलों को पूरी तरह बुक किया गया है। इसके लिए कांग्रेस पर रोजाना एक करोड़ से अधिक का भुगतान करना पड़ रहा है। यही कारण है कि, इसमें अन्य लोगों के लिए बुकिंग पूरी तरह बंद कर दी गई है।
दोनों के रिसॉर्ट के बीच 34 किमी की दूरी:-
बता दें कि, मध्य प्रदेश के विधायकों को बीते बुधवार को विशेष विमान से भोपाल से जयपुर भेजा गया था। जयपुर एयरपोर्ट से बस के जरिए इन्हें दोनों रिसॉर्ट भेजा गया। ब्यूरा विस्टा रिसॉर्ट जयपुर शहर से करीब 25 किमी और ट्री हाउस रिसॉर्ट 59 किमी की दूरी पर स्थित है। दोनों रिसॉर्ट के बीच करीब 34 कि.मी की दूरी है। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत भी रिसॉर्ट में इन विधायकों से मिलने पहुंचे थे। साथ ही, राजस्थान सरकार के मंत्री और विधायक भी इनसे मिलने लगातार पहुंच रहे हैं।

Saturday, March 14, 2020

3/14/2020 01:14:00 PM

सियासी उठा-पटक के बीच जयपुर में कांग्रेस विधायकों ने रिजॉर्ट में लगाए ठुमके वीडियो वायरल

राजस्थान। मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों भूचाल मचा हुआ है. सिंधिया के पाला बदलने के बाद उनके समर्थक विधायकों और मंत्रियों ने भी बगावत कर दी। कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छाने और विधायकों की टूट-फूट के बाद कांग्रेस ने अपने बाकी विधायकों को जयपुर के रिजॉर्ट में भेज दिया है. इस दौरान रिजॉर्ट का एक वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें विधायक प्रदेश की सियासी उठापटक को भूल कर राजस्थानी लोकनृत्य पर ठुमके लगाते दिख रहे हैं।
प्रदेश में मचे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर ब्यूना विस्टा रिसॉर्ट और ट्री हाउस रिसॉर्ट में शिफ्ट किया है. अब यह दोनों रिसोर्ट प्रदेश कांग्रेस का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं. बताया जा रहा है कि दोनों ही रिसॉर्ट में लग्जरी सुविधाएं मौजूद हैं।
बुधवार रात यहां विधायकों के मनोरंजन के लिए कालबेलिया नृत्य कार्यक्रम रखा गया था. जिसमें विधायक चिंतामुक्त होकर राजस्थानी लोकनृत्य पर का आनंद लेते हुए नाचते गाते नजर आ रहे हैं।
विधायकों का ठुमका लगाते हुए विडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि राजस्थान सरकार द्वारा विधायकों के मनोरंजन के लिए यह व्यवस्था की गई है, ताकि विधायक तनावमुक्त रहकर फ्लोर टेस्ट और राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग कर सके।
3/14/2020 01:06:00 PM

खाटू श्याम बाबा के दरबार पहुंचे मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक, लगाई अर्जी जानिए क्या हैं लोक मान्यताएं

सीकर. राजस्थान में आस्था और उम्मीद का नारा है- 'हारे का सहारा बाबा श्याम हमारा'. ये नारा सीकर के खाटू के प्रसिद्ध श्याम बाबा मंदिर में जन आस्था का नारा है. शुक्रवार को इसी सहारे की उम्मीद में कमलनाथ के मंत्री और कांग्रेस विधायक खाटू में बाबा श्याम के दरबार में पहुंचे और मत्था टेका बाबा श्याम से आशीर्वाद लिया. विधायकों ने कमलनाथ सरकार की सलामती की प्रार्थना की.
जानें यहां क्यों कहते हैं- हारे का सहारा खाटू श्याम हमारा:-
अब सवाल ये कि जयपुर में बाडेबंदी में रखे विधायकों को धार्मिक यात्रा के लिए सबसे पहले खाटू में बाबा श्याम के दरबार में क्यों ले जाया गया? उसकी एक वजह बाबा श्याम को लेकर लोक मान्यता है. बाबा श्याम दरअसल महाभारत के बार्बरिक का अवतार माने जाते हैं. महाभारत युद्ध में जब भगवान कृष्ण को ये लगा कि बार्बरिक इस युद्ध को सिर्फ तीन बाण में खत्म कर सकता है, तब कृष्ण को बार्बरिक के हाथों हार का डर सताने लगा. बार्बरिक कौरवों की तरफ थे, तब कृष्ण ने बार्बरिक की परीक्षा के दौरान उससे शीश वचन में मांगा. बार्बरिक ने वचन को निभाते हुए अपना शीश दिया था. उसी बार्बरिक को अब बाबा श्याम के रूप में पूजा जाता है.
विधायकों को उम्मीद- कमलनाथ सरकार का सहारा बनेंगे बाबा श्याम:-
इस मंदिर की पहचान सत्यनिष्ठा वचन पालक और  मनोकामना की पूर्णता के रूप में है. कमलनाथ सरकार को बचाने में जुटे कांग्रेस के सिपहसालार इसी उम्मीद में विधायकों को बाबा श्याम के दरबार में ले गए. इन्हें उम्मीद है कि बाबा श्याम कमलनाथ सरकार का सहारा बनेंगे. मंदिर पहुंचे विधायकों ने कहा, ''कमलनाथ सरकार के साथ थे और रहेंगे. हमने बाबा के दरबार में सरकार की सलामती की अर्जी लगाईं.

Thursday, March 12, 2020

3/12/2020 05:23:00 PM

जयपुर के रिसॉर्ट में रुके MP कांग्रेस के विधायकों में से एक विधायक की तबीयत बिगड़ी

जयपुर. राजस्थान के जयपुर में रुके मध्य प्रदेश के एक कांग्रेस विधायक की तबीयत अचानक खराब हो गई है. बताया जा रहा है कि शुगर लेवल कम होने से इस विधायक को घबराहट की शिकायत हुई है. इस रिसॉर्ट में डॉक्टर के मौजूद होने की जानकारी मिल रही है. खबर के अनुसार, रिसॉर्ट प्रबंधन बीमार विधायक का नाम नहीं बता रहा है. विधायक को बेहतर इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया जा सकता है. इसके लिए वहां एंबुलेंस भी मौजूद है. ताकि जल्द उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया जा सके. बता दें, मध्य प्रदेश कांग्रेस के कई विधायक जयपुर के रिसॉर्ट में रुके हुए हैं.
बता दें, मध्य प्रदेश में लगातार राजनीतिक उठापटक चल रही है. इस बीच वहां के कांग्रेस विधायकों को भोपाल से जयपुर लाए जाने की जानकारी मिली थी. सूचना है कि कांग्रेस के 92 विधायकों को जयपुर लाया गया है. यहां पहुंचे सारे कांग्रेसी विधायकों को जयपुर के रिसॉर्ट में ठहराया गया है. इन विधायकों को जयपुर लाने और लग्जरी बसों के जरिए रिसॉर्ट तक पहुंचाने और ठहराने की व्यवस्था में राजस्थान कांग्रेस के नेता और आला अफसर जुटे हुए थे. बताया जा रहा है कि कांग्रेस के इन विधायकों की जयपुर की दो रिसॉर्ट में रुकने का इंतजाम किया गया है.
3/12/2020 05:22:00 PM

सचिन पायलट ने सिंधिया की विदाई को बताया दुर्भाग्‍यपूर्ण, राजस्‍थान की राजनीति में अटकलें शुरू

राजस्थान। उप मुख्यमंत्री और युवा कांग्रेसी नेता सचिन पायलट ने ज्योतिरादित्य सिंधिया की कांग्रेस से विदाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा है कि वे चाहते हैं कि पार्टी के अंदर ही सहयोग के जरिए सभी मसले सुलझा लिए जाते.
सचिन पायलट के इस ट्वीट ने लोगों की कल्पनाओं को उड़ान दे दी है. ट्विटर पर कई यूजर्स ने सचिन पायलट की ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति संवेदना का जिक्र करते हुए मामले के पार्टी के अंदर न सुलझाए जा सकने की बात को शिकायत जैसा माना है.
सचिन पायलट ने ज्योतिरादित्य की विदाई को बताया दुर्भाग्यपूर्ण:-
सचिन पायलट ने अपने ट्वीट में लिखा है- "भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से ज्योतिरादित्य सिंधिया की विदाई दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं चाहता हूं कि पार्टी के अंदर ही आपसी सहयोग से मसले सुलझाए जा सकते हैंं.
अब कमलनाथ सरकार पर मंडरा रहे हैं संकट के बादल:-
बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल हो जाने और कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार लगभग एक साल  बाद ही जाने की कगार पर है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर मध्य प्रदेश विधानसभा में फ्लोर टेस्ट की नौबत आई तो क्या कमलनाथ बहुमत साबित कर पाएंगे? क्योंकि पिछले साल कर्नाटक में भी कांग्रेस-जद (एस) सरकार को बीजेपी ने विदा कर दिया था.
वर्तमान में मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 230 सीटें हैं. जिसमें से दो सीटें खाली हो जाने के बाद कुल 228 सीटे हैं. बहुमत के लिए 115 सीटों की जरुरत थी. मौजूदा कमलनाथ सरकार को 121 विधायकों का बहुमत हासिल था. इसमें 114 कांग्रेस, 2 बहुजन समाज पार्टी (BSP), एक समाजवादी पार्टी (SP) और चार निर्दलीय विधायकों का बहुमत शामिल था. लेकिन कांग्रेस के 22 विधायकों के इस्तीफा देने के बाद सियासी गणित बदल गया है.

Wednesday, March 11, 2020

3/11/2020 10:16:00 AM

MP के बाद BJP के निशाने पर राजस्‍थान! सूत्रों का दावा- संपर्क में हैं कांग्रेस के तीन दर्जन विधायक

जयपुर. मध्‍य प्रदेश के बाद कांग्रेस शासित एक और बड़े प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं. मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्‍यमंत्री सचिन पायलट के बीच विधानसभा चुनाव में जीत के बाद से ही कुछ महत्‍वपूर्ण मसलों पर मतभेद रहे हैं. अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राजस्‍थान इकाई से जुड़े सूत्रों ने नया दावा कर सबको चौंका दिया है. उनका दावा है कि कांग्रेस के तीन दर्जन असंतुष्‍ट विधायक भाजपा के संपर्क में हैं. बीजेपी सूत्रों के दावे पर भरोसा किया जाए तो मध्‍य प्रदेश में सीएम कमलनाथ की तरह ही राजस्‍थान में भी मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार खतरे में है.
सचिन पायलट सीएम गहलोत से नाराज:-
सूत्रों की मानें तो प्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री सचिन पायलट मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज हैं. बताया जाता है कि पायलट कांग्रेस आलाकमान से गहलोत की शिकायत भी कर चुके हैं. डिप्‍टी सीएम पायलट के अलावा उनके पक्ष के विधायक भी अशोक गहलोत से खफा बताए जाते हैं. हाल ही में विधानसभा में भी पायलट कैंप के कई विधायक गहलोत सरकार पर सवाल उठा चुके हैं. बता दें कि विधानसभा चुनाव के बाद अशोक गहलोत को राजस्‍थान की कमान सौंपने के बाद ही पायलट और उनके बीच तल्‍खी चली आ रही है. इस बीच, बीजेपी के सूत्रों ने राजस्‍थान कांग्रेस के तीन दर्जन असंतुष्‍ट विधायकों के भाजपा के संपर्क में होने का दावा कर दिया है.
यह है विधानसभा का मौजूदा गणित:-
राजस्‍थान में विधानसभा की कुल 200 सीटे हैं, ऐसे में सरकार बनाने के लिए 101 विधायकों की जरूरत होती है. वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत हासिल की थी. सहयोगी और निर्दलीय विधायकों की मदद से कांग्रेस ने आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया. दूसरी तरफ, वष 2013 में प्रचंड बहुमत के साथ राजस्‍थान की सत्‍ता में आने वाली BJP को महज 73 सीटें ही मिल सकी थीं. लिहाजा, चुनाव के बाद भाजपा को विपक्ष में बैठना पड़ा. इन दोनों दलों के अलावा बसपा के खाते में 6 और राष्‍ट्रीय दल के हिस्‍से में एक सीट आई थी.

Saturday, February 29, 2020

2/29/2020 05:17:00 PM

10 सालों से जानवरों के बाड़े में भाई ने जंजीरों से कैद कर रखा है बहन को, ये है वजह

बारां: जिले के आदिवासी क्षेत्र शाहाबाद के मामोनी गांव की एक महिला किरण मेहता पहले आम लोगों की तरह अपनी जिंदगी जी रही थी. वहीं, शादी के बाद क्षेत्र के खटका गांव में ही उसका एक छोटा सा परिवार था. महिला के दो पुत्र और एक बेटी भी हैं लेकिन पिछले 10 वर्षों से महिला मानसिक रूप से रोगी हो गई.
महिला के भाई राकेश ने बताया कि उसकी बड़ी बहन किरण (40 साल) की शादी पास ही खटका गांव में की थी. वह अपने पति और तीन बच्चों के साथ खुशहाली से अपना जीवन जी रही थी. पति का भी निधन हो गया. यह बहन अपने बच्चों के साथ यहीं रह रही है. पिछले 10 साल से ग्वालियर, कोटा समेत कई जगह इलाज करवाया लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं हुई. कुछ साल पहले उसके पति भी गुजर गए, जिसके बाद घर वालों ने भी उसका इलाज कराने की कोशिश की लेकिन आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने से और अच्छा इलाज नही करा पा रहे हैं.मजूबरी में इसे जंजीरों से बांधकर रखा जाता है. भाई का कहना है कि उसको निकाल देने के बाद वह लोगों को पत्थर मारती है और कहीं भी निकल जाती है इसलिए मजबूरी बस हमने जंजीरों से बांधकर रखा हुआ है.
पीड़ित किरण मेहता पिछले 10 वर्षों से जानवरों से भी बदतर जिंदगी जी रही है. वह उसके घर के बारे में ही एक पेड़ के नीचे लोहे की जंजीरों से बंधी रहती है और उसके परिजन सुबह-शाम खाना खिला देते हैं. गर्मी, सर्दी, बरसात में इसी तरह से जंजीरों से बंधी रहती है लेकिन जिम्मेदार प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा.

Thursday, February 27, 2020

2/27/2020 10:33:00 AM

बाप-बेटे, चाचा, ताऊ... जब एक साथ जलीं 24 चिताएं... हर आंख हो गई नम

कोटा। राजस्थान के बूंदी बस हादसे में मारे गए 24 लोगों के शव कोटा के जवाहर नगर पहुंचे तो चारों तरफ कोहराम मच गया। ये सभी घर से भात की रस्म के लिए सवाई माधोपुर जा रहे थे, लेकिन जब 9 ऐंबुलेंस में लौटकर आए तो परिवार और पड़ोसियों की चीखें निकल गईं। मरने वालों में से 21 आपस में रिश्तेदार थे, जिनका अंतिम संस्कार भी एक साथ हुआ। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी हादसे की सूचना पाकर कोटा पहुंचे। एक साथ इतनी चिताओं को जलते देख ओम बिरला की आंखें भी नम हो गईं।

सभी 21 रिश्तेदारों का अंतिम संस्कार किशोरपुरा मुक्तिधाम में हुआ। मरने वालों में दो परिवार ऐसे थे, जिनमें पति-पत्नी और उनके एक-एक बच्चे की भी हादसे में मौत हो गई। वे सभी घर से भात की रस्म में गए थे, जिसमें होने वाली दुलहन की मां को भेंट दी जाती है। इसके अलावा 2 शवों को बारां जिले के पलायथा गांव और कोटा के श्रीनाथपुरम इलाके में भेज दिया गया। वहीं 4 साल की कन्नू के शव को दफनाया गया।
बच्चों की परीक्षा के कारण रस्म में नहीं गया परिवार
वहीं दो भाई अशोक और नरेश का परिवार बच्चों की परीक्षा के कारण भात में नहीं गया था। इसलिए हादसे में इनका परिवार तो बच गया, लेकिन इनकी दो बहनों की मौत हो गई। दोनों शादीशुदा थीं। मरने वालों में अधिकतर रिश्तेदार थे और कोटा में अलग-अलग रहते थे। परिजनों ने तय किया सभी का अंतिम संस्कार नरेश और अशोक के घर से होगा। सभी 21 शवों को यहां लाया गया और अंतिम यात्रा निकाली गई।
ओम बिरला भी पहुंचे श्मशान घाट:-
हादसे की सूचना पाकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी कोटा पहुंचे। लोकसभा अध्यक्ष एयरपोर्ट से सीधे किशोरपुरा मुक्तिधाम पहुंचे और अंत्येष्टि में शामिल हुए। एक साथ इतनी चिताओं को जलते देख लोकसभा अध्यक्ष की आंखें भी नम हो गईं।

लोकसभा स्पीकर बिरला की आंखें भी नम
बुधवार सुबह हुआ था हादसा:-
बता दें कि बस बुधवार को कोटा से सवाईमाधोपुर करीब 28 बारातियों को लेकर जा रही थी। रास्ते में बूंदी जिले के लखेरी में पापड़ी गांव के पास एक पुल पर सुबह करीब 10 बजे बस चालक का नियंत्रण खो गया और बस मेज नदी में जा गिरी। 13 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 11 ने अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया। बताया गया है कि जिस पुल पर यह हादसा हुआ, उस पर कोई रेलिंग नहीं थी।
मृतकों को 2-2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान:-
इसके बाद सीनियर पुलिस अधिकारी और राहत एवं बचावकर्मी भी मौके पर पहुंचे। हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया गया।

Wednesday, February 26, 2020

2/26/2020 01:08:00 PM

ब्रेकिंग न्यूज:- बड़ा BUS हादसा, नदी में बस गिरने से 30 यात्रियों की मौत, रेस्क्यू जारी NDRF की टीम पहुची- VIDEO

बूंदी (राजस्थान)। जिले के लाखेरी से बस हादसे की बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां एक यात्री बस के मेज नदी में गिरने का दर्दनाक हादसा सामने आया है. इस बस हादसे में 30 लोगों की पानी में डूबने से मौत हो गई है. ये बस कोटा से सवाई माधोपुर जा रही थी. हादसे की वजह टायर का फटना बताया जा रहा है.
मौके पर हड़कंप मचा हुआ है. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. जानकारी के अनुसार, बूंदी के लाखेरी में एक निजी बस मेज नदी में गिर गई. इस यात्री में काफी संख्या में यात्री सवार थे. मौके पर स्थानीयों समेत अन्य प्रशासन ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. मौके पर नदी के आर-पार सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई.
हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर अंतर सिंह और एसपी शिवराज सिंह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए. वहीं अभी तक मिली जानकारी के अनुसार, 30 लोगों की इस हादसे में मौत हो गई है. वहीं, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि कुछ लोग अभी भी फंसे हो सकते हैं.

हादसे को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शोक जताया है. ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा कि संसदीय क्षेत्र बूंदी के लाखेरी क्षेत्र में बस के नदी में गिरने से 35 से अधिक लोगों की मृत्यु के समाचार से मन दुखी और विचलित है. जिला प्रशासन से बात कर राहत कार्यों को गति देने के निर्देश दिए हैं. परमपिता दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें.
NDRF की टीम पहुंची मौके पर:-
बूंदी जिले के कलेक्टर अंतर सिंह नेहरा ने बताया कि सवाई माधोपुर जाने के दौरान रास्ते में यह हादसा हुआ. बस के नदी में गिरने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची. एनडीआरएफ की टीम बचाव व राहत कार्य में जुटी हुई है. अब तक 12-13 शव बाहर निकाले जा चुके हैं और बस में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
भांजी की शादी में मायरा लेकर जा हा था मुरारी का परिवार:-
जानकारी के अनुसार बस में कोटा के मुरारी लाल धोबी अपने परिवार के साथ सवाई माधोपुर जा रहे थे. वहां उनकी भांजी की शादी थी और वो मायरा लेकर परिजनों और करीबियों के साथ जा रहे थे. इसी दौरान रास्ते में यह हादसा हो गया. हादसे के बाद घटनास्थल पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई. स्थानीय लोग भी राहत एवं बचाव कार्य में लगे एनडीआरएफ की टीम के सदस्यों की मदद में जुटे हुए हैं.

Friday, February 21, 2020

2/21/2020 07:07:00 AM

दलित युवक को बंधक बनाकर पीटा, प्राईवेट पार्ट में डाला PETROL, वीडियो VIRAL होने पर पांच आरोपी गिरफ्तार

नागौर। राजस्थान के नागौर जिले के पांचौड़ी थाना क्षेत्र के करणू गांव में दबंगों द्वारा एक मोटरसाइकिल एंजेंसी में युवक के साथ बर्बरता करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि युवक के साथ पहले मारपीट की गई और उसके बाद पीड़ि‍त के प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाल दिया गया. गत रविवार को हुई इस घटना का वीडियो 19 फरवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. एसपी के निर्देश पर आनन-फानन में पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की. नागौर के डीएसपी की मौजूदगी में दलित युवक की रिपोर्ट पर भींव सिंह, आईदान सिंह, आसू सिंह, सवाई सिंह, लक्ष्मण सिंह, हनुमान सिंह और गणपतराम के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. मामले में बुधवार देर रात में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
पीड़ि‍त की भाई के सामने की बर्बरता:-
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपियो की हैवानियत नजर आ रही है. आरोपियों ने बर्बर तरीके से मारपीट की. आरोपियों ने पहले युवक के साथ हाथापाई की और इसके बाद बेल्ट और तारों से पीटा. इतने से भी मन नहीं भरा तो आरोपियों ने बारी-बारी से पीटा और बीच-बीच में युवक को पानी पिलाते रहे. आखिर में एक आरोपी ने पेचकस में कपड़ा लपेटा और उसे पेट्रोल से भिगोकर युवक के प्राईवेट पार्ट में डाल दिया. घटना के दौरान पीड़ित का चचेरा भाई भी उसके साथ था. आरोपियों ने उसे भी पीटा और एक तरफ बैठा दिया.
पीड़ि‍त ने जोड़े हाथ, फिर भी नहीं पसीजे:-
आरोपियों द्वारा की गई मारपीट के दौरान पीड़ित ने कई बार हाथ जोड़े और गुहार लगाई, चीख-चीख कर छोड़ने की बात कही, लेकिन आरोपियों ने उसकी नहीं सुनी. युवक के साथ लगातार मारपीट की जाती रही. आखिर में जब पीड़ित की हालत बिगड़ी तो उसके पड़ोसियों को फोन किया और बाद में निकट के तांतवास अस्पताल ले जाकर प्राथमिक ईलाज कराया और घर छोड़ दिया.
पांच आरोपी गिरफ्तार:-
वीडियो वायरल होने के बाद एसपी डॉ. विकास पाठक ने मामले में तत्परता दिखाते हुए तत्काल टीमें गठित कीं और वीडियो के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मामले में अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है.
चोरी का आरोप लगाकर की बर्बरता:-
पीड़ित ने रिपोर्ट में कहा कि वह करणू गांव में मोटरसाइकिल की एजेंसी पर अपनी बाइक की सर्विस कराने अपने चचेरे भाई के साथ गया था. वहां उस पर गल्ले से रुपए चोरी करने का आरोप लगाकर इस तरह की बर्बरता की गई.

Tuesday, February 18, 2020

2/18/2020 11:07:00 AM

एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, परिवहन विभाग के 8 अधिकारी गिरफ्तार 7 दलाल भी दबोचे

जयपुर (राजस्थान)। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने परिवहन विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग के 8 अधिकारियों और 7 दलालों को पकड़ा है. देर रात रविवार से जारी अब तक की कार्रवाई में करीब डेढ़ करोड़ रुपए नगद पकड़े गए हैं. उधर इस मामले में परिवहन मंत्री ने एंटी करप्शन ब्यूरो पर सवाल उठाए हैं.
परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार के पहले भी मामले सामने आए हैं. राजस्थान के एंटी करप्शन ब्यूरो ने पिछले 4 महीने से परिवहन विभाग के अधिकारियों के फोन सर्विलांस पर ले रखे थे, जिसमें पता चला था कि पूरा विभाग भ्रष्टाचार की बंधी पर चल रहा है. यह बंधी हर महीने की 16 तारीख को अधिकारियों में बांटी जाती थी. एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने देर रात इंस्पेक्टर उदयवीर को कथित दलाल मनीष  से 40 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया. दूसरे दलालों को देने जा रहे 1 लाख 20 हजार रुपये भी बरामद किए हैं.
बाद में रात भर के कार्रवाई के दौरान दूसरे 8 अधिकारियों और 6 दलालों को भी पकड़ा गया है. एंटी करप्शन ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि देर रात से कार्रवाई अभी भी जारी है. छापे में अहम दस्तावेज मिले हैं जिसके आधार पर और लोग भी पकड़े जा सकते हैं.
हर इंस्पेक्टर को मिला था टार्गेट:-
दरअसल यह पूरा खेल परिवहन विभाग में ओवरलोडिंग वाहन चलाने से लेकर सरकारी बसों की जगह निजी बस चलाने तक के खेल के लिए पैसे लेने का चल रहा था. पूछताछ से पता चला है कि हर इंस्पेक्टर को मासिक वसूली का टारगेट मिला हुआ था और यह बंधी परिवहन विभाग के दफ्तर से लेकर सचिवालय तक के अफसरों में जाती थी.
इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद परिवहन मंत्री कह रहे हैं कि केवल एक ही अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा गया है बाकियों को एंटी करप्शन विभाग ने घर में सोते हुए जगाया है और जो पैसे पकड़े हैं वह बिजनेसमैन के हैं. किसी भी निर्दोष अधिकारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.
निर्दोषों पर नहीं होनी चाहिए कार्रवाई:-
परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि बहुत सारे लोग हमारे पास मिलने आए थे जिनका कहना था कि उनके घर वालों को एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने बिना कुछ बरामद हुए उठा लिया है. ऐसे निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. इतने बड़े पैमाने पर परिवहन विभाग में फैले भ्रष्टाचार के सामने आने के बाद अब विपक्ष के साथ-साथ कांग्रेस के विधायक भी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. कांग्रेस विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार पूरी तरह से फैला है.
मंत्री ने जिस तरह से एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई पर सवाल उठाया है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि इस मामले में कांग्रेस की राजनीति गर्माएगी. जिन अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है वह सीधे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को रिपोर्ट करते हैं.

Tuesday, February 11, 2020

2/11/2020 06:55:00 AM

किशोरी के साथ TIK-TOK वीडियो बनाना युवक को पड़ा भारी, किशोरी के भाई ने निर्वस्त्र घुमाया, वीडियो किया वायरल

जयपुर. जवाहर नगर इलाके में शुक्रवार दोपहर शर्मसार कर देने वाली घटना हुई। यहां एक युवक ने नाबालिग किशोरी के साथ टिक-टॉक पर वीडियो बनाया तो किशोरी के भाई ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसे निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा। इसके बाद आरोपी उसका वीडियो बनाते हुए जवाहर नगर मुख्य सड़क से घुमाते हुए उसके घर तक ले गए। इतना ही नहीं उसका वीडियो तक वायरल कर दिया गया।
क्या है केस:- 
घटना के बाद लड़का डर के मारे घर में ही दुबका रहा। वीडियो वायरल हुआ तो अगले दिन शनिवार को पीड़ित परिवार वालों के साथ थाने में मामला दर्ज करवाने पहुंचा। किशोरी के भाई सहित तीन नामजद व अन्य के खिलाफ आईटी एक्ट और मारपीट का केस करवाया। पीड़ितों का आरोप है कि उनके पीछे ही दूसरा पक्ष भी थाने पहुंच गया। पीड़ित युवक पर भी एससी-एसटी और पॉक्सो में मामला दर्ज कराया गया है।
क्या है कहानी:- 
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित युवक टीला नंबर 5 और किशोरी टीला नंबर 3 की रहने वाली है। जवाहर नगर में एक होटल में काम करने के दौरान दोनों की पहचान हुई। युवक का किशोरी के साथ एक वीडियो टिक-टॉक पर अपलोड मिलने पर किशोरी के भाई को गुस्सा आ गया। वह शुक्रवार को युवक को काम के बहाने टीला नंबर 3 स्थित खान पर ले गया और घटना को अंजाम दिया।
यह हुई कार्रवाई:- 
रिपोर्ट दर्ज कराने के दौरान थाने में हंगामा हुआ तो पुलिस ने दोनों पक्षों के 4 लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया। वहीं, मारपीट और निर्वस्त्र करने वाले दो लोगों को रविवार को गिरफ्तार किया। मोबाइल से वीडियाे बनाने वाला आरोपी अब भी फरार है।
वीडियो सोशल मीडिया से अब तक नहीं हटा:- 
हैरत की बात ये है कि पुलिस घटना के दो दिन बीत जाने के बावजूद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा।
समाज का ये चेहरा हमें स्वीकार नहीं:-
4:06 मिनट का यह वीडियो तमाचा है हमारे समाज के इस चेहरे पर, युवक को निर्वस्त्र मेन रोड पर घुमाया जाता है। वीडियो में तमाशबीन लोग मुंह फेरते नजर आ रहे हैं। ठहाके-अट्‌टहास सुनाई दे रहे हैं, लेकिन इस बेशर्मी को रोकने की हिम्मत कोई नहीं दिखा रहा।
क्या समाज साइबर साइको हो रहा है:-
ऑनलाइन बदला- युवक के प्रति नाबालिग किशोरी के भाई का गुस्सा जायज हो सकता है। लेकिन विरोध का ऐसा ऑनलाइन बदला ठीक नहीं। इसकी शिकायत पुलिस में की जा सकती थी। हमारा जश्न, हमारी खुशी, हमारा गुस्सा सब ऑनलाइन हो रहा है, जो समाज के साइबर साइको होने की निशानी है।
युवक माफी मांगता रहा, किसी ने क्यों नहीं सुनी?
वीडियो में दिख रहे युवक के एक पैर में चप्पल थी, बाकी पूरा शरीर निर्वस्त्र। गाली-गलौज करते युवकों का रेला उसके पीछे चल रहा था। आरोपी बार-बार यही कह रहे थे कि बहुत शौक है तेरे को वीडियो बनाने का। शर्मनाक पहलू यह था कि सड़क पर घुमाते वक्त वीडियो में ठहाकों की आवाज साफ सुनाई दे रही थी। लेकिन कोई इस गुंडागर्दी को रोकने की हिम्मत नहीं कर पाया। लोग पूछ रहे थे- क्या हुआ? आरोपी जवाब देते रहे कि कुछ नहीं। आरोपी यही बोलते नजर आए कि आज तुझे फेमस करते हैं।
परिवार की युवती बोली- ये ठीक नहीं, शर्म करो!
पूरे वीडियो में पीड़ित युवक मुंह छिपाता रहा। हर बार यही कहता रहा। माफ कर दो, अब टिक-टॉक पर वीडियाे नहीं बनाऊंगा। वीडियो के आखिरी के 22 सेकंड में एक युवती आरोपियों का विरोध करते दिख रही है। वह कह रही है कि शर्म करो! ये क्या तरीका है? बच्चे के साथ ऐसा क्यों कर रहे हो? इस पर आरोपी कहता है कि मैं बताता हूं तरीका। इतने में युवती पीड़ित को भगाकर घर ले जाती है। बताया जा रहा है कि युवती पीड़ित के परिवार की सदस्य है।
2/11/2020 06:53:00 AM

बस और बोलेरो की टक्कर, 9 की मौत 15 लोग घायल, CM बोले दुखद घटना

जयपुरः राजस्थान में एक भीषण सड़क दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है जबकि 15 लोग घायल बताए जा रहे हैं. घटना भीलवाड़ा जिले की है. जिले के बोगोड इलाके में एक बोलेरो और बस की टक्कर हो गई. घायलों को जिले के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. घटना को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दुख जताया है. बोलेरो सवार लोग शादी समारोह से लौट रहे थे.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, ''मुझे भीषण सड़क दुर्घटना के बारे में जानकारी मिली. इस घटना में कई लोगों की मौत हो गई है. मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताता हूं और प्रार्थना करता हूं कि भगवान दुख की इस घड़ी में उन्हें सहनशक्ति दें. घायलों का सही से इलाज हो इसके लिए निर्देश दिया हूं.
ओवरटेक के चक्कर में घटी घटना:-
बोलेरो सवार लोग शादी समारोह में शरीक होने के बाद कोटा जिले की रामगंज मंडी के लिए रवाना हुए थे. जानकारी के मुताबिक ओवरटेक करने के चक्कर में बस ने बोलेरो के पीच्छे से टक्कर मार दी. टक्कर के बाद बस भी अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई.
शादी समारोह से लौट रहे थे बोलेरो सवार:-
मृतकों में 5 पुरुष, 3 महिला और एक नाबालिक शामिल है. सूचना मिलते ही जिला कलेक्‍टर राजेंद्र भट्ट, पुलिस अधिक्षक हरेंद्र महावर समेत कई आला अधिकारी हॉस्पिटल पहुंच गए. घायलों बोलेरो सवार ने बताया कि वह सभी एक शादी समारोह से लौट रहे थे.